दुनिया सारी तुझको माने
प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ******************************************* गंगा-यमुना सी हर सरिता, प्रमुदित भावना।रोग, शोक, संताप हरे जो, पुलकित कामना॥ जल पूजित, सरिता भी पूजित, पूरण आस है।पापहारिणी, शापनाशिनी, सुख का वास है॥ हर मौसम, हर विपदा में भी, जग है मानता।तेरा जल मानो अमरत है, पूजा ठानता॥ पर्वत से तू बहकर आती, हित को साधती।दुनिया सारी,तुझको माने, … Read more