सच का पथ आसान नहीं

संजय गुप्ता  ‘देवेश’ उदयपुर(राजस्थान) *************************************** अहं,दंभ,असत्य,बल तत्पर रहते,करने को घातपरन्तु सत्य को नहीं कर सकते हैं,कभी भी परास्त,सत्य विजय के लिए संघर्ष का,अगर भान नहीं है-हे मनुष्य ! तेरे लिए,सच का पथ आसान नहीं है। जो सत्य है,वह शिव है,वही सत्य-शिव सुंदर हैसत्य की प्रेरणा,उद्गम,मानव तेरे ही तो अंदर है,असत्य का आवरण पहने,उस की पहचान नहीं … Read more

कायापलट

डॉ.सोना सिंह इंदौर(मध्यप्रदेश)************************************** दादी के घर में थे,नानी के घर में थेदादी सास के घर में थे,सास भी लाई थी दहेज मेंपतीले, डिब्बे, परात, तगारी,कुछ पीतल के बर्तन।साल में एक बार चमकती थीकिस्मत उन सभी की।जब गली में सुनाई देती थी आवाज,कलई करा लो…आवाज पर आँगन में लग जाताबर्तनों का ढेर।लगाकर जलाकर कोयला,वो पंखा करता जाताऔर … Read more

भक्त शबरी से कहाँ आज ?

अरशद रसूलबदायूं (उत्तरप्रदेश)****************************************** राम के नाम की सबको यह दुहाई देंगे,सिर्फ नारों में तुम्हें राम सुनाई देंगे। बेर झूठे ही सही प्यार मिला था उनमें,भक्त शबरी से कहाँ आज दिखाई देंगे। वक्त पड़ने पे यही लोग बदल जाते हैं,जीत रावण की अगर हो तो बधाई देंगे। कोई आदर्श लुभाता ही नहीं आज इन्हें,छोड़कर राज कहाँ … Read more

तुम भारत भू के गौरव

जसवीर सिंह ‘हलधर’देहरादून( उत्तराखंड)*************************************** हे भू के लोह पुरुष,स्वीकार करो मेरा वंदन,क्यों इतनी जल्दी चले गए,जनगण के मन में है क्रन्दन। तुम भारत भू के गौरव हो,तुम नए राष्ट्र के सूत्रधार,दोबारा भारत में आओ,करते विनती हम बार-बार।तुम राजनीति के धर्मवीर,तुम से ही सारे कीर्तमान,तुम कूटनीति के राजवीर,तुम ही शंका के समाधान।निरपेक्ष भाव से काम किया,सब … Read more

फैले रोशनी

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर(मध्यप्रदेश)****************************************** झिलमिलाएं,हर मन के दीप-जगमगाएँ। रंग सजाएँ,हो ज्योति का उत्सव-मनभावन। देहरी दीप,भरोसा रखें सब-हैं कल्पनाएँ। हो दूर तम,फैले रोशनी दिशा-शुभकामना। करें प्रार्थना,भलाई हो जग में-सब मुस्काएं॥

शत-शत नमन माँ लक्ष्मी

श्रीमती देवंती देवीधनबाद (झारखंड)******************************************* शत-शत नमन हे श्री गणेश,शत-शत नमन माँ लक्ष्मीचरण वंदना है आपकी,स्वीकार करें हे लक्ष्मी। ऊंच-नीच का भेद मिटाकर,हर घर माँ लक्ष्मी आती हैसबको सुखी बना कर,आशीष दे के जाती हैं। आए हैं आज श्रीराम अवध,जनता राह करें है रोशनसंत मुनि करते हैं भजन,आ रहे हैं श्रीराम अवध। दीप जलाओ दीप जलाओ,अंधकार … Read more

हर आहट सुनती छठी मैया

डॉ.अशोकपटना(बिहार)*********************************** छठी मैया की आराधना है,एक जीवन की धारासंकल्पों को पाने का है,एक उत्कृष्ट सहारा। दीनानाथ की होती है,एक सुन्दर पुकारछठी मैया की उस दिन,रहती है खूब बहार। लोक आस्था के इस पर्व की है,एक बड़ी रोचक रीत है यहांआस्था के इस त्योहार का है नहीं,कोई दूसरा गीत भी कहां। महापर्व के सौंदर्य की है,एक … Read more

सहयोग से भरा महापर्व

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’जमशेदपुर (झारखण्ड)******************************************* कितनी विस्तृत हमारी संस्कृति,जब समझे होंगें जन आदित्यजाना होगा प्रकृति का उपहार,जगजीवन के लिए सूर्य प्रकाश। द्वापर युग द्रौपदी हुई जो हताश,महाभारत का भीषण विनाशकिया दृढ़ संकल्प पावन हृदय,संतान रक्षा जय हेतु करूँ तप। महापर्व छठ पूजन की विशेष,सुहासिनी ने मांगा तब वरदानविनती करूँ हे आदित्यनाथ,तप-पूजन पावन छठ की महान। … Read more

सूर्योपासना का पर्व-छठ पूजा

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ******************************************* छठ पर्व मूलतः सूर्य की आराधना का पर्व है,जिसे हिन्दू धर्म में विशेष स्थान प्राप्त है। हिन्दू धर्म के देवताओं में सूर्य ऐसे देवता हैं जिन्हें मूर्त रूप में देखा जा सकता है। सूर्य की शक्तियों का मुख्य श्रोत उनकी पत्नी ऊषा और प्रत्यूषा हैं। छठ में सूर्य के साथ-साथ … Read more

रचना का हस्ताक्षर

शशि दीपक कपूरमुंबई (महाराष्ट्र)************************************* साहित्य के क्षेत्र में किसी भी रचना का हस्ताक्षर लेखक के दस्तखत न होकर उसके द्दवारा लिखी गई प्रस्तावना या भूमिका होती है। आजकल प्रस्तावना या भूमिका शीर्षक से अभिहित न होकर नए स्वरुप में शीर्षक रचते हैं। लेखक द्वारा रचना प्रकाशन के समय प्रस्तावना व भूमिका लिखने से रचना को … Read more