घर-परिवार से मिलती इक पहचान
डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* घर-परिवार स्पर्धा विशेष…… रचना शिल्प-१३/१३सबको जीवन में खुशी,देता घर-परिवार है।बिन इसके मिलता नहीं,सपनों को आकार है॥ रहता जो परिवार में,वह पाता संस्कार है।मिट जाते दु:ख-दर्द भी,मिलता सबको प्यार है॥ माँ की ममता हो जहाँ,बाबा की फटकार हो।बच्चों की शैतानियाँ,ऐसा घर-परिवार हो॥ खुशियाँ हो हर एक दिन,दीवाली हर रात हो।साथ रहें माता-पिता,सबके … Read more