साँस लेना भी मुश्किल
डॉ. संजीदा खानम ‘शाहीन’जोधपुर (राजस्थान)************************************** साँस लेना भी हुआ आज क्यूं मुश्किल मेरा,आज क्या हाल है या रब सरे महफ़िल मेरा। ग़म के सेहरा से जगा फिर मुझे मालूम हुआ,खो गया फिर कहीं वीरान में खुश दिल मेरा। तू थी मज़लूम ये क़ातिल ने भी माना आख़िर,जाने क्या सोच के रोता रहा कातिल मेरा। अब … Read more