भारत का स्वर्णिम युग

रत्ना बापुलीलखनऊ (उत्तरप्रदेश)***************************************** आजाद भारत की उड़ान… मनुष्य का मन एक ऐसा पंख पखेरू है, जो हमेशा उड़ने को तत्पर रहता है, और यही उड़ान उसे उपलब्धि भी प्रदान करती है। यदि मनुष्य ने उड़ने की कल्पना की तो उसको सत्य की धरती पर भी हवाई जहाज के रूप में उतारा ।आज हम भारत का … Read more

भारत-विजय का घोष बनाएं चन्द्र-विजय को

ललित गर्गदिल्ली************************************** असाधारण दबावों और चुनौतियों का सामना करते हुए ‘इसरो’ ने चंद्रयान-३ के विक्रम लैंडर को चंद्रमा की ७० डिग्री दक्षिणी अक्षांश रेखा के पास बिल्कुल सटीक तरीके से उतार कर भारत ने विलक्षण इतिहास तो रचा ही है, दुनिया में भारत विरोधी शक्तियों का मुँह भी बंद कर दिया है। अब भारत गरीबी … Read more

चंदा मामा पास के

डॉ. विकास दवेइंदौर(मध्य प्रदेश ) ******************************************** भारतीय बाल साहित्य में वर्षों से चंदा ‘मामा’ को इसी विशेषण के साथ हम सबने प्रेम से मामा का स्थान दिया है। इसी रिश्ते को बलवती बनाते हुए सैकड़ों कविताएं रची गई। कभी पूर्णिमा से अमावस की ओर जाते मामा को रूठते हुए मामा कहा गया, तो कभी तिथि … Read more

समय की मांग है संयम और नैतिकता

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)********************************************* संयम और नैतिकता के बूते ही जीवन सुखमय तो होता ही है, साथ-साथ सम्मानजनक भी। सभी जानते हैं कि, विलासिता से अनेक अवगुण स्वत: ही अपने-आप विकसित हो जाते हैं और इनसे बचने के लिए संयम ही एक कारगर हथियार है, लेकिन हमें सुख जितना पसन्द है, उतना संयम नहीं; क्योंकि … Read more

उत्साह से सकारात्मक रहकर पाएं सफलता

ललित गर्गदिल्ली************************************** आप आज जहां हैं, जाहिर है कि अपने काम करने के खास तरीके के कारण हैं। आपका स्वास्थ्य, रुपए-पैसे की स्थिति, रिश्ते और करियर वगैरह सब, आपकी कार्यप्रणाली और निर्णयों का नतीजा हैं। ऐसे में महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि, आप जहां हैं, क्या उस पड़ाव पर खुश हैं ? अगर आप यूँ … Read more

स्वावलंबन से ही राष्ट्र पुनर्निर्माण संभव

डॉ. पुनीत कुमार द्विवेदीइंदौर (मध्यप्रदेश)********************************** ‘विश्व उद्यमी दिवस’ (२१ अगस्त) विशेष… ‘विश्व उद्यमी दिवस’ विशेष तौर पर विश्व के उद्योग और व्यापार क्षेत्र के उद्यमियों के महत्व को मान्यता देने वाला एक महत्वपूर्ण दिन है। यह दिन मनाकर हम उन सभी महान उद्यमियों को याद करते हैं, जिन्होंने पहल, संघर्ष और मेहनत के माध्यम से … Read more

स्वतंत्रता:नैतिकता और देशभक्ति की बहुत जरुरत

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)******************************************* चिंतन…. स्वतंत्रता की भूमिका हमारे देश में १८५७ से शुरू हुई थी, जिसमें मंगल पांडेय, झाँसी की रानी जैसे हजारों लोगों ने अपने जीवन का बलिदान दिया था। उस समय एक ही लक्ष्य था कि, हमें गुलामी की जंजीरों से मुक्त होना है। अथक प्रयास और कुर्बानियों का सिलसिला चला जा रहा था। … Read more

अब हो नया सवेरा

ललित गर्गदिल्ली************************************** ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ मनाने के बाद शताब्दी वर्ष की ओर अग्रसर होते हुए एक बड़ा एवं बुनियादी प्रश्न खड़ा है कि, क्या हम वास्तविक रूप में आजाद हैं ? सवाल यह भी कि, क्या हम आजादी के सही मायने जानते हैं ? क्या हम आजादी का सही अर्थ समझ पाए हैं ? … Read more

खुशियाँ पाएं ‘मित्रता’ के बीज बोकर

ललित गर्गदिल्ली************************************** एक-दूसरे से जुड़े रहकर जीवन को खुशहाल बनाना और दिल में जादुई संवेदनाओं को जगाना है तो उनके लिए एक रिश्ता है दोस्ती का। मित्र, सखा, दोस्त, चाहे किसी भी नाम से पुकारो, दोस्त की कोई एक परिभाषा हो ही नहीं सकती। हमें तन्हाई का कोई साथी चाहिए, खुशियों का कोई राजदार चाहिए … Read more

स्वास्थ्यवर्धक सर्वोत्तम औषधि ‘पानी’

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)******************************************* अशुद्ध पानी हमारे लिए बीमारियों का सुगम स्त्रोत है, तो शुद्ध पानी सर्वोत्तम औषधि है। पानी प्राप्त करने के कई स्त्रोत हैं, पर वर्षा का जल सर्वोत्तम होता है।आकाश से गिरा हुआ जल, समय के अनुसार गमन करने वाले चन्द्रमा, वायु, सूर्य से स्पर्श हो जाने के बाद समीप के पृथ्वी गुण के … Read more