दोस्ती में जरूरी नहीं-

संजय एम. वासनिकमुम्बई (महाराष्ट्र)************************************* दोस्ती में ज़रूरी नहीं-हर बात पर सहमति हो,बात तो तब बनेमतभेद भी रहें और,बहस भी सही हो। दोस्ती में ज़रूरी नहीं-एक जैसा व्यवहार हो,बात तो तब बनेएक-दूसरे को,अच्छे से समझ लें। दोस्ती में ज़रूरी नहीं-हमेशा एक-दूजे को परखना,बात तो तब बनेगुण और दोषों सहितएक-दूजे का स्वीकार करना। दोस्ती में ज़रूरी नहीं-उपदेश … Read more

दोस्त ही अपना होता

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ वही सच्चा साथी होता है,जो दु:ख-सुख में साथ देजो एक-दूसरे का कभी भी साथ ना छोड़े,क्योंकि दोस्त ही हमारा अपना होता है। उसकी दोस्ती सच्ची,जो अपने दोस्तों को कभी नहीं भूलतादो जिस्म जरूर होते हैं, पर एक जान हैं,वही हमारा सच्चा दोस्त जो अपना होता है। रिश्ते तो बहुत हैं … Read more

शब्दों की छाँव में एक दिन

डॉ. मुकेश ‘असीमित’गंगापुर सिटी (राजस्थान)******************************************** पंखा अपनी पूरी ताक़त से घूम रहा है,जैसे थकी हुई उम्मीदों कोहवा देने की आखिरी कोशिश कर रहा हो,पर शब्द हैं कि उफ़ तक नहीं करतेकहीं भीग रहे हैं बाल्टी में रखे सपनों की तरह। खिड़की से आती हैपड़ोस की झोंपड़ी की आवाज़,जहाँ पाँच साल का छोटूगेंद नहीं, रोटियों की … Read more

कुछ कदम तुम चलो

डॉ. गायत्री शर्मा’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* कुछ कदम तुम चलो, कुछ कदम हम चलें।हरी इन वादियों में फूल प्यार के खिलें॥ बहती हुई नदियाँ जीवन की धारा है।गोद में पहाड़ के प्रेम ही समाया है॥सपने सुहाने अब नैनों में पलें,कुछ कदम तुम चलो, कुछ कदम हम चलें…॥ कलरव कर रहे पँछियों का शोर है।नदी का किनारा … Read more

कला और कलाकार की दुनिया

डॉ. श्राबनी चक्रवर्तीबिलासपुर (छतीसगढ़)************************************************* कला और कलाकार की दुनिया,अद्भुत कलाओं की सृजनशीलता। तूलिका से रंग-बिरंगी छवि बना दे रंगरेज,भावों को जैसे जीवित कर दे चित्रकार। संगीत जीवन में बहारें संग उमंग जगाएं,नृत्य की थाप में तन-मन हिलोरे खाएं। कला के कलात्मक रूप अनेक,मूर्तिकार गढ़ते मूर्ति और मंदिर मनभावन। ये दुनिया एक विशाल मंच है,हम सब … Read more

मूल्य को पहचानो

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर (मध्यप्रदेश)******************************** जीवन में मूल्य को पहचानो,अपने अधिकार, हक को जानोजीवन में संगत रही बुरी,तो खुशियाँ कहाँ से होगी पूरी!किसी की सहायता करना,कोई मूल्य नहीं होताऔर न ही अहसान होता है। कर्म ही तो मूल्य देता है,आसमान से मूल्य नहीं टपकताकल्पना लोक में,करोड़पति बनने की इच्छासब रखते हैं।भाग्य के सहारे का कोई मूल्य … Read more

जय महावीर हनुमान

संजीव एस. आहिरेनाशिक (महाराष्ट्र)****************************** भक्ति की अनुपम मिसाल,शक्ति का महत्तम कमालपराक्रम जो गहनतम विशाल,नम्रता का विशेषतम अनुपाल। जो अंजनी का लाला,राम का परम कृपालाभक्तों का है शिवाला,प्रणाम स्वीकारो दयाला। राम का बना लंका में दूत,जो पवन का प्रियतम सपुतमाता सीताजी का धर्मसुत,अपने भक्तों का है जो अवधूत। परमभक्ति जिनका सूत्र है,समर्पण जिनका गोत्र हैजो राम कृपा … Read more

निगाहें राह तकती

कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’मुंगेर (बिहार)********************************************** चले आओ पनाहों में, निगाहें राह तकती है।बताएं क्या तुम्हें दिलवर, तुम्हीं में जान बसती है॥सुनो सजना तुम्हें मैंने, तहे दिल से पुकारा है।चले आओ सजन मेरे, बड़ा दिलकश नजारा है॥ बहारों ने फिजाओं में, गुलों को यूँ खिलाया है।लगे जैसे कि अम्बर ने, नवल मोती सजाया है॥चले आओ सनम मेरे, … Read more

कला

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर (मध्यप्रदेश)****************************************** ‘विश्व कला दिवस’ (१५ अप्रैल) विशेष… ‘कला’,रंग अभिव्यक्तिमन-जीवन सार,मिलती ख़ुशीहृदय। ‘कला’,जगाती भावनाउड़ाती आसमान में,विविध रंगजीवन। ‘कला’,हाथ हुनरचमकता है चेहरा,मजबूत रिश्तेप्रेम। ‘कला’,अनूठा माध्यमरूप संगीत भी,मिलता सुकूनअसीम। ‘कला’,बँधती नहींहै बड़ा पर्दा,हर कोईपरिंदा। ‘कला’,विरल अनुभूतिअँधेरे में उजियारा,समझो तोआकाश। ‘कला’,कठपुतली रूपसंवेदनाओं का स्वर,अपार परिश्रमतालियाँ। ‘कला’,चित्र बनतेमन की बात,अनूठी सोचरंग। ‘कला’,लेखन भीरचते कई विचार,मिलती लयसृजन। ‘कला’,नृत्य … Read more

तारीफ़ औषधि

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* आए जितनी आपदा, सहे सकल अवमान।तनिक तारीफें क्या मिली, खिलें होंठ मुस्कान॥ निर्बलता विचलित मना, उदासीन प्रतिमान।सहज सरल संघर्ष में, तारीफ़ औषधि मान॥ हेतु बने उपहास का, करें स्वयं तारीफ़।सहन नहीं आलोचना, सहे सहज तकलीफ़॥ बची गात्र बस हड्डियाँ, भूख प्यास बिन वास।खुला व्योम क्षत वसन है, तारीफ़ें उपहास॥ … Read more