मैं रंग जाऊँ तेरे रंग में
डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* मैं रंग जाऊँ तेरे रंग में फागुन रंगोली साथ में,मैं सजनी दिलबाग फाग में रंगीले हमदम हाथ में। आज हुई समरस जीवन में, आलिंगन प्रियतम साथ में,मधुशाला की नशा नशीली हाला भूलूँ ले हाथ में। खिली रोशनी नयी भोर में, इन्द्रधनुषी दीनानाथ में,केसरिया कुसमित सुरभित मन नव उमंग प्रिय … Read more