हम गलत नहीं थे

अभिजीत आनंद ‘काविश’बक्सर(बिहार)******************************************* बुरे वक़्त के सितम से सहमे मेरे दिन-रात थे,हम गलत नहीं थे,बुरे मेरे हालात थे…। सिसकियों संग सिमटी जीने की अभिलाषा,बेरंग हुई जिंदगी बनकर रह गई तमाशा…संकटों के मेघ घुमड़-घुमड़ कर बरस रहे थे,जीवन की मझधार में हम खुशियों की फुहार को तरस रहे थे…। रिश्तों के फलक पर अपने भी ग़ैरों … Read more

संघर्षों से ही सफलता

दुर्गेश कुमार मेघवाल ‘डी.कुमार ‘अजस्र’बूंदी (राजस्थान)************************************************** खिले कमल कीचड़ में कैसे,गहन अंधेरा दीप जले।उल्टे बांस बरेली जैसे,मछली उल्टी धार चले। तूफान भरे सागर में वो ही,जीवन नइया चलाता है।कर जिगरा फौलाद का अपना,चिड़िया बाज लड़ाता है। नहीं आसां है संघर्षों के,तूफां में नइया खेना।काजल की कोठर में रहकर ,निष्कलंक जीवन जीना। सत्य मार्ग पर चलना … Read more

पति-पत्नी का रिश्ता

संजय गुप्ता  ‘देवेश’ उदयपुर(राजस्थान) *************************************** रिश्ता पति-पत्नी का जाना। जन्म-जन्म का साथ निभाना।है अटूट यह मन का बंधन। साथ निभायें अपना जीवन॥ सदा रहें सुख-दुख में साथी।बन कर दोनों दीया-बाती॥नियम समाज धर्म का रिश्ता।नवजीवन मिलन देख हँसता॥ यह होता किस्मत का लेखा।जन्म नये रिश्तों का देखा॥दोनों मिल कर्तव्य निभाते।बच्चों को खुद सफल बनाते॥ दोहा- सिया राम … Read more

मानसून शुभ आगमन

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************** छाया नभ घनघोर घन,दग्ध धरा बिन आप।मानसून आग़ाज़ लखि,मिटे कृषक अभिशाप॥ मानसून की ताक में,आशान्वित निशि रैन।उमड़ रही काली घटा,कृषक चमकते नैन॥ आया सावन मास फिर,बिजुली गरजे व्योम।बूंद-बूंद बरसे घटा,भींगे तन-मन रोम॥ सूर्यातप तनु स्वेद जल,बहता बीच पनार।मानसून शुभ आगमन,जन-मन खुशी बहार॥ सूखे तरु वन खेत सब,पोखर नदियाँ कूप।मानसून … Read more

अफगानिस्तान:भारत व पाक की चुप्पी!

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* ऐसा लग रहा था कि अफगानिस्तान में हमारे राजदूतावास और वाणिज्य दूतावासों को कोई खतरा नहीं है,लेकिन हमारा कंधार का दूतावास खाली हो गया। ऐसा लगता है कि अफगानिस्तान के उत्तरी और पश्चिमी जिलों में तालिबान का कब्जा बढ़ता जा रहा है। तालिबानी हमले का मुकाबला करने की बजाय लगभग १ हजार … Read more

स्वर्णिम भविष्य के लिए आबादी नियमन बेहद जरुरी

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)************************************** सम-सामायिक चिंतन…. भारत एक लोकतान्त्रिक देश है, जहाँ समस्यायों का भण्डार है। कोई भी नियम- कानून बनाने में सरकारों को पसीना आ जाता है,कारण ‘पिंडे पिंडे मतिर भिन्ना’ क्योंकि यहाँ जनतंत्र है और सबको बोलने की स्वतंत्रता के साथ स्वच्छंदता है और उसके बाद न्यायालीन सुव्यवस्था का होना। अभी कुछ दिनों में बाल … Read more

सावन आया अब आओ

डॉ. गायत्री शर्मा’प्रीत’कोरबा(छत्तीसगढ़)******************************************* रिमझिम बदरा बरस रहे हैं,सावन आया अब आओ,आकुल है मन तुमसे मिलने,मधुर सलिल रस बरसाओ। छम-छम करती बूंदे बरसे,नृत्य धरा पर दिखलाए,गर्जन करते मेघ साथ में,जैसे पावक दहकायेआ जाओ अब प्रियतम प्यारे,प्रीत व रीत सिखा जाओ,रिमझिम बदरा बरस रहे हैं,सावन आया अब आओ। झूला झूले आमा डाली,कोयल गीत सुनाती है,रंग-बिरंगी तितली आकर,मेरा … Read more

मुझे मत यूँ सताओ तुम

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’रावतसर(राजस्थान) ****************************************** रचनाशिल्प:क़ाफ़िया-आओ,रदीफ-तुम, बहर १२२२,१२२२,१२२२,१२२२ मिरे जज़्बात को समझो मुझे मत यूँ सताओ तुम,रहो मुझसे ख़फ़ा लेकिन न मुझसे दूर जाओ तुम। गुज़ारी साथ हमने ज़िन्दगी वादे किये कितने,तुम्हारा फर्ज़ है अपने किये वादे निभाओ तुम। नहीं कोई गिला-शिकवा ज़ुबां पर अब तलक आया,हुई हो ग़र ख़ता कोई उसे अब भूल जाओ तुम। … Read more

सूरज आग उगलता है

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** सूरज आग उगलता है,वह सिर पर ईंटें ढोती है,अपने दुधमुँहे शिशु को वो,बजरी के ढ़ेर पे रखती है।माथे से पसीना बहता है,परवाह न उसकी करती है,बच्चों को पालने की खातिर,वह कितनी मेहनत करती है। मजदूर उसे कहते हो तुम,मजदूर नहीं-एक माँ है वो,बच्चों को पालने की खातिर श्रम साध्य कार्य करती है … Read more

आओ खुशियाँ बांटें

जबरा राम कंडाराजालौर (राजस्थान)**************************** खुला दिल रखो जग में,तनिक रखो न गांठें,बार-बार ना मानव जीवन,आओ खुशियाँ बांटें। खेल-खेल में कटे जिंदगी,समझो अच्छी बात,क्या लाए ले जाएंगे,कछु चलेगा नहीं साथ। आते खाली हाथ सभी,जाते खाली हाथ है,चार दिन ये चाँदनी,फिर वही अंधेरी रात है। प्रेम पसारो प्रेम पाओ,अपनापन पनपाओ,हिलमिल हेत-प्रेम से रहो,सबका साथ निभाओ। प्रेम-सौहार्द कायम … Read more