शुद्ध भाव से खेलें होली
ताराचन्द वर्मा ‘डाबला’अलवर(राजस्थान)*************************************** रंग बरसे (होली विशेष)… होली की हर्षित बेला पर,आओ मिलकर जश्न मनाएंनीरस और जड़ जीवन को,नैतिक मूल्यों से सजाएं। छल-कपट ना रहे हृदय में,सबको अपना मीत बनाएंदया के भाव रखें हृदय में,ना किसी का दिल दुखाएं। भांति-भांति के रंग लगाएं,घर-घर में खुशहाली लाएंऊँच-नीच का भेद भुलाकर,सबको अपने गले लगाएं। संस्कार और सद्भावों … Read more