दुनिया तो पराई है
वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) ****************************************************************** न तेरी है न मेरी है ये दुनिया तो पराई है, यूँ ही कहता नहीं हूँ मैं सभी को आजमाई है, किसी लालच में रिश्ते ढो रहे हैं लोग ये सारे- बिता कर उम्र केवल एक मुट्ठी राख पाई हैl परिचय-वकील कुशवाहा का साहित्यिक उपनाम आकाश महेशपुरी है। इनकी … Read more