मेहनत से न भागता
डॉ.सत्यवान सौरभहिसार (हरियाणा)************************************ बजते घुँघरू बैल के,मानो गाये गीत।चप्पा चप्पा खिल उठे,पा हलधर की प्रीत॥ देता पानी खेत को,जागे सारी रात।चुनकर काँटे बांटता,फूलों की सौगात॥ आँधी खेल बिगाड़ती,मौसम दे अभिशाप।मेहनत से न भागता,सर्दी हो या ताप॥ बदल गया मौसम अहो,हारा-थका किसान।सूखे-सूखे खेत है,सूने बिन खलिहान॥ चूल्हा कैसे यूँ जले,रही न कौड़ी पास।रोते बच्चे देखकर,होता खूब … Read more