जय श्री राधेकृष्णा शरणम
ममता तिवारीजांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)************************************** हलचल मथुरा में मची,जाने क्या हो आज।कलरव कोलाहल रचा कंस सजे क्यों साज॥ सृजन देवकी पीर में,ईश्वर रख लो लाज।लाल बचा वसुदेव का,क्यों इतने नाराज॥ सात पूत की माँ बनी,उजड़ी मेरी कोख।पूत बचा है शुभ घड़ी,ना हो अब ये दोख॥ मेघ फटा क्रंदन हुआ,वर्षा मूसलाधार।कड़ी खुली फिर जेल की,सोये पहरेदार॥ सरवर फूटा धैर्य … Read more