राम की कीर्ति वनवास में!

योगेन्द्र प्रसाद मिश्र (जे.पी. मिश्र)पटना (बिहार)********************************************************************* राम जन्मभूमि मंदिर के लिए यह संयोग ही है कि भूमिपूजन उस ५ अगस्त को हुआ,जिस ५ को गत वर्ष जम्मू-कश्मीर राज्य से संविधान की ३७० ए धारा उठा ली गई और जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख को केन्द्र शासित प्रदेश बना दिया गया। इसकी प्रतिक्रिया में पाकिस्तान में खलबली मची … Read more

कश्मीर:हालात पैदा करें कि आतंकवाद खत्म हो और पंडितों की वापसी हो

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ********************************************************************** कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री डाॅ. फारुक अब्दुल्ला ने गजब की बात कह दी है। उन्होंने कश्मीर के पंडितोें की वापसी का स्वागत किया है। कश्मीर से ३० साल पहले लगभग६-७ लाख पंडित लोग भागकर देश के कई प्रांतों में रहने लगे थे। अब तो कश्मीर के बाहर इनकी दूसरी और तीसरी पीढ़ी … Read more

मायने रखते हैं बिहारी भी,अपमान अनुचित

गोपाल मोहन मिश्रदरभंगा (बिहार)******************************************************************* गलवान की घाटी में माँ भारती की रक्षा करते हुए बिहार रेजिमेंट के २० योद्धा लड़ते-लड़ते शहीद हो गये। भारतीय संविधान को लिखने की अंग्रेजों की चुनौती को स्वतंत्र भारत के प्रथम महामहिम स्व. डॉ.राजेन्द्र प्रसाद ने विजयी अंदाज में स्वीकार किया,जो ठेठ बिहारी थे। ऐसा बिहार जो कभी भी भारत … Read more

मातृभाषा के बिना शिक्षा नीति अपंग

निर्मलकुमार पाटोदीइन्दौर(मध्यप्रदेश)************************************************** शिक्षा नीति-२०२० नई शिक्षा नीति पर प्रधानमंत्री के हस्तक्षेप के बाद केबिनेट की बैठक में अंतत: मंज़ूरी मिल जाने से एक बड़ी यह चिंता दूर हो गई है कि सरकार का कार्यकाल बीत जाता और और सारी मेहनत व्यर्थ रह जाती।कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता वाली शिक्षा नीति समिति के मूल प्रस्तावों को सरकार ने … Read more

‘कोरोना’ का इलाज ‘पापड़’ या ‘टीका’ ?

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ***************************************************************** चाहे तो इसे ‘सदी का सबसे बड़ा भ्रम’ कह लें। ‘भ्रम’ ये कि जब देश में ‘कोरोना’ इलाज के इतने देसी नुस्खे तैयार हैं तो फिर मोदी सरकार कोरोना टीका तैयार करवाने में वक्त और पैसा क्यों ‘बर्बाद’ करने में लगी है ? हमारे वैज्ञानिक क्यों अपना पसीना बहा रहे हैं ? … Read more

बहुत जरूरत है दायित्वों से बंधी राखी के सम्मान की

ललित गर्गदिल्ली ******************************************************************* रक्षाबंधन पर्व विशेष……….. रक्षाबन्धन हिन्दू धर्म का प्रमुख सांस्कृतिक, सामाजिक और पारिवारिक पर्व है। यह आपसी संबंधों की एकबद्धता,प्रेम एवं एकसूत्रता का सांस्कृतिक उपक्रम है। प्यार के धागों का यह एक ऐसा पर्व है,जो घर-घर मानवीय रिश्तों में नवीन ऊर्जा का संचार करता है। यह जीवन की प्रगति और मैत्री की ओर … Read more

अंतर्मन में सामंजस्य और विपत्ति में रक्षा की प्रतिबद्धता है ‘रक्षाबंधन’

योगेन्द्र प्रसाद मिश्र (जे.पी. मिश्र)पटना (बिहार)********************************************************************* रक्षाबंधन पर्व विशेष……….. ‘रक्षाबंधन या रक्षा कवच!येन बद्धो बलिराजा, दानवेंद्रो महाबल:,तेन्त्वाम् प्रतिबध्नामि, रक्षे माचल!माचल!!’श्रावण-पूर्णिमा के दिन एक रक्षा कवच बाँधने का विधान है,जिसे बोलचाल की भाषा में राखी कहते हैं। यह पर्व एक-दूसरे के प्रति आस्था जगाने,एक-दूसरे की रक्षा करने के लिए वचनबद्ध होने का है। भले कोई किसी … Read more

मानव हृदय की स्वार्थ की सोच दु:ख का कारण

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ********************************************************************** सृष्टि के निर्माणकर्ता हमारे देवता ब्रह्मा, विष्णु,महेश ने सृष्टि बनाने से पहले, इसके सुचारु रुप से संचालन के विषय में सोचा। इसी आशय से देवताओं ने बहुत से तत्व ऐसे बनाए जिन्हें सृष्टि का प्राणी महसूस तो करता है,परन्तु देख नही सकता। जैसे हवा,किरण, खुशबू,वक्त इत्यादि। ऐसे तत्व जीवन … Read more

पत्नी के कटु वचनों से बने तुलसीदास

इंदु भूषण बाली ‘परवाज़ मनावरी’ज्यौड़ियां(जम्मू कश्मीर) ******************************************************* महाकवि गोस्वामी तुलसीदास (२४ जुलाई) जयंती स्पर्धा विशेष महाकवि गोस्वामी तुलसीदास के जन्म स्थान के सम्बन्ध में विद्वानों में मतभेद हैं,लेकिन प्रचलित रुप से महाकवि तुलसीदास जी का जन्म चित्रकूट जिले के राजापुर ग्राम में माना जाता है। वह ब्राम्हण थे और उनके बचपन का नाम तुलाराम था, … Read more

इसी में पाकिस्तान का भला

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ********************************************************************** दक्षिण एशिया में आतंकी गतिविधियों पर संयुक्त राष्ट्र संघ की जो २६ वीं रपट आई है,उस पर सबसे ज्यादा ध्यान पाकिस्तान की इमरान सरकार का जाना चाहिए,क्योंकि इससे पता चलता है कि दुनिया में आतंकवाद का कोई गढ़ है तो वह पाकिस्तान ही है। पाकिस्तान में अल-कायदा और ‘इस्लामिक स्टेट’ के दफ्तर … Read more