सरस्वती वंदना
जसवीर सिंह ‘हलधर’देहरादून( उत्तराखंड)******************************************** हे मात शारदा तू मुझ पर,इतनी-सी अनुकंपा कर दे।वाणी से जग को जीत सकूँ,मेरे गीतों में लय भर दे॥ शब्दों छंदों का भिक्षुक हूँ,मैं मांग रहा कुछ और नहीं,जाने कब साँस उखड़ जाए,जीवन की कोई ठौर नहीं।मेरी छोटी-सी चाह यही,धन-दौलत की परवाह नहीं,इस शब्द सिंधु को पार करूँ,उन्मुक्त कल्पना को पर … Read more