वतन से कर मुहब्बत

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* वतन से कर मुहब्बत, साँस-साँसों में बसाना,लहू की हर धड़कन को, देश-यज्ञ में चढ़ाना।मिटे जो स्वार्थ भीतर, तभी तो सूर्य उगता-माँ भारती के चरणों में, तन-मन-धन लुटाना॥ कठिन पथ हो, अँधेरा हो, न पीछे पग हटाना,तिरंगे की शिखा बनकर, गगन तक झिलमिलाना।न माँगे फूल जीवन से, न चाहें सुख … Read more

अध्यात्म की वाहक श्रीमद्भगवद्गीता

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* है दुनिया में जो व्यापक ज्ञान और अध्यात्म की वाहक,सदा जो पथ दिखाती है, बनाती नर को जो लायक।उसे कहते हैं सारे दिव्यता का इक महासागर-कहाती है जो गीता, कृष्ण थे जिसके अमर गायक॥ मुझे गीता ने सिखलाया, जिऊँ मैं कैसे यह जीवन,सुवासित कैसे कर पाऊँ, मैं अपनी देह और यह … Read more

सपने सजाते हैं

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* खिली भोर की नयी अरुणिमा खोल उन्मुक्त विहग उड़ जाते हैं,नवल प्रीत मनमीत गगनआलिंगन सपने जगाते हैं।महके तन मन चारु गुलबदन वय यौवन मद है मुस्काती-चन्द्रमुखी उत्तुंग शिखर उर तल आशिक दिल को भाते हैं॥ प्रेम गगन उन्मुक्त चपल मन बेताब उड़न भर जाते हैं,मन्दहास खुशियाँ अधरों पर मुख … Read more

मैया का हो जयकारा

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* छठ पूजा विशेष…. छठ पूजा के पल पुष्पित हैं, रवि को नमन् करें,हर विकार जो अंतर में है, उसका दहन करें।मैया छठ की करुणा लेकर, निज जीवन महकाएँ-दुख, पीड़ा और शोक हरण कर, ग़म का शमन करें॥ फूल और फल, सजा मिठाई, मंगल गान करें,रीति, नीति, अच्छाई लेकर, सबका मान करें।हर्ष … Read more

तुमसे ही है सौभाग्य

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* तुमसे ही है सौभाग्य और तुमसे ज़िन्दगी,तुम साथ रहो ईश से यही तो वंदगी।है प्यार तेरा चेतना और पुष्प नेह के-मुझको जनम-जनम से पिया तेरी तिश्नगी॥ तुम संग रहो युग-युगों है मेरी कामना,तू है खुशी का गीत और मेरी साधना।पूजूँ मैं चाँद आज कहूँ ऐ मेरे सनम-हर जनम में ही मेरे … Read more

मन का दर्पण जब चमकेगा

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला (मध्यप्रदेश)******************************************* मन का दर्पण जब चमकेगा, महक जाएगा जीवन,मन में पावनता महकेगी, दमक जाएगा जीवन।मन को मंदिर जैसा मानो, जीवन बने सुहावन-मन का पंछी जब चहकेगा, चहक जाएगा जीवन॥ मन का दर्पण सत्य बोलता, सच का साथ निभाना,बात न्याय की जब भी होगी, सद् को तुम अपनाना।मन का दर्पण स्वच्छ रहेगा, … Read more

प्रेम सुरभि सुरभित जगत

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* अभिलाषी जो प्रेम का, समझ प्रेम अनमोल,निर्मल निश्छल प्रेम ले, दे समरसता घोल।रिश्तों की जिसको समझ, वही निभाता प्रेम-अन्तर्मन चिन्तन विमल, प्रेम करे दिल खोल॥ प्रेम सुरभि सुरभित जगत,मिले शान्ति सुख चैन,खिले फूल अपनत्व का, समरस प्रकृति उदार।काम क्रोध मद मोह से, ग्रसित मूढ़ इन्सान-माने क्या अपमान का, कलह … Read more

होली का त्योहार…

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’बिलासपुर (छत्तीसगढ़)********************************************* होली का त्योहार मनाओ,इक दूजे को रंग लगाओ।आपस में हो प्रेम-प्यार भी-सब ही सबसे गले मिलाओ॥ होली आई रंग-बिरंगी,मन धड़कन धुन रचें सरंगी।गोरी की चुनरी लहराती-भाव रहें मन में बजरंगी॥ गोकुल मथुरा हर घर दिखते,कान्हा गोपी मन में सजते।बड़े-बुजुर्ग भी बच्चों जैसे-भोले बाबा बनके रहते॥ कलयुग में सतयुग दिखता है,त्रेता … Read more

अनुपम-अदभुत चित्रकार

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* अनुपम अद्भुत चित्रकार जो, ब्रह्माण्ड जगत निर्माता है,शैलेन्द्र नदियों से सज्जित, सागर लहरें रच जाता है।लरज़ हरि लीला दुनिया, काल त्रिविध शक्ति दिखलाते-हरियाली सुष्मित सुरभित भुवि, प्रकृति चारु रूप सुहाता है। सप्तर्षि सुशोभित नभमण्डल नीलांचल वसन सुहाता है,सतरंगी मानव जीवन जग, इन्द्रधनुष गगन इठलाता है।कुसुमाकर अरुणिम प्रभात चहुँ कानन … Read more

नारी त्याग महान

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** निश्छल मन करुणा हृदय, नारी त्याग महान,सभी युगों, कालों में उसकी शक्ति का गान।बदल रहा है रूप जो उसको है मन भाया-स्वप्न जो देखा उसने उसका करो सभी सम्मान। नारी घर भी देखती, करने जाती काम,सारे दिन वह व्यस्त रहे, करूँगी घर आराम।सास-ससुर का स्वप्न बहू घर-बार सम्हाले-ज़रा चूक हो गई तो … Read more