भारत का टटपूंजिया विपक्ष, निंदा के अलावा कुछ नहीं

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************************* राहुल गांधी ने लंदन जाकर भारत की राजनीति, सरकार, संघवाद, विदेश मंत्रालय आदि के बारे में जो बातें कहीं, वे नई नहीं हैं लेकिन सवाल यह है कि उन्हें विदेशों में जाकर क्या यह सब बोलना चाहिए ? भारत में रहते हुए वे सरकार की निंदा करें, यह बात तो समझ में … Read more

जल-संकट:व्यापक हित में विवेक से निर्णय आवश्यक

ललित गर्गदिल्ली ************************************** पिछले कई दिनों से गंभीर जल संकट से दिल्ली की जनता परेशान है। पानी की कमी से जूझ रहे लोग बूंद-बूंद पानी इकट्ठा कर रहे हैं और अपने पानी के डिब्बों को जंजीर से बांधकर रख रहे हैं। यह चिंताजनक इसलिए है कि अगर ऐसे ही हालात बने रहे तो यह संकट … Read more

बात कीजिए, संवाद साधिए

गोपाल मोहन मिश्रदरभंगा (बिहार)***************************************** निरंतर संवाद एक मनोवैज्ञानिक चिकित्सा के समान है, जो लोगों को अकेलेपन और नैराश्य से दूर रखता है। संवाद मानसिक संबल प्रदान करने के साथ-साथ सुरक्षा भी प्रदान करता है। इससे समाज में होने वाली कई दु:खद घटनाओं को रोका जा सकता है।कुछ समय पहले सामाजिक संचार माध्यम पर एक चल-चित्र … Read more

कांग्रेस:बहुसंख्यक मतदाता को फिर जोड़ने की असल चुनौती

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************** देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस के ‘नवसंकल्प चिंतन शिविर’ में दल के बुनियादी मसलों और चुनौतियों से निपटने को लेकर ठोस निष्कर्ष भले न निकला हो, लेकिन यह संदेश देने की कोशिश जरूर की है कि कांग्रेस जिन अंतर्विरोधों से गुजर रही है, उन्हें गंभीरता से लेने का वक्त आ … Read more

समकालीन सद्भावना और मानवता में फंसा लेखक

शशि दीपक कपूरमुंबई (महाराष्ट्र)************************************* आज का विषय बेहद ही रोचकता से भरपूर है। गोष्ठी में जब महोदया ने कहा, -“सद्भावना युक्त भावना से अपने विचार बिन्दु प्रेषित कीजिए। हमें सद्भावना और मानवता का जागरण के लिए ही साहित्य सेवा में कार्य करना है। प्रेम और खुशी को बाटँना है।”लेखक होने के नाते स्वयं को किसी … Read more

भारत में इलाज का इलाज कैसे हो ?

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************************* भारत में सरकारी अस्पतालों को देखकर हमारे केंद्र और राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों को जरा भी शर्म क्यों नहीं आती ? ऐसा नहीं है कि उन्हें इनकी हालत का पता नहीं है। उन्हें अगर पता नहीं है तो वे ‘राष्ट्रीय पारिवारिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण-५’ की ताजा रपट जरा देख लें। उसके मुताबिक बिहार … Read more

ध्यान रखें ग्रीष्म में, वरना…

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** देश के अधिकांश भागों में भयंकर गर्मी पड़ रही है। खासकर सम्पूर्ण उत्तर भारत के साथ मध्य व पश्चिम भारत में तो सबेरे ८ बजे से ही गर्म हवा चलनी शुरू हो जाती है, जो देर शाम तक अनवरत जारी रहती है। जब तापमान बहुत ज्यादा हो, तब दवा-इलाज से अच्छा … Read more

चिंतन शिविर: मुद्रा और मत की चिंता

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ************************************************** कांग्रेस का चिंतन-शिविर आयोजित किया जा रहा है। सबसे आश्चर्य तो यह जानकर हुआ कि इस जमावड़े का नाम चिंतन-शिविर रखा गया है। हमारे नेता और चिंतन! इन दो शब्दों की यह जोड़ी तो बिल्कुल बेमेल है। भला, नेताओं का चिंतन से क्या लेना-देना ? छोटी-मोटी प्रांतीय पार्टियों की बात जाने दें, … Read more

देश की दिशा और भविष्य

शशि दीपक कपूरमुंबई (महाराष्ट्र)************************************* ‘आज हम जो भी करेंगे, उससे देश की दिशा और भविष्य तय होगा’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए इस विचार के संबंध में एक विचार कुछ इस तरह से है कि सत्य वचन, भूत वर्तमान का बीता हुआ अंश होता है, भविष्य वर्तमान का आने वाला अंश होता है। यह … Read more

भविष्य की सांस्कृतिक आहट है ‘बुलडोजर’ ?

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************** संवेदनशील कवि बसंत सकरगाए ने अपनी ताजा कविता में एक बुलडोजर-सा सवाल उठाया है-‘अब, जबकि एक यंत्रबाक़ायदा शामिल हो चुका हैतथाकथित धर्मयुद्ध के षड्यंत्र मेंजैसे हमारा राष्ट्रीय पशु बाघ हैराष्ट्रीय पक्षी मोरहॉकी राष्ट्रीय खेल हमारातो बुलडोज़र क्यों नहीं हो सकताराष्ट्रीय यंत्र हमारा ?’दरअसल १०० साल पहले बुलडोजर जैसी भीमकाय मशीन ईजाद करने … Read more