भारतीयता की संजीवनी बूंटी थे स्वामी विवेकानन्द

ललित गर्गदिल्ली ******************************************************************* स्वामी विवेकानन्द पुण्यतिथि-४ जुलाई विशेष महापुरुषों की कीर्ति किसी एक युग तक सीमित नहीं रहती। उनका मानवहितकारी चिन्तन एवं कर्म कालजयी होता है और युगों-युगों तक समाज का मार्गदर्शन करता है। स्वामी विवेकानंद हमारे ऐसे ही एक प्रकाश स्तंभ हैं,वे भारतीय संस्कृति एवं भारतीयता के प्रखर प्रवक्ता,युगीन समस्याओं के समाधायक,अध्यात्म और विज्ञान … Read more

भारत और चीन के कड़वाहट भरे रिश्ते

इंदु भूषण बाली ‘परवाज़ मनावरी’ज्यौड़ियां(जम्मू कश्मीर) ******************************************************* भारत और चीन के रिश्ते स्पर्धा विशेष…… सर्वविदित है कि भारत और चीन के रिश्तों में हमेशा कड़वाहट रही है। यह किसी से छुपी नहीं है,बल्कि जगजाहिर है।१९६२ के दशक में चीन ने भारत पर आक्रमण कर दिया था। फलस्वरूप भारत की जान-माल की अत्यंत हानि हुई थी,किन्तु … Read more

भारत-चीन के बिगड़ते रिश्ते और हमारी आत्मनिर्भरता

डॉ.पूर्णिमा मंडलोईइंदौर(मध्यप्रदेश) ***************************************************** भारत और चीन के रिश्ते स्पर्धा विशेष…… गलवन घाटी की घटना के बाद चीन को भारत कभी माफ नहीं करेगा। आज पूरा विश्व इस बात को समझ रहा है कि चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। चीन भारत की जमीन पर कब्जा करना चाहता है। ऐसी हरकत वह कई … Read more

भाजपा-कांग्रेस का आपसी दंगल

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ********************************************************************** यह हमारे लोकतंत्र की मेहरबानी है कि इस संकट की घड़ी में चीन का मुकाबला करने की बजाय हमारे राजनीतिक दल एक-दूसरे के साथ दंगल में उलझे हुए हैं। टी.वी. चैनलों पर जैसी अखाड़ेबाजी हमारे राजनीतिक दलों के प्रवक्ता करते रहते हैं,वह उन चैनलों का स्तर तो गिराती ही है,हमारी जनता को … Read more

तुम भी रहो,मैं भी-यही अहिंसा

आचार्य डाॅ. लोकेशमुनिनई दिल्ली(भारत) *********************************************************************** देश एवं दुनिया में राजनीतिक परिवेश ही नहीं बदला,बल्कि जन-जन के बीच का माहौल,मकसद,मूल्य और इरादा सभी कुछ परिस्थिति और परिवेश के परिप्रेक्ष्य में बदलता हुआ दिखाई दे रहा है,और यह बदलता दौर विभिन्न राष्ट्रों को नए अर्थ दे रहा है। न केवल सामान्य-जन के जीवन-स्तर में गुणात्मक सुधार आया … Read more

आत्मनिर्भर भारत ‘बिना हथियार का युद्ध’

डॉ. नीलम महेंद्रग्वालियर (मध्यप्रदेश)************************************* आजकल देश में सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों पर चीन को बहिष्कृत करने की मुहिम चल रही है। इससे पहले ‘कोविड-१९’ के परिणामस्वरूप जब देश की अर्थव्यवस्था पर वैश्वीकरण के दुष्प्रभाव सामने आने लगे थे तो प्रधानमंत्री ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ का मंत्र दिया था। उस समय यह मंत्र देश की अर्थव्यवस्था … Read more

अब ‘अंकीय खानाबदोशी’ का दौर…

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ***************************************************************** कोरोना काल में हम जिस घर पर काम(वर्क फ्रॉम होम) की कवायद सीख रहे थे,उसी दौरान दुनिया एक पायदान ऊपर चढ़कर खानाबदोश की तरह कहीं से भी काम(वर्क फ्राॅम एनीवेयर)को अपना रही थी। अब भारत में इस नई कार्य संस्कृति को लागू करने की शुरूआत देश के सबसे बड़े ‘स्टेट बैंक ऑफ … Read more

भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय आपातकाल

गोपाल मोहन मिश्रदरभंगा (बिहार)******************************************************************* २५ जून १९७५-यह तारीख भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में काला धब्बा हैI इस दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल लगाया था,जो २१ मार्च १९७७ तक यानि २१ महीने तक चलाI क्यों लगा आपातकाल और क्या रहा उसका असर ? आपातकाल की घोषणा कानून व्यवस्था बिगड़ने,बाहरी आक्रमण और वित्तीय … Read more

भारत और चीन अब आगे की सुध लें

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ********************************************************************** भारत और चीन के कोर कमांडरों की बैठक में दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी सेनाओं को पीछे हटाने पर सहमति व्यक्त की है। यह बैठक १०-११ घंटे तक चली। बैठक में क्या-क्या बातें तय हुई हैं,यह अभी विस्तार से पता नहीं चला है। कौन कितना पीछे हटेगा,कहां-कहां से हटेगा,हटने के बाद दोनों सेनाओं … Read more

हिन्दी के योद्धा: जॉन गिलक्रिस्ट

डॉ. अमरनाथ शर्माकलकत्ता (पश्चिम बंगाल)****************************************** विशेष श्रंखला:भारत भाषा सेनानी जॉन बोर्थविक गिलक्रिस्ट(जन्म-१९ जून १७५९)ऐसे पहले व्यक्ति हैं जिन्होंने हिन्दुस्तान की जातिय भाषा की सबसे पहले पहचान की,उसके महत्व को रेखांकित किया,भारत में उसके अध्ययन की नींव रखी,उसका व्याकरण बनाया और इंग्लिश-हिन्दुस्तानी कोष बनाकर अध्ययन करने वालों के लिए रास्ता आसान कर दिया। एडिनबरा में जन्म … Read more