आप जैसे पिता बनना चाहती हूँ…

सीमा जैन ‘निसर्ग’खड़गपुर (प.बंगाल)********************************* यादें…हम चाहें तो भी तुम्हें नहीं भूल सकते..!!तुमने हमें जीना सिखाया,खुश रहना सिखायाजिंदादिल बनाया।बहुत गर्व होता है कि, दुनिया की इतनी भीड़ में ईश्वर ने तुमको हमारे पिता बनाया।तुम्हारा वो फेवरेट-सा रेडियो जब गाना गाता था ना, “पंछी बनूं उड़ते फिरुं”…, हम तुम्हारी आँखों से दुनिया देखने लग जाते थे। तुम्हारे … Read more

न्याय मिलना चाहिए, यह जनभाषा में अधिकार की लड़ाई

प्रवीण कुमार जैनमुम्बई (महाराष्ट्र)****************************************** जनभाषा में न्याय…. डॉ. मोतीलाल गुप्ता ‘आदित्य’ जी, सादर नमस्कार।आपने जनभाषा में न्याय के अधिकार को लेकर जो अत्यंत विचारोत्तेजक, तथ्याधारित और संवेदनशील स्वर उठाया है, वह आज के समय की आवश्यकता भी है और भारत की आत्मा की पुकार भी। अधिवक्ता इंद्रदेव प्रसाद जैसे व्यक्तित्व, जो संविधान सम्मत, राज्य की … Read more

जीवन के रंगमंच में प्रभावी किरदार ‘पिता’

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ विश्व पिता दिवस (१५ जून) विशेष… ज़िन्दगी के बहुत सारे पल होते हैं, जो कभी खुशी, कभी ग़म देते हैं। हर तरफ मजमा लगा हुआ है, इस जीवन के रंगमंच में हर एक किरदार अपनी अपनी भूमिका निभा रहा है। कोई परदे के पीछे, कोई परदे के आगे, सभी अपना- … Read more

आर्थिक असमानता दूर करने का लक्ष्य हो सरकार का

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** भारत एक ओर जहां लगातार तेज वृद्धि करते हुए बीते दिनों जापान को पीछे छोड़ दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना, वहीं उपलब्धियों का सिलसिला जारी है औऱ दुनिया इसका लोहा मान रही है। अब एक और खुश करने वाली रिपोर्ट आई है, जो विश्व बैंक ने जारी की है, जिसमें … Read more

अंग्रेजी के नीचे कुचला गया हिंदी में न्याय मांगनेवाला एक अधिवक्ता

डॉ. मोतीलाल गुप्ता ‘आदित्य’मुम्बई(महाराष्ट्र)********************************************** क्रांति की भूमि, लोकनायक जयप्रकाश नारायण की भूमि, समग्र क्रांति आंदोलन की भूमि ‘बिहार’। वहाँ जनता की भाषा में राज्य और संघ की राजभाषा में न्याय मांगने पर इस तरह का अत्याचार, न्याय के गलियारों से अन्याय की बयार। केंद्र में राजभाषा हिंदी और भारतीय भाषाओं के प्रबल समर्थक प्रधानमंत्री नरेंद्र … Read more

विपक्षी दलों के नए चेहरों ने दी नई दिशा

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** ‘सिंदूर ऑपरेशन’ के बाद पाकिस्तान दुनिया से सहानुभूति बटोरने के लिए जहाँ विश्व समुदाय में अनेक भ्रम, भ्रांतियाँ फैलाते हुए एवं भारत की छवि को छिछालेदार करने में जुटा है, वहीं भारत का डर दिखा-दिखा कर ही पाक अनेक देशों से आर्थिक मदद मांग रहा है। इन्हीं स्थितियों को देखते हुए दुनिया … Read more

‘आकाशवाणी’ की गूंज:भारत में ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विकास

डॉ.शैलेश शुक्लाबेल्लारी (कर्नाटक)**************************************** ऑल इंडिया रेडियो नामकरण वर्षगाँठ (८जून) विशेष… भारत में रेडियो प्रसारण की शुरूआत एक ऐतिहासिक घटना के रूप में दर्ज है, जिसने संचार के आधुनिक युग का उद्घाटन किया। १९२३ में बॉम्बे रेडियो क्लब द्वारा की गई यह पहल उस समय की तकनीकी सीमाओं के भीतर एक क्रांतिकारी कदम था। यह प्रसारण … Read more

खाद्य पदार्थों का खेत से थाली तक हो सुरक्षित सफ़र

डॉ.शैलेश शुक्लाबेल्लारी (कर्नाटक)**************************************** ‘विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस’ (७ जून) विशेष… हर साल ७ जून को मनाया जाने वाला ‘विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस’ न केवल उपभोक्ताओं को सुरक्षित भोजन के प्रति जागरूक करने का अवसर है, बल्कि यह पूरी वैश्विक खाद्य प्रणाली की समीक्षा करने का भी क्षण है। आज जब विज्ञान और तकनीक का स्तर … Read more

बढ़ता प्लास्टिक प्रदूषण दुनिया की जटिल पर्यावरण समस्या

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** बढ़ते तापमान, बदलते जलवायु एवं वैश्विक ताप की वजह से हिम खंड तेजी से पिघल कर समुद्र का जलस्तर तीव्रगति से बढ़ा रहे हैं, जिससे समुद्र किनारे बसे अनेक नगरों-महानगरों के डूबने का खतरा मंडराने लगा है। इंसानों को प्रकृति, पृथ्वी एवं पर्यावरण के प्रति सचेत करने के लिए ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ … Read more

मातृभाषा में शिक्षा के बड़े लाभ

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)************************************ नई शिक्षा नीति… स्थानीय से वैश्विक की अवधारणा को ध्यान में रखते हुए नौनिहालों को आँगनवाड़ी से मातृभाषा में शिक्षित और दीक्षित करने की पहल नई शिक्षा नीति में की गई है. इसे लेकर अभी लोगों के मन में अनेक तरह की दुष्चिंताओं के साथ-साथ लोगों का यह भी विचार है, कि … Read more