जौहर-ज्वाला पद्मिनी

दुर्गेश कुमार मेघवाल ‘डी.कुमार ‘अजस्र’बूंदी (राजस्थान)************************************************** धधक उठी ज्वाला जौहर की राजस्थान कहानी थी,रतन सिंह मन-प्रेम पद्मिनी,वो मेवाड़ की रानी थी।गन्धर्वराज घर की किलकारी,चम्पावती की मन ज्योति,सिंहलद्वीप की राजरागिनी,स्त्री की थी उच्चतम कोटि।सुंदरता तन में भी अनुपम,मन बुद्धि संग जीत मनोति,रतन सेन को भान हुआ तो,बनी वो प्रेम कहानी थी।धधक उठी ज्वाला जौहर की राजस्थान … Read more

वैसी मेरी चल गई

विजयलक्ष्मी विभा इलाहाबाद(उत्तरप्रदेश)************************************ जैसा मुझे चलाया जग ने,वैसी मेरी चल गई। बहुत गलाया इसने मुझको,बहुत बनाये सांचेसदा अक्षरों से कागज पर,लिखे मिटाये बांचे।मिटते बनते ही जगती में,मैं गागर सी ढल गई। रहने दिया न मन को मन-सा,फिर पौंछा फिर धोयाउगने दिया न अंकुर इसमें,क्षण-क्षण जोता बोया।जुतती-बुबती ही मैं जग में,कल्पवृक्ष-सी फल गई। रोता देख हँसाया इसने,हँसता … Read more

अँधियार हटाता चल तू

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’रावतसर(राजस्थान) ****************************************** हर अँधियार हटाता चल तू।दीपक एक जलाता चल तू॥ सूरज बनकर सदा चमकना,खुशबू बनकर सदा महकना।वातावरण बनाता चल तू,हर अँधियार हटाता चल तू…॥ दुनिया का है चलन निराला,नहीं यहाँ खुश होने वाला।सबको ये समझाता चल तू,हर अँधियार हटाता चल तू…॥ लोभ मोह में फँसे हुए सब,गले-गले तक धँसे हुए सब।सारे फंद … Read more

प्रयास

डॉ.धारा बल्लभ पाण्डेय’आलोक’अल्मोड़ा(उत्तराखंड) *************************************** रचना शिल्प:८ सगण + लघु/विचार मन में करना कुछ भाव बने,पथ में न रहे कुछ कंटक शूल।हर के सब विघ्न धरो मन में,दृढ़ भाव विचार यही सब मूल।बढ़ना चढ़ना शिखरों पर भी,नहिं पीठ दिखे करना मत भूल।वह शक्ति मिले प्रभु स तुमको,शुभ हो जग में यह बात कबूल॥ परिचय-डॉ.धाराबल्लभ पांडेय का … Read more

कौन बचाये!

जसवीर सिंह ‘हलधर’देहरादून( उत्तराखंड)*************************************** अर्थी लेटा पूत धरा का,बोलो उसको कौन बचाये!स्वागत करते घने अँधेरे,छूट गयी पीछे रोशनियाँ!कर्जे से पसरा सन्नाटा,रोज डराता ब्याजू बनिया!आँखों के आगे छाये हैं,आँधी बरसातों के साये!बोलो उसको कौन बचाये…॥ गुर्राते रोजाना उस पर,जन्तु सींग नाखूनों वाले!हाथों की रेखा को खायें,काले काले खूनी छाले!घूम रही जंगली आंधियाँ,कैसे उनसे फसल रखाये!बोलो उसको … Read more

मन के मनके एक सौ आठ

शशि दीपक कपूरमुंबई (महाराष्ट्र)************************************* रचना का हस्ताक्षर-भाग ३….. आलोचक महोदय कवि के समक्ष आज फिर उपस्थित हो गए। वह भी क्या करते ? उनसे कविवर की अर्थ सिकुड़ अर्थात धन की कमी न देखी जा रही थी। आलोचक कभी कविवर के घर की जालों से भरी छत देखते,तो कभी कई बरस पहले एशियन पेंट की … Read more

माँ दे स्नेह समान

आशा आजाद`कृति`कोरबा (छत्तीसगढ़) ******************************************* ईश्वर का अवतार सार माँ,जीवन का आधार।निर्मल ममता नित्य बाँटती,देती निश्छल प्यार॥ नित्य करे परिवार सुरक्षा,अनुपम सारे काम,भाव धरे हर क्षण सेवा का,माँ ही चारों धाम।पालन का नित्य श्रेय उठाती,इससे ही उद्धार,ईश्वर का अवतार सार माँ,जीवन का आधार…॥ जीव धरे नौ माह कोख पर,मिले जन्म से नाम,दुग्ध धार से तृप्त करे … Read more

काश! तुम्हें भूल पाती

श्रीमती देवंती देवीधनबाद (झारखंड)******************************************* क्यों बांधे हुए रखे हो मुझको,तुम झूठे दिल की जंजीरों मेंक्यों नहीं करते मुझे आजाद,अब मत बांधे रखो जंजीरों में। बहुत इन्तजार किया था मैंने तेरा,मगर तुम हो दिल के सौदागरभंवरे हो तुम लूटा है दिल मेरा,मंडराते इस डाल से उस डाल पर। प्रीत की दुनिया से मैं थी अनजान,जब तुम … Read more

किसानों की नैतिक जीत,मोदी का सियासी दांव…!

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************** प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा गुरू नानक जयंती और देव दिवाली पर उनकी सरकार द्वारा देश में लागू ३ विवादित कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा,इन कानूनों के खिलाफ सालभर से आंदोलन कर रहे किसानों की नैतिक जीत तो है ही,साथ में यह प्रमं श्री मोदी का दूरगामी राजनीतिक दांव भी है। … Read more

मेला

बोधन राम निषाद ‘राज’ कबीरधाम (छत्तीसगढ़)**************************************** मेला यह संसार है,आते-जाते लोग।चार दिनों की जिंदगी,सहते सभी वियोग॥सहते सभी वियोग,एक दिन सबको जाना।कर ले नेकी काज,यहाँ कुछ नाम कमाना॥कहे ‘विनायक राज’,लगे है रेलम-पेला।कठपुतली-सी चाल,जमाना देखे मेला॥