राष्ट्रभाषा की आवश्यकता क्यों ?

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** हमारे देश को आजाद हुए ७४ वर्ष हो चुके लेकिन आज तक हम अपनी मातृभाषा को राजभाषा तक नहीं बना पाए। संविधान में स्पष्ट लिखा था कि हिन्दी राजभाषा के रुप में स्थापित होगी,लेकिन अंग्रेजों के चाटुकारों ने ऐसा होने नहीं दिया। यदि उसी समय इसके प्रति सख्ती बरती जाती तो आज … Read more

कट्टरपंथ का अंधानुकरण न करें

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुखिया डॉ.मोहन भागवत ने एक सभा में कहा कि मुसलमान नेताओं को कट्टरपंथियों के खिलाफ दो-टूक रवैया अपनाना चाहिए। यह भी कहा कि यह ऐतिहासिक सत्य है कि भारत में इस्लाम विदेशी हमलावरों की वजह से आया है,लेकिन साथ-साथ यह भी कहा कि सारे भारतीयों का डीएनए एक … Read more

झोली भर दीजिए

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर(मध्यप्रदेश)****************************************** गणेश चतुर्थी विशेष…. हे गौरी नन्दन,करता हूॅ॑ वन्दन,चरणों में मुझे लीजिए।हर ओर प्रताप आपका,ज्ञान मुझको दीजिए। सब देवों के प्रिय हैं आप,रिद्धि-सिद्धि के दाता,प्रथम पूज्य श्रीगणेश करूं विनती यही,दु:ख हर लीजिए। आप ही तो प्रथम पूज्य,आपसे ही सब नव काज,चिन्ताएं-कुंठाएं हजार प्रभु,थोड़ी कृपा तो कीजिए। मूषकराज है सवारी,लड्डू-मोदक प्रिय आपको,एक दंत,ज्ञान वंत,साकार … Read more

सृजन का दीप जले दिन-रात

तारा प्रजापत ‘प्रीत’रातानाड़ा(राजस्थान) ****************************************** कैसे भी हों चाहे हालात,सृजन का दीप जले दिन-रात। जीवन में हज़ार कुंठाएँ होंया फिर चिन्ताओं का तूफ़ान,कभी ना छोड़ो ईश्वर का हाथ…सृजन का दीप जले दिन-रात। कभी जो हो जाओ अकेलेकोई न हो तेरा अपना-पराया,हर क़दम पे तेरे सच है साथ…सृजन का दीप जले दिन-रात। हर पल तुम मुस्कराते रहनाख़ुशियों की … Read more

गजानन आराधना

दुर्गेश कुमार मेघवाल ‘डी.कुमार ‘अजस्र’बूंदी (राजस्थान)************************************************** गणेश चतुर्थी विशेष…. गजानन आओ नी इक बार…।गजानन आओ नी इक बार…।निसदिन तेरी बाट मैं जोहूं,बैठूं पलक बुहार…।गजानन आओ नी इक बार…॥ धूप-दीप और फल-फूलों से ,तुझको भोग लगाऊँ।लगा तेरे अगर और चंदन,मैं श्रृंगार सजाऊँ।तुमसे करूं एक ही बिनती,दर्शन अब दे जाओ।गजानन आओ नी इक बार…।गजानन आओ नी इक … Read more

जय श्रीगणेश

श्रीमती देवंती देवीधनबाद (झारखंड)******************************************* गणेश चतुर्थी विशेष…. हे शिव पुत्र गौरी के नन्दन करती हूॅ॑ मैं वन्दना,अतुलित महिमा है आपकी,करती हूॅ॑ मैं प्रार्थना। शिव भोले भन्डारी के आप परम प्रिय पुत्र हैं,माता की आज्ञा पालन करने वाले प्रिय पुत्र हैं। प्रथम पूज्य श्रीगणेश चरण वन्दना आपकी,दु:खहर्ता-सुखकर्ता विनती करूॅ॑ मैं आपकी। देवों के देव महादेव के … Read more

कोई इशारा न कीजिए

सरफ़राज़ हुसैन ‘फ़राज़’मुरादाबाद (उत्तरप्रदेश) ***************************************** मेह़फिल में आप कोई इशारा न कीजिए।बदनाम हमको ऐसे ‘ख़ुदारा न कीजिए। इक बार का ही ज़ख़्म न भर पाया आज तक,उल्फ़त की बात हमसे दुबारा न कीजिए। नाज़ ओ अदा का आपकी घट जाएगा वक़ार,हम ‘जैसे आशिक़ों ‘से किनारा न कीजिए। हँसते ही ‘हँसते छलकें ‘न आँखों के मयकदे,इतना ख़याल … Read more

निर्जल व्रत करती हैं

प्रिया देवांगन ‘प्रियू’ पंडरिया (छत्तीसगढ़) ********************************** राह देखती भैया जी की, साथ मायके जाती हैं,खुश हो कर सब माता-बहनें,मिल-जुल तीज मनाती हैं। पति की उम्र बढ़ाने को सब,निर्जल व्रत को करती है,शिव-गौरी की पूजा करती,मन में श्रद्धा भरती है। नए-नए पकवान बनाती,साथ बैठ कर खाती हैं,खूब दिनों में मिलती बहनें,खुशहाली बिखराती हैं। हँसी-ठिठोली करते रहते,बचपन … Read more

क्षमापना का अर्थ-क्षमा मांगना और करना भी

संदीप सृजनउज्जैन (मध्यप्रदेश) *************************************** क्षमापना पर्व विशेष….. ‘मुझे क्षमा कर दीजिए,मेरी वजह से आपको दुःख पहुँचा’ यह कहना बड़े साहस का काम है। शायद इसी लिए ‘क्षमा को वीरों का आभूषण’ कहा गया है। क्षमा करना उतना कठिन नहीं है,जितना क्षमा मांगना। गलती करना मानव की स्वाभाविक प्रवृत्ति है। हम सभी अहंकार या प्रमादवश गलती करते … Read more

सभी पर्वों का राजा पर्यूषण पर्व

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)******************************************** दसलक्षण पर्व-उत्तम क्षमा (१०सितम्बर)विशेष… यह सभी पर्वों का राजा है। इसे आत्मशोधन का पर्व भी कहा गया है,जिसमें तप कर कर्मों की निर्जरा कर अपनी काया को निर्मल बनाया जा सकता है। पर्यूषण पर्व को आध्यात्मिक दीवाली की भी संज्ञा दी गई है।दुनिया के सबसे प्राचीन धर्म जैन धर्म को श्रमणों का धर्म … Read more