किताबों संग रंग जाते थे…
सीमा जैन ‘निसर्ग’खड़गपुर (प.बंगाल)********************************* क्या सबसे अच्छी दोस्त…? (‘विश्व पुस्तक दिवस’ विशेष)… खोए-खोए से ख्वाबों में,हम दो दुनिया में जीते थेसुंदर पल, प्यारे बचपन में,पुस्तकों से चुराया करते थे। चम्पक, बिल्लू, चाचा चौधरी,ज़िंदगी का हिस्सा लगती थीसरिता, मुक्ता, मनोहर कहानियाँ,मनभावन किस्सा लगती थी। दिनचर्या से समय चुराकर,पुस्तकालय घूम आते थेबचपन के कोरे से दिन,किताबों संग … Read more