बरसात ही तो है…

संजय एम. वासनिकमुम्बई (महाराष्ट्र)************************************* बरसात ही तो है जो भिगो देती है,तन मन और धन भीगर्मी की तपिश से झुलसे हुए तन,एक हल्की बौछार की चाह मेंतड़पते रहते हैं इंतज़ार करते हैं,बरसात का, बरसात ही तो हैशीतल कर देती है तन को…। अशांत मन ढूँढता रहता है,शांति की तलाश में भटकता हैशहर से गाँव, गाँव … Read more

ज़िन्दगी संघर्षों की कहानी

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ जीवन और मृत्यु के बीच,फंसा हुआ है संसारकरता बहुत कुछ अपने लिए,पर सब है बेकारक्योंकि ज़िन्दगी संघर्षों की कहानी है। तपती धूप में पसीना बहा कर,मेहनत की भट्टी में लोहा गर्म करवह ज़िन्दगी में कुछ करने के लिए, आगे बढ़ रहा हैक्योंकि ज़िन्दगी संघर्षों की कहानी है। कोई भी मनुष्य … Read more

अपनी भाषा

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** भूल गए अपनी सब बोली,अंग्रेज़ी की पुस्तक खोलीबीज बो रहे हैं हम जैसा,वृक्ष बनेगा बिल्कुल वैसा। हिंदी का क्या काम यहाँ है,नहीं किसी को ज्ञान यहाँ हैदुनिया भर की सीखें भाषा,पर हिंदी में हुई निराशा। खान-पान पहनावा देखो,रंग विदेशी, दारू देखोसंस्कार सिखलाना होगा,हम सबको बतलाना होगा। देश हमारा अपनी भाषा,व्यंजन की अपनी … Read more

शाश्वत सत्य है ‘मृत्यु’…

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)************************************ अहमदाबाद विमान हादसा… मृत्यु क्या है ?सत्य है,शाश्वत हैस्वागतम्,मुक्ति है जीवन सेनर्क एवं स्वर्ग से,पीड़ा एवं दर्द सेपूर्ण शांति है…जीवन कलरव से-निर्द्वंद, निर्विकल्प है,निष्ठुर, निरंकुश है-निश्चित है…अभिनंदन-नियत पथ की अनुगामिनी,काली रात का है अंधकारया सुहानी भोर का उजास,शाप है या वरदानदिल दहलाती है, रुलाती है। निःश्रेयस है,निश्छल, निष्कपट हैनिराकार, निर्विकार है,सम है, … Read more

पिता मेरा संसार

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* पिता थे मेरे सद्गुरु, जीवन का आधार।खटक रही अविरत कमी, पिता आप संसार॥ देता जीवन की किरण, पिता रुप भगवान।ज्ञान पुंज जीवन तनय, पिता पुस्तक समान॥ अविरत चलता कर्मपथ, पालनार्थ सन्तान।संवाहक परिवार का, सहता बहु अपमान॥ सहे मौन संघर्ष को, बाधा विघ्न अनेक।करता जीवन समर्पण, सन्तति पद अभिषेक॥ धीर-वीर … Read more

यात्रा श्रीखण्ड महादेव

भागचंद ठाकुरकुल्लू (हिमाचल प्रदेश)******************************************** ग्रेट हिमालय श्रृंखला के साथ बस है बाबा का द्वारा,सबसे न्यारा, सबसे प्यारा, भोला बाबा हमारा. नीचे थचाडू है ऊपर है भीम डुवार,हे बंदे! बाबा जी अवश्य सुनेंगे तेरी पुकार। जून-जुलाई में लगता है यहाँ भंडारा,बाबा के दर्शन के लिए चला आता है जग सारा। पार्वती बाग में फूल हैं प्यारे-प्यारे,भीम … Read more

हरि बोल रसना रस घोल

प्रीति तिवारी कश्मीरा ‘वंदना शिवदासी’सहारनपुर (उप्र)************************************************** हरि बोल हरि बोल हरि बोल रसना,रस घोल रस घोल रस घोल रसना। मोल क्या है सोने का, मोल क्या है चाँदी का,प्रभु भक्ति का ही बस मोल रसना। ऐसे वचन जो दुःखी का दिल दुखाएं,मत बोल मत बोल मत बोल रसना। अंतर पहचान अपने प्रभु परमात्मा,तू खुद में … Read more

वजह बहुत थी खास

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* हुआ महाभारत तभी, वजह बहुत थी खास।द्रुपदसुता ने था किया, दुर्योधन का हास॥ कभी न करना और का, तुम किंचित उपहास।वजह बनेगी हो कलह, टूटेगा विश्वास॥ दुर्योधन का अति कपट, झगड़ा लाया ख़ूब।वजह यही थी युद्ध की, सूखी नेहिल दूब॥ पाप वजह बनता सदा, रच देता संताप।अन्यायी आवेग को, कौन सकेगा … Read more

मन्नत

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन (हिमाचल प्रदेश)***************************************************** राज एवं रश्मि पति-पत्नी थे।दोनों का दाम्पत्य जीवन अच्छी तरह से चल रहा था। एक दिन किसी बात पर राज और रश्मि की लड़ाई हो गई। इस वक्त रश्मि ने कहा-“मैं मायके जा रही हूँ।”रश्मि के ये शब्द सुनकर राज ने कहा-“तुम मायके जा रही हो, तो मैं मंदिर … Read more

पिता-परछाई

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर (मध्यप्रदेश)****************************************** विश्व पिता दिवस (१५ जून) विशेष… आँखों में नमी-सी, पर चेहरे पे तेज़ है,वो मुस्कुराते कम हैं, पर सारा संदेश हैहाथों में छाले, मगर दिल में प्यार है,पिता ही तो जीवन का असली आधार है। चलते चुपचाप, कभी कोई गिला नहीं है,जो सह लिया उन्होंने, वो कभी कहा नहीं हैछाँव की … Read more