चलनी की खोज

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर(मध्यप्रदेश)**************************************** करवा चौथ विशेष… करवाचौथ के दिन पत्नी सज-धज के पति का इंतजार कर रही कि, शाम को घर आएंगे तो छत पर जाकर चलनी में चाँद-पति का चेहरा देखूँगी। पत्नी ने गेहूँ की कोठी मे से धीरे से चलनी निकाल कर छत पर रख दी थी। चूँकि, गाँव में पर्दा प्रथा की … Read more

सुप्त देवत्व का पुर्नजागरण अन्तर्चेतना से ही

मुकेश कुमार मोदीबीकानेर (राजस्थान)**************************************** मनुष्य के वर्तमान चरित्र का गहनतापूर्वक अध्ययन करने से यही निष्कर्ष निकलता है कि, सृष्टिचक्र के आदिकाल में उसके चरित्र में देवत्व विद्यमान था, जो जन्म-जन्मान्तर पांच विकारों के चंगुल में फंसते-फंसते चारित्रिक गिरावट के कारण आज सुप्त अवस्था में जाकर मूर्छित सा हो गया है।बर्हिमुखता का संस्कार नैसर्गिक होने के … Read more

नए भारत के सुखद संकेत

ललित गर्गदिल्ली************************************** विजयदशमी के दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख डॉ. मोहन भागवत के वार्षिक विजय-उद्बोधन का न केवल राष्ट्रीय, बल्कि सामाजिक एवं राजनीतिक महत्व है। सर संघचालक ने राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय मुद्दों का उल्लेख करते हुए संघ सोच को फिर से स्पष्ट किया है। उन्होंने देश में साम्प्रदायिक सद्भाव पर विस्तृत दृष्टिकोण पेश करते … Read more

कश्मीर:दो टूक, हालात अब बेहतर

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************************* देश के गृहमंत्री अमित शाह ने बारामूला में सभा को संबोधित किया, यही बड़ी बात है। उनका यह भाषण एतिहासिक और अत्यंत प्रभावशाली था। हमारे नेता लोग तो डर के मारे कश्मीर जाना ही पसंद नहीं करते, लेकिन इस साल कश्मीर में यात्रियों की संख्या २२ लाख रही, जबकि पिछले कुछ वर्षों … Read more

डाक का महत्व आज भी कायम

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)*****************************************************  विश्व डाक दिवस (९ अक्तूबर) विशेष…. भारतीय डाक का इतिहास करीब डेढ़ सौ साल पुराना है। शुरुआत ब्रिटिश हुकूमत के दौर में हुई थी। ये डाक सेवा अंग्रेजों ने भारत में शुरू की थी। साल १७६६ में लार्ड क्लाइव ने पहली बार भारत में डाक व्यवस्था को शुरु किया था, जबकि विभाग के … Read more

व्यर्थ विचारों के नियन्त्रण से करें प्रबन्धन

मुकेश कुमार मोदीबीकानेर (राजस्थान)**************************************** मनुष्य की व्यक्तिगत जीवन शैली व उसके पारिवारिक, सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और भौगोलिक वातावरण से प्रभावित होकर विकसित हुए विचारों और भावनाओं का समुच्चय उसके चरित्र और व्यक्तित्व का निर्माण करता है।मन के विचारों और भावनाओं से जीवन के लगभग सभी पहलू प्रभावित और प्रबन्धित होते हैं। अपने ही विचारों … Read more

निःसंदेह जनोपयोगी ‘स्वस्थ और सुखी जीवन के अनमोल सूत्र

पुस्तक समीक्षा…. समीक्षक-यतीन्द्र नाथ राही, भोपाल (मध्यप्रदेश) ‘ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः।सर्वे सन्तु निरामयाः।सर्वे भद्राणि पश्यन्तु।मा कश्चित् दुःख भाग्भवेत्॥’हे प्रभु, संसार के सभी प्राणी सुखी रहें, सभी प्राणी रोग आदि कष्‍टों से मुक्‍त रहें, संसार के सभी प्राणियों का जीवन मंगलमय हो और संसार का कोई भी प्राणी दुखी ना रहें। प्रभु ऐसी मेरी आपसे प्रार्थना … Read more

सभी देशों को शांति और अहिंसा का मार्ग दिखाने की आवश्यकता

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** महात्मा गांधी के जन्म दिवस (२ अक्टूबर) को पूरे विश्व में मनाया जाता है। भारत में इसे गांधी जयंती के रूप में मनाते हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने २ अक्टूबर का दिन ‘अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस’ के रूप में मनाने की घोषणा की थी। संयुक्त राष्ट्र के १९३ में से १४० देश यह दिवस … Read more

लक्ष्य प्राप्ति हेतु आनन्दपूर्ण मार्ग का निर्माण करें

मुकेश कुमार मोदीबीकानेर (राजस्थान)**************************************** आज का इंसान ना जाने क्या प्राप्त करने के लिए नासमझी भरी अनियंत्रित गति से दौड़ रहा है। सम्भवतः कुछ हासिल करने से अधिक वह खोने का यत्न कर रहा है। उसे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से समझाया भी जा रहा है कि, इस दौड़ में प्राप्ति से अधिक हानि होगी … Read more

मोहन भागवत की नई पहल यानि असली ‘भारत जोड़ो’

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************************* राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख डॉ. मोहन भागवत और अखिल भारतीय इमाम संघ के प्रमुख इमाम उमर इलियासी दोनों ही हार्दिक बधाई के पात्र हैं। इन दोनों सज्जनों ने जो पहल की है, वह एतिहासिक है। इलियासी ने दावत दी और डॉ. भागवत ने उसे स्वीकार किया। मोहन भागवत मस्जिद में … Read more