हम हिंदी वाले खुश होना भी भूल गए ?
अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश) ****************************************** लगता है हम हिंदी वाले खुश होना भी भूल गए हैं। हिंदी कथाकार, उपन्यासकार गीतांजलि श्री के मूल हिंदी ‘रेत समाधि’ के अंग्रेजी में अनुदित उपन्यास ‘टूम ऑफ सेंड’ को मिले प्रतिष्ठित बुकर पुरस्कार की सुखद बयार भी आपसी तू- तू मैं-मैं, खेमाई चश्मों और मेरे-तेरे के दुराग्रहों के बीच खोती लग … Read more