चुनाव चक्रवात

छगन लाल गर्ग “विज्ञ” आबू रोड (राजस्थान) **************************************************************************** देख चुनाव उछाल है,सभी करे उत्पातl जोश भरे हर चाल में,सता भूख संतापl भूल चुके जो कर्म है,करे अनोखी बात- वोट चोट की मार से,सभी सहे अनुतापll नेता अब कहने लगे,सदा रहेगा साथl भूल-चूक सब माफ हो,मित्र तुम्ही रघुनाथl लो वादा तैयार हूँ,देने को मैं आज- वोट … Read more

पृथ्वी

मानकदास मानिकपुरी ‘ मानक छत्तीसगढ़िया’  महासमुंद(छत्तीसगढ़)  *********************************************************************** विश्व धरा दिवस स्पर्धा विशेष……… हे प्राणी सावधान!दुखित-द्रवित ब्रह्मांड, जीवनदायिनी का जीवन है खतरे में। विश्वास कर पृथ्वी में ही है,संभव जीवन, तू भी पला यहां,झांक जरा अपने में। जहां पला बढ़ा,उसका तो कर सम्मान, ना उजाड़ पृथ्वी,विकास-विकास के सपने में। परोपकारी,धैर्य वाली सुंदर पृथ्वी है महान, सबका … Read more

शहादत,राजनेताओं पर बड़ा उपकार

रोहित दाधीच कोटा(राजस्थान) ***************************************************** सैनिकों की शहादत इन राजनेताओं पर,बहुत बडा उपकार है। देशभक्ति को राजनीति से जोड़ रहे,राजनीति दलाली का बजार है। कभी नेताओं के पूत जाते क्यों नहीं,सीमाओं पर शहादत को, यह चुनावी मौसम में सैनिकों की देशभक्ति का हो रहा व्यापार है॥ राम नाम पर वोट माँगते रहे,अब राम जन्मभूमि पर मन्दिर … Read more

ग़म के हजार घूँट

वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) ****************************************************************** कितना बे’दर्द हो गया’ संसार देखिये, कोई नहीं है’ पूछता’ अखबार देखिये घायल तड़प रहा था’ वहाँ बीच सड़क पे- कारों की’ बिगड़ती हुई’ रफ्तार देखिये। जीवन गुजारना नहीं’ आसान अब यहाँ, सस्ता नहीं है’ एक भी’ सामान अब यहाँ सस्ती महज़ है’ जिंदगी’ यह घास की तरह- इंसान … Read more

लोकतन्त्र मजबूत करें

अवधेश कुमार ‘अवध’ मेघालय ******************************************************************** छोड़ पुराने राग-द्वेष को,समुचित सत्य सबूत करें। ऐसा ना हो स्वयं मरें औ मानवता ताबूत करें। पाँच वर्ष के बाद पुन: यह वक्त सुनहरा आया है- इस चुनाव के महापर्व में,लोकतन्त्र मजबूत करें।। परिचय-अवधेश कुमार विक्रम शाह का साहित्यिक नाम ‘अवध’ है। आपका स्थाई पता मैढ़ी,चन्दौली(उत्तर प्रदेश) है, परंतु कार्यक्षेत्र की वजह … Read more