हमसफ़र

शशि दीपक कपूरमुंबई (महाराष्ट्र)************************************* मन की किताब पर एकांतवास पसरा हुआ था। देवनार के वृक्ष की जड़ें चारों ओर मन की ज़मीं पर फैलीं हुई थीं। दुश्वारियों के रेले को दुनिया की भीड़ में अकेला खींचने का बरबस खेलने मैं स्वयं को उस्ताद समझ रहा था। परिपूर्णता की तलाश में स्वप्नों की राह पर अकेला … Read more

शिकायत ज़ियादा

सुश्री अंजुमन मंसूरी ‘आरज़ू’छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश)****************************************** उठाई न जिसने मुसीबत ज़ियादा।उसे है ख़ुदा से शिकायत ज़ियादा। महब्बत की है सिर्फ इतनी कहानी,विसाल इक घड़ी और फ़ुर्क़त ज़ियादा। सियासत उन्हें भी कहाँ छोड़ती है,जो करते रहे हैं सियासत ज़ियादा। अदावत है दोनों में लेकिन अदा से,नज़र आ रही है रफ़ाक़त ज़ियादा। है कैसा चलन अब परेशान … Read more

हिंदी के विश्वदूत डॉ. सुभाष शर्मा

डॉ. एम.एल. गुप्ता ‘आदित्य’मुम्बई(महाराष्ट्र)********************************************** राष्ट्र का अभिप्राय केवल एक भूमि का हिस्सा नहीं होता। राष्ट्र बनता है उस भू-भाग पर रहने वाले लोगों द्वारा हजारों वर्षों से संचित ज्ञान-विज्ञान, धर्म-संस्कृति और जीवन-शैली से। इनके बिना राष्ट्रीय एकता को बनाए रखना संभव नहीं। किसी राष्ट्र के ज्ञान-विज्ञान,धर्म-संस्कृति और जीवन-शैली आदि को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी … Read more

देश को तोड़ने की राजनीति

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर(मध्यप्रदेश)****************************************** बधाई हो पुराने संगठन कांग्रेस को कि उसके पदाधिकारी और केन्द्रीय मंत्री रहे सलमान खुर्शीद ने अपनी किताब ‘सनराइज ओवर अयोध्या’ से आखिर देश को तोड़ने की राजनीति कर ही ली। विदेश और कानून मंत्री रह चुके श्री खुर्शीद की इस किताब में हिन्दुत्व की तुलना बोको हरम से करने पर २ … Read more

खड़ा हूँ

संजय जैन मुम्बई(महाराष्ट्र) **************************************** जब दिल में प्यास हो मिलने की,तो वो अक्सर मिल जाते हैंजमाने में इसी तरह से,अपने दोस्त वो बनाते हैं। मेरे दिल में तुम,अब बस चुके होतमन्नाएं बहुत अब बस,दिलों को मिलने की हैरहेगी अगर जिंदगी तो, पएक दिन जरूर मिलेंगेऔर हक दोस्ती का हम,तब जरूर निभा देंगे। करो दिल से हमें … Read more

सज्जन

डॉ. मनोरमा चन्द्रा ‘रमा’रायपुर(छत्तीसगढ़)******************************************* सज्जनता के रूप में,छलना मत संसार।अपनेपन के ढोंग से,करो नहीं व्यापार॥ सज्जन संगत से सदा,कर चरित्र निर्माण।सदाचार के कर्म से,मिले जगत में त्राण॥ ज्ञान दीप जलता रहे,सज्जन बन तू खास।उर से सारे तम मिटे,मन में भरे उजास॥ सज्जन की पहचान में,करो नहीं तुम भूल।ज्ञान धनिक बनकर सदा,बनो चमन का फूल॥ सज्जन … Read more

हारेगा निश्चित तिमिर

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ******************************************* दीवाली खुशियाँ लिए,गाती मंगल गीत।हारेगा निश्चित तिमिर,हो उजास की जीत॥हो उजास की जीत,खुशी की हाला पी लें।अंतर्मन हो शुद्ध,पर्व को सचमुच जी लें॥जब पावन आचार,तभी होगी खुशहाली।मिलें हाथ से हाथ,मुबारक़ हो दीवाली॥ उजियारा मुस्का रहा,हँसते हैं सब दीप।धनतेरस से आ गया,देखो पर्व समीप॥देखो पर्व समीप,खुशी की फुलझड़ियाँ हैं।छत से लटकें … Read more

मनमोहक झरना

तृप्ति तोमर `तृष्णा`भोपाल (मध्यप्रदेश) **************************************** झर-झर की आवाज कर बहता झरना,सबके मन को मोहित कर लेता झरना। मनमोहक मनोरम दृश्य लिए बहता झरना,मीठा मधुरतम संगीत सुनाता झरना। एक छोर से दूसरे छोर तक बहता झरना,अपनी ही सरगम में बहता झरना। अपना जुबां में कहानी कहता झरना,अपनी दास्तां ख़ुद बयाँ करता झरना। आसमाँ से बहता प्रतीत होता … Read more

मंजिल से निज भटक रहा

आशा आजाद`कृति`कोरबा (छत्तीसगढ़) ******************************************* लोभ मोह के भँवर में फँसा,सत्य कर्म पर अटक रहा।असंमजस में उलझा मानव,मंजिल से निज भटक रहा॥ अनाचार के बुरे कृत्य को,मूक देख चुपचाप खड़ा,श्रेष्ठ कर्म के पथ को भूला,मनुज द्वेष में आज पड़ा।स्वार्थ भाव को हृदय बसाता,सबके मन वो खटक रहा,लोभ मोह के भँवर फँसा,सत्य कर्म पर अटक रहा…॥ भाई … Read more

सात घोड़ों की सवारी

श्रीमती देवंती देवीधनबाद (झारखंड)******************************************* चले हैं सूर्य देव,पूरब की ओर लालिमा छा गई,छठ व्रत करने वालों के दिल में खुशी आ गई। हे भक्तजन उठो,पूरब के दरवाजे को खोल,नील गगन में देखो ऊपर,सूरज हो गए गोल। आ रहे हैं सूर्य देव सात घोड़ों की करके सवारी,बाट जोहती है जल में खड़े-खड़े सभी पुजारी। जोड़ा-जोड़ा सूप … Read more