मुस्कुराती कली गुलाब की

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)****************************** खिली कली, खिलकर हँसी,क्षण-क्षण मुस्कुराती रहीगुलाब की नन्हीं-सी कली,काँटों के बीच भी खिलती रही। हँसती रही, मुस्कुराती रही,काँटों के ऊपर रहकर भीदिखला दी जग को यह बात,हिम्मत से खिलती हर रात। मैं नन्हीं ही सही,पर हूँ किसी से कम नहींचाहे कितने भी संकट आएँ,चाहे कितने भी दर्द सताएँ। शूल चुभें राहों … Read more

गुरु ज्ञान भरे

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* गुरु ज्ञान भरे, गुरु ज्ञान जगाएँ, जीवन-पथ दिखलाते हैं,अज्ञान-तिमिर के घोर कुहासे में  शुभ दीप जलाते हैंस्वार्थ-साधना से दूर हटाकर नित  सत्य-सुधा बरसाते,गुरु के पावन चरण-स्पर्श से भाग्य स्वयं मुस्काते हैं। आलोकित शिक्षक हृदय भरे, वैदिक उर-दीप जलाता है,गिरते हुए मनुज को फिर से वह  उठना सुपथ सिखाता हैशिक्षा केवल शब्द नहीं है, जीवन  जीने की विधि समझें,सद्गुरु का आदर्श चरित्र ही … Read more

कैसा यह संसार रे मनवा…

प्रीति तिवारी कश्मीरा ‘वंदना शिवदासी’सहारनपुर (उप्र)************************************************* कैसा यह संसार रे मनवा, कैसा यह संसार। जिनके आगे दु:खड़ा रोवे नहीं, करेंगे वो उपकार। अच्छा बुरा सब सह जा प्यारे, नाम प्रभु का लेके तू, धीर – धरम ‌और नाम प्रभु से ही होगा तेरा उद्धार।  नहीं लगाइयो हेत किसी से, पीछे ना पछताना हो, मोह के बंधन मन के टुकड़े, नहीं  करेंगे बारंबार।  अपने – अपने खाते लेकर … Read more

सच्ची देशभक्ति थी उनके दिल में

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)****************************** अहिंसा का पुजारी (गांधी जयंती विशेष)… भारत देश के राष्ट्रपिता, महात्मा गांधी कहलाते,सच्ची देशभक्ति थी इनके दिल मेंवे सत्य और अहिंसा के पुजारी थे,देशभक्ति थी उनके मन में। वे कभी किसी से डरते नहीं थे,सत्य की राह पर चलते थेउन्होंने देशहित में अपना तन-मन-धन सब कुछ लगा दिया,देश की आज़ादी के … Read more

वतन पुकार-चलो जवानों

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* वतन पुकारे-चलो जवानों, रण में  रंग जमाना है,भारत माँ की पावन धरती, प्राणों  उसे सजाना है। तन में बिजली, मन में ज्वाला, आँखों में अरमान रहे,जब तक साँस चले इस तन में, भारत का सम्मान रहे। सीमा की हर चौकी बोले—वीरों!  तुम बलवान रहो,माँ के माथे की बिंदी हो, भारत की पहचान बनो। तिरंगे की ऊँची गरिमा, गगन तक आज उठानी है,माटी की सौगंध हमें … Read more

अब तो नजरों में बस राम

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)**************************************** अब तो नजरों में बस राम बसे हैं,नजरों में बस श्रीराम ही नजर आते हैंजान चली भी जाए क्या गम मुझको,गंगा धाम में श्रीराम ही तो मिलते हैं। यादों के तरकशों पर बस राम-राम नाम रहता है,डायरी के पुराने पन्नों को पलटो तो हनुमान जी की गाथा ही नजर आती हैकोई अपना … Read more

मेघना

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)****************************** ३८ वर्षीय मेघना अपने घर की बॉलकनी से डूबते सूरज को देख रही थी, आसमान में चारों तरफ उदासी के पीले बादल छाये हुए थे। उसके मन का एक कोना भीगा हुआ था। रह-रह कर उसका मन हिचकोले खा रहा था, वह अजीब तरह का सूनापन महसूस कर रही थी।आँसुओं की गरम-गरम बूंदें … Read more

मतलब का मेला

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’धनबाद (झारखण्ड) ************************************** इस संसार की करता हूँ मैं बात, समय सदा न रहता एक सा साथसतयुग, त्रेता और द्वापर बीता, बदलते समय अब कलियुग साथ।  जहां में सबको बदलते देखा,स्वार्थ के लिए रिश्ते बनते देखाकभी साथ न छोड़ेंगे कहनेवाले को,राह मोड़कर मुझसे अलग चलते देखा। जिन्हें दिल से हमने अपना माना,उन्हें भी गैरों सा … Read more

जनक हमें देते सुफल

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)************************************** पितृ पक्ष यह चल रहा, पितरों का कर मान।उनकी जो होगी दया, तो निश्चित उत्थान॥ जनक हमें देते सुफल, हो उनका सत्कार।कृपा मिले उनकी हमें, तब मिलता उजियार॥ तर्पण करना धर्म है, यह लें वंशज जान।कर्म करो यह मन रमा, करो पूर्ण अरमान॥ प्रीणन पुरखों का करो, तो दमके दिनमान।रही रीति … Read more

धीरज कभी न खोइए

डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* धीरज कभी न खोइए, आए कष्ट  अपार।सोच समझ लें फैंसला, ये है जीवन सार॥ये है जीवन सार, आपदा पास न आए।कारज हो सब सिद्ध, मान जगती में पाए॥रहे सदा मुस्कान, खिले ज्यों जल में नीरज।जीवन हो आसान, रखे जब मन में धीरज॥ जीवन में हो आपदा, यही परीक्षा  काल।धीरज रख चिंतन करें, निकलेंगे हर हाल॥निकलेंगे हर हाल, काल से लड़ जाएंगे।दुख का हो … Read more