वाणी वीणा की

दुर्गेश कुमार मेघवाल ‘डी.कुमार ‘अजस्र’बूंदी (राजस्थान)************************************************** टूटा कभी,जब वाणी का तार।लेकर जा पहुंचा,मैं टूटी सितार।साज-सितार काया संगीत का वह।खोल कर बैठा,जो वीणा तार-तार।कुछ कही-अनकही,बातें थी मेरी।कुछ रटी-रटाई,बातें थी उसकी।एक की तीन और,तीन की पांच।ना जाने,कितना झूठ उड़ाताया जाने थी,बातों में सांच की आंच।सोचूं कि समझूँ,समझूँ तो जानूं।बातों ही बातों में,जो वो कहे वही मानूं।शक-शुभाहकि क्या … Read more

मैं भी पढ़ने जाऊंगी

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’धनबाद (झारखण्ड) ****************************************** पापा मुझे भी किताब दिलवा दो,मैं भी अब विद्यालय पढ़ने जाऊंगीभैया संग मेरा भी नामांकन करवा दो,मैं भी पढ़-लिख सितारा बन जाऊंगी। मुझे मत समझना बोझ अपना,पढ़-लिख मैं तो देश चलाऊंगीमुझे होगा अभिमान आप पर,मैं तो दुनिया को तार जाऊंगी। सुनो पापा,सुनो मम्मी,सुनो सुनो,मेरे लिए भी तो कुछ सपने बुनोशीशे … Read more

वीरों ने दिखाया शौर्य

जसवीर सिंह ‘हलधर’देहरादून( उत्तराखंड)*************************************** कभी संतूर जैसी धुन निकलती क्या नगाड़ों में।नहीं बादाम-सी ताकत कभी मिलती सिंघाड़ों में। बिना हथियार वीरों ने दिखाये शौर्य के करतब,चबा डाले चवालिस चीन के सैनिक जवाड़ों में। नदी आवाज खो बैठी सुरीली जल तरंगों की,भयानक नाद था उस वक्त शेरों की दहाड़ों में। छुपे थे युद्ध के एलान चीनी … Read more

मप्र में आदिवासी मतों की राजनीतिक रस्साकशी..!

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************** यह संभवत: पहली बार है, जब देश की सबसे ज्यादा आदिवासी आबादी वाले राज्य मध्यप्रदेश में आदिवासियों को लुभाने के लिए इस कदर राजनीतिक खींचतान मची है। जहां सत्तारूढ़ भाजपा आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर ‘जनजातीय गौरव दिवस’ मना रही है,जिसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सम्बोधित किया,वहीं विपक्षी … Read more

जीवन की बन गई कहानी

विजयलक्ष्मी विभा इलाहाबाद(उत्तरप्रदेश)************************************ गीत बनाने बैठी थी पर,जीवन की बन गई कहानी।नीरव गगन गुंजाना था रे,अभिनव किसी गीत के स्वर सेलाना था बसन्त पृथ्वी पर,नवल कल्पनाओं के घर से।कुहू- कुहू कर गाना था पर,गा बैठी चातक की वाणी। ऊँची लहर उठाना थी नव,अविरल अपने मानस सर सेजिसे भरा था मैंने अपनी,सबल लालसा की गागर से।नूतन रीति … Read more

प्रेम कहानियों की जगह भी नहीं बची

मंडला(मप्र)। जीवन के इस प्रदूषित वन में कहीं खो गई हैं हमारे जीवन की प्रेम कहानियां!भौतिक सुखों के दिव्य स्वप्न में हम ऐसे खो गए हैं कि आदर्श और इंसानियत की बातें निरर्थक लगती हैं। स्वामी विवेकानंद, गौतम बुद्ध और महावीर जी की बातें महज कोरा उपदेश! फिर भला यह दुनिया कैसे समझेगी प्रेम की … Read more

पहली मुलाकात जरूरी थी

संजय गुप्ता  ‘देवेश’ उदयपुर(राजस्थान) *************************************** पहली मुलाकात जरूरी थी,बस तुम्हें ही पाने के लिये,नयनों में थे सपने,उन सपनों में तुम्हें ही बसाने के लिए।चांद को देख सागर के दिल में,जो हर बार मचलता है,वही लहरें जरूरी थी दिल में एक ज्वार उठाने के लिये॥ हवा का झोंका पहली बार छूकर तुझे,मुझसे टकराया,मैं घबरायी-सी कांपी,एहसास तुमसे छुपाने … Read more

भज रे मन परमात्म को

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ****************************************** भज रे मन परमात्म को,करो आत्म सम्मान।अजर अमर शाश्वत समझ,देह आत्म अवदान॥ परमात्मा लघुरूप तनु,आत्मा जग आधार।आत्म रूप जीवन जगत,समझ ब्रह्म उपहार॥ मत भटको तुम स्वार्थ में,मन दुर्गम अवरोध।तजो लोभ मन छल कपट,विरत शोक तज क्रोध॥ अतिचंचल मानस कठिन,वश होता संसार।तज भौतिक अभ्यास नित,कर्मयोग आचार॥ मनुज जन्म वरदान है,ज्ञान … Read more

आटा चक्की

डॉ.सोना सिंह इंदौर(मध्यप्रदेश)************************************** पहले बंडी,कुर्ते पजामे में हुआ करता था,आजकल टी-शर्ट,लोअर में रहता हैदस बाय दस की चार दीवारी,यह कल भी,आज भी हैभूरे बाल होने की परवाह नहीं करता था,आज भी नहीं करता हैचक्की वाला,हॉं,आटा चक्की वाला। उसके यहां आते हैं सभी,आज भी गेहूं पिसानेऔर कहते हैं आटा पिसाना है,डुग-डुग की आवाज करती हैगांव में दूर … Read more

आशा

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ******************************************* डरकर रुक जाना नहीं,सुन ऐ मेरे मीत।संघर्षों से तू निभा,हर मुश्किल में प्रीत॥ मन को कर तू शक्तिमय,ले हर मुश्किल जीत।काँटों पर गाना सदा,तू फूलों के गीत॥ हर मुश्किल में जब जले,आशाओं के दीप।तब ही मिल पाती सतत्,चलकर विजय समीप॥ मन को कभी न हारना,हरदम रख आवेश।राणा साँगा सा रहे,प्रिय … Read more