राष्ट्रवाद:एक अवलोकन व विवेचना

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ******************************************* उपरोक्त विचारों से स्पष्ट हो जाता है कि, भारत में राष्ट्रवाद का उदय और विकास उन परिस्थितियों में हुआ जो राष्ट्रवाद के मार्ग में सहायता प्रदान करने के स्थान पर बाधाएँ पैदा करती है। वास्तविकता यह है कि, भारतीय समाज की विभिन्नताओं में मौलिक एकता सदैव विद्यमान रही है और … Read more

‘जनभाषा में न्याय’ के लिए आयोग का गठन हो

डॉ. एम.एल. गुप्ता ‘आदित्य’मुम्बई(महाराष्ट्र)********************************************** राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा था कि “इससे बढ़कर जुल्म क्या हो सकता है कि मुझे अपने देश में इंसाफ पाने के लिए भी अंग्रेजी की मदद लेनी पड़े” लेकिन उनके समर्थन से बने प्रधानमंत्री उन्हीं का नाम लेकर बनी सरकार के नेतृत्व और लंबे शासन के बावजूद राष्ट्रपिता के विचारों … Read more

‘सकारात्मकता’ ही मानसिक अवसाद का इलाज

शशि दीपक कपूरमुंबई (महाराष्ट्र)************************************* आधुनिक समय में प्रत्येक व्यक्ति अपने-अपने संघर्षों से जूझ रहा है। एक से एक बढ़कर आकर्षित रहन-सहन, ऊँचे-ऊँचे पद पर स्वयं को आसीन करने की तीव्र इच्छा, उच्च शिक्षा के लिए अधिक से अधिक अंक प्राप्त करने की लालसा, परिवारिक रिश्तों में आपसी छोटी-छोटी बातों को लेकर तनाव, अनुवांशिक बीमारी, दीर्घकालीन … Read more

उनकी अहमियत को कभी नहीं भूलना

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** माता-पिता दिवस (२४ जुलाई) विशेष…. यह माता-पिता के प्रति सम्मान प्रकट करने और हमारे लिए किए गए त्याग के प्रति शुक्रिया कहने का दिन है।माता-पिता हर बच्चे-बड़े के लिए बड़े प्रिय होते हैं। कोई भी शख्स इस दुनिया में अपने माँ-बाप से बिछड़ना नहीं चाहता और इसी प्रेम को जाहिर करने के लिए … Read more

शिक्षा और चिकित्साःजबानी जमा-खर्च

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************************* वाराणसी में अखिल भारतीय शिक्षा समागम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंग्रेजों की औपनिवेशिक शिक्षा प्रणाली की दो-टूक आलोचना की और देशभर के शिक्षाशास्त्रियों से अनुरोध किया कि वे भारतीय शिक्षा प्रणाली को शोधमूलक बनाएं ताकि देश का आर्थिक और सामाजिक विकास तीव्र गति से हो सके। प्रधानमंत्री ने ठीक ही बात … Read more

मिट्टी से लोहपुरुष गढ़ने वाले गंगाधर तिलक

ललित गर्गदिल्ली ************************************** भारत की आजादी के लिए मिट्टी से लोहपुरुषों यानी सशक्त, शक्तिशाली एवं राष्ट्रभक्त इंसानों का निर्माण करने का श्रेय जिस महापुरुष को दिया जाता है, वह लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक है, जो स्वतंत्रता आंदोलन के समय देश की आशाओं के प्रतीक बने। उनके विचारों और कार्यों ने स्वतंत्रता संग्राम को एक नई … Read more

भूपिंदर सिंह:कोई अवधूत गाता था..!

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************** बीते जमाने के मशहूर पार्श्व गायक और ग़ज़ल गायक भूपिंदर सिंह की आवाज अल्प बीमारी के बाद हमेशा के लिए खामोश हो गई। इसी के साथ सिने संगीत के सुनहरे दौर का एक और चमकता सितारा बुझ गया। मोहम्मद रफी, किशोर कुमार, मन्ना डे, मुकेश, तलत महमूद जैसे महान पार्श्व गायकों के … Read more

अग्निवीर या अंग्रेजीवीर ?

डॉ. एम.एल. गुप्ता ‘आदित्य’मुम्बई(महाराष्ट्र)********************************************** पिछले दिनों सेना में जवानों की भर्ती संबंधी भारत सरकार की ‘अग्निवीर’ योजना पर खासा बवाल हुआ। अधिकांश विपक्षी दलों ने इसका जमकर विरोध किया और कई राज्यों में कई दिनों तक हिंसक घटनाओं में देश जलता रहा। इसके बावजूद ज्यादातर देशवासियों ने इसका मुखर या मौन समर्थन ही किया। जिन … Read more

पानी में जहरीले रसायन मिलना चिंताजनक

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** जहरीला रसायन निर्धारित सीमा से २९ से ८१ गुना अधिक पाया गया है। इस शोध में पूरे भारत से एकत्र पेयजल के नमूनों में ‘नोनीलफेनोल’ के २९.१ से ८०.५ पीपीबी (पार्ट्स प्रति बिलियन) पाए गए हैं, जो कीटनाशकों और चिकनाई वाले तेल एडिटिव्स में एक सूत्र के रूप में इस्तेमाल किया जाने वाला … Read more

जनसंख्या नियंत्रण अत्यंत आवश्यक

गोपाल मोहन मिश्रदरभंगा (बिहार)***************************************** जनसंख्या नियंत्रण एक महत्वपूर्ण राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा रहा है। देश में एक बड़ा वर्ग जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग लम्बे समय से कर रहा है। जनसंख्या मानव संसाधन है, क्योंकि मनुष्य उत्पादन करने के साथ ही जीवन की गुणवत्ता को भी संसाधनों के बेहतर उपयोग द्वारा बढ़ाता है। वास्तविक अर्थों … Read more