वीर जवान की संगिनी…

अल्पा मेहता ‘एक एहसास’राजकोट (गुजरात)*************************************** भारतीय वीर जवान जब युद्ध में लड़ते-लड़ते मौत के पहलू में सो के शहीद होने वाला होता है,तभी अपनी जीवन संगिनी को आख़री संदेश सुनाता है। उस संदेश में वो आशाओं का दीप जलाए रखता है, वो अपनी पत्नी को ये नहीं कह पाता कि,वो अब कभी न लौट पाएगा। … Read more

इसका अंत कहाँ ?

डॉ. आशा मिश्रा ‘आस’मुंबई (महाराष्ट्र)******************************************* रोज की तरह आज भी आकाश पाठ ख़त्म होने के बाद पहले घंटे की शुरुआत में कक्षा में आया। आकाश मेरी कक्षा का ग्यारह-बारह वर्ष का छोटा- सा बच्चा था। हर दिन देरी से आने के कारण डाँट खाकर चुपचाप अपनी जगह पर जाकर बैठ जाता। आज जब मैंने उसे … Read more

छठ पूजन दें अर्घ्य हम

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ****************************************** आदिदेव आदित्य अर्घ्य दूॅं,धन मन जन कल्याण जगत हो।पूजन दें छठ अर्घ्य साॅंझ हम,हरें पाप जग मनुज त्राण हो। राग द्वेष हर शोक मनुज जग,हर शोक परीताप विकल हो।आतंकी दानव बने जगत् ,करें नाश संताप सकल हो। कन्द मूल ठकुआ प्रसून फल,भर डागर फल सूप भरे हो।हे दिनकर स्वीकारो … Read more

फैल रही है ज्योति

ममता तिवारी ‘ममता’जांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)************************************** खुशियाँ झोली में लिये,आया यह त्यौहार।गृह गलियाँ चमकत रहे,कूड़े सब भंगार॥ दीपक की लड़ियाँ लगी,फैल रही है ज्योति।रंग सजी मनभावना,रंगोली हर ढ्योति॥ आतिशबाजी हो रहे,सजी पँक्तिमय दीप।दूर रहे रक्षित रहे,ना जा अग्नि समीप॥ पूजे प्रथम गजानना,दाएँ शोभे ऋद्धि।गण गणेश देवी प्रिया,बाएँ बैठी सिद्धि॥ ऋद्धि-सिद्धि के पुत्र हैं,और शुभोशुभ लाभ।कमला रानी प्रिय लगे,कमल … Read more

प्रकृति के पर्व को नमन

डॉ.अशोकपटना(बिहार)*********************************** आस्था,विश्वास व परम्परा की,एक उत्तम संस्कृति हैप्रकृति के सौंदर्य की यहां,मिलती सुन्दर आकृति है। उदयमान-अस्ताचल सूर्य की,एक अपूर्व आस्था का है यह पर्वदेते सीख हैं जिसके विभिन्न प्रकार,सबको है प्रकृति के पर्व पर गर्व। सूर्य,नदी,जलाशय व तालाब में,इस दिन दिखती उन्नत सुन्दर निखारकेला,गन्ना व कंदमूल सब इस दिन,दिखते जैसे हैं एक स्वर्णिम उपहार। कद्दू,चावल,फल,व … Read more

खुशियाँ जीवन में हो अपार

अनिता मंदिलवार  ‘सपना’ अंबिकापुर(छत्तीसगढ़) ************************************************** दिवाली की खुशियाँ हजार,जगमग हो दीपों की कतार। रंगोली सजी है द्वार-द्वार,रंग गए हैं दरो-दीवार। बजेगी संगीत की सितार,सुनाईं देगा राग मल्हार। लक्ष्मी भरेगी सब भंडार,आँगन रास-रंग की फुहार। झंकृत वीणा के तार-तार,देखेगी रोशनी की बहार। नहीं अब कोई जीत-हार,स्वीकारो ‘सपना’ का उपहार। शुभकामना के शब्द ये चार,खुशियाँ जीवन में … Read more

हिंदी कश्मीरी संगम की वार्षिक संगोष्ठी १-२ दिसंबर को,रचनाकारों का सम्मान भी

मुम्बई (महाराष्ट्र)। हिंदी कश्मीरी संगम द्वारा दसवीं वार्षिक संगोष्ठी इस बार मुंबई में १-२ दिसंबर २०२१ को आयोजित की जा रही है। इसमें शोध-पत्र प्रस्तुति संग सम्मान हेतु शोधार्थी पंजीयन करा सकते हैं।संस्था (हिंदी कश्मीरी संगम) की अध्यक्ष डॉ.बीना बुदकी ने बताया कि,जो साहित्यकार संगोष्ठी में आना चाहते हैं,वह नाम देकर शीघ्रता से पंजीयन करा … Read more

जीना मगर दुश्वार तो होगा…

सरफ़राज़ हुसैन ‘फ़राज़’मुरादाबाद (उत्तरप्रदेश) ***************************************** बड़ा नादान ‘है कम्बख़्त कुछ ‘हुशयार तो होगा।लगेगी ज़र्ब जब दिल ‘पर तो दिल बेदार तो होगा। तू ही पहली तमन्ना थी तू ही है आख़िरी ख़्वाहिश,क़रीब-ए-दार हो चाहे ‘तिरा दीदार तो होगा। बला से आग लग जाए दिलों मेंं ‘इन रक़ीबों के,मगर ‘खुश देख कर ‘तुझको तिरा बीमार तो होगा। … Read more

सूर्य उपासना पर्व…

एम.एल. नत्थानीरायपुर(छत्तीसगढ़)*************************************** दिशा परिवर्तन का पर्व हैसूर्य उपासना का पर्व है। सूर्य रश्मि जीवनदायिनी,दान पुण्य फल दायिनी। स्वास्थ्य योग खान-पान,धर्म आध्यात्म का पालन। खगोलीय परिवर्तन धुरी,अभिलाषाएं होती पूरी। शीत ऋतु में कमी होकर,ग्रीष्म ऋतु तेज जाकर। उत्सव उमंगों उत्साह का,नए जीवन की चाह का॥

सच का पथ आसान नहीं

संजय गुप्ता  ‘देवेश’ उदयपुर(राजस्थान) *************************************** अहं,दंभ,असत्य,बल तत्पर रहते,करने को घातपरन्तु सत्य को नहीं कर सकते हैं,कभी भी परास्त,सत्य विजय के लिए संघर्ष का,अगर भान नहीं है-हे मनुष्य ! तेरे लिए,सच का पथ आसान नहीं है। जो सत्य है,वह शिव है,वही सत्य-शिव सुंदर हैसत्य की प्रेरणा,उद्गम,मानव तेरे ही तो अंदर है,असत्य का आवरण पहने,उस की पहचान नहीं … Read more