भारतीयता की संजीवनी बूंटी थे स्वामी विवेकानन्द
ललित गर्गदिल्ली ******************************************************************* स्वामी विवेकानन्द पुण्यतिथि-४ जुलाई विशेष महापुरुषों की कीर्ति किसी एक युग तक सीमित नहीं रहती। उनका मानवहितकारी चिन्तन एवं कर्म कालजयी होता है और युगों-युगों तक समाज का मार्गदर्शन करता है। स्वामी विवेकानंद हमारे ऐसे ही एक प्रकाश स्तंभ हैं,वे भारतीय संस्कृति एवं भारतीयता के प्रखर प्रवक्ता,युगीन समस्याओं के समाधायक,अध्यात्म और विज्ञान … Read more