आप जैसे पिता बनना चाहती हूँ…
सीमा जैन ‘निसर्ग’खड़गपुर (प.बंगाल)********************************* यादें…हम चाहें तो भी तुम्हें नहीं भूल सकते..!!तुमने हमें जीना सिखाया,खुश रहना सिखायाजिंदादिल बनाया।बहुत गर्व होता है कि, दुनिया की इतनी भीड़ में ईश्वर ने तुमको हमारे पिता बनाया।तुम्हारा वो फेवरेट-सा रेडियो जब गाना गाता था ना, “पंछी बनूं उड़ते फिरुं”…, हम तुम्हारी आँखों से दुनिया देखने लग जाते थे। तुम्हारे … Read more