साँस लेना भी मुश्किल

डॉ. संजीदा खानम ‘शाहीन’जोधपुर (राजस्थान)************************************** साँस लेना भी हुआ आज क्यूं मुश्किल मेरा,आज क्या हाल है या रब सरे महफ़िल मेरा। ग़म के सेहरा से जगा फिर मुझे मालूम हुआ,खो गया फिर कहीं वीरान में खुश दिल मेरा। तू थी मज़लूम ये क़ातिल ने भी माना आख़िर,जाने क्या सोच के रोता रहा कातिल मेरा। अब … Read more

मौत हो चुकी

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर (मध्यप्रदेश)******************************** पत्तों की सरसराहट,उल्लू की कराहती आवाजलगता मृत्यु जीवन को गले लगाए बैठी। चाँद निकला बादलों से,सूखे दरख्तों सूखी नदियों नेओढ रखा हो धवल चाँदनी का कफ़न,जंगल कम, नदियाँ प्रदूषित हो सूखी।मानो ऐसा लगता,मौत हो चुकी पर्यावरण की॥ परिचय-संजय वर्मा का साहित्यिक नाम ‘दॄष्टि’ है। २ मई १९६२ को उज्जैन में जन्में … Read more

बदनसीबी

हेमराज ठाकुरमंडी (हिमाचल प्रदेश)***************************************** हिमाचल की हसीन वादियों की एक चोटी पर नंदू का भी अपना एक छोटा-सा घर परिवार है। वह अपने परिवार के भरण पोषण के लिए दिन-रात कड़ी मेहनत करता है। न सुबह की परवाह, न सांझ की खबर, बस लगा रहता है। उसकी १ बेटी है और १ बेटा। बेटी का … Read more

हो ज़िंदगी इश्क़ की

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’बिलासपुर (छत्तीसगढ़)********************************************* है इक हसीना परी-सी दिखे जो, मलिका वही हुस्न कीवो चाॅंद मेरा चकोरा बनूं मैं, हो ज़िंदगी इश्क़ की। जुल्फ़ें घटा-सी नजर है नशेमन, होंठ हैं पंखुड़ियाँ गुल कीसाकी न पैमाना उसको समझना, वो है फिरदौस दिल कीहर दिल अजीज़ वो नाजनीना गुल की तरह गुलाबी,रुसवा न हो चाॅंद मेरा … Read more

नारी तुम नारायणी हो

कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’मुंगेर (बिहार)********************************************** नारी तुम नारायणी हो,शक्तिपुंज हो,जीवनदायिनी होतुम सदा ही गतिमान हो,इसलिए तुम सर्वत्र विद्यमान हो। नारी तुम आद्यशक्ति हो,तुम किसी से डर नहीं सकतीऔर जग में ऐसा कोई काम नहीं,जो तुम कर नहीं सकती। तुमने तो देवों को भी गोद खेलाया है,अपने तपोबल से जग को समृद्ध बनाया हैतुम अबला कैसे हो … Read more

वेद और विज्ञान

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन (हिमाचल प्रदेश)***************************************************** विज्ञान की जो खोज,हमारे सामने आई हैवो पहले से ही हमारे,वेदों में समाई है। हम गलत पढ़ते हैं कि विमान,राईट ब्रदर्स ने था बनायाक्योंकि रामायण काल मेंहमने पुष्पक विमान को है पाया। हमारे वेदों में सारा,विज्ञान समाया हैवेदों का ही सारा ज्ञान,विज्ञान में आया है। अर्थवेद में चिकित्सा ज्ञान,समाया … Read more

पत्थर की चक्की होती थी…

ममता तिवारी ‘ममता’जांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)******************************************* कैसे जीवन-यापन करते, क्या-क्या थे तब साज ?आओ कुछ ही सदी पुरानी, बात करें हम आजबिजली और मोटर ने किया, जीवन अब आसान,पुरखों ने संघर्ष बहुत किया, बच्चों लो यह जान। पत्थर की चक्की होती थी, हर घर एक न एक,जिसमें पिसते आटा-बेसन, रोटी खाते सेकढेंकी से कूटे जाते थे, छिलके लगे … Read more

बहुत कठिन सम्बन्ध निभाना

राजबाला शर्मा ‘दीप’अजमेर(राजस्थान)******************************************* बड़ा सरल सम्बन्ध बनाना,कभी तोड़ना कभी मिटाना।खेल न समझें सम्बन्धों को,बहुत कठिन सम्बन्ध निभाना॥ टूट गए सम्बन्ध है जिनसे,कोई जाकर पूछ ले उनसेकिसका दिल कितना है रोया,कितने अश्क़ बहाए किसने,जो न सुने क्या उसे सुनाना।खेल न समझें सम्बन्धों को,बहुत कठिन सम्बन्ध निभाना…॥ कुछ सम्बन्ध बने हैं दैहिक,और बने हैं कुछ रूहानीभौतिक भी … Read more

अलमस्त मैं पतंग

पी.यादव ‘ओज’झारसुगुड़ा (ओडिशा)********************************************** मस्त हवा के झोंकों-संग, उड़ चली अलमस्त मैं पतंग,शून्यता में लीनता को पाने, तड़प उठा है मेरा अंतर्मन। जन्म के बंधन से मुक्ति को, विकल हिय का कण-कण,कर्म-अनुसंधान लिए सिद्धि का, स्वाद चखने को मन। पंचतत्व से निर्मित है काया, है रंग-बिरंगी मेरे अंग-अंग,उच्चाकांक्षा की मैं गामिनी, पुलकित है मेरा तन-बदन। लक्ष्य-भ्रम … Read more

‘रेणु’ आँचलिकता शिखर

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर (मध्यप्रदेश)****************************************** फणीश्वर नाथ ‘रेणु’ जन्म जयंती (४ मार्च) विशेष… ‘रेणु’,आँचलिक साहित्यकारखटके सत्ता आँखउकेरा गाँवअद्भुत। ‘रेणु’,फणीश्वर नाथसिखाई आँचलिकता,अमर शिल्पीसाहित्य। ‘रेणु’,जन्मे पूर्णियारचा ‘मैला आँचल’,नयी पौधइतिहास। ‘रेणु’,आँचलिकता शिखरअमेरिकी विवि शोध‘राष्ट्र सन्देश’कविता। रेणु’,दर्द पहचानाकलम मिट्टी सनी,करारा प्रहारजेल। रेणु’,सदा मुखरसुवास से फैले,क्रन्तिकारी विचारआंदोलनकारी। ‘रेणु’,मिला ‘पद्मश्री’‘मारे गए गुलफाम’,लिखी कहानीलोकप्रिय। ‘रेणु’,स्वतंत्रता संग्रामीकी मैट्रिक नेपाल,शैली वर्णानात्मकलुभाते। ‘रेणु’,बोलते पात्रसदा सरल चित्रण,सम … Read more