पुस्तक लोकार्पित, काव्य गोष्ठी भी हुई

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आगरा (उप्र)। विश्व साहित्य सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में निखिल बुक कैफे पर अदिति अस्थाना की पुस्तक ‘अंक ज्योतिष जीवन का रहस्य’ का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आचार्य यादराम वर्मा कवि किंकर ने की। मुख्य अतिथि केन्द्रीय हिन्दी संस्थान के प्रो. उमापति दीक्षित तथा विशिष्ट अतिथि डॉ. राजेन्द्र मिलन एवं इतिहासकार राजकिशोर शर्मा … Read more

कागज पर सच चाहिए

ममता साहूकांकेर (छत्तीसगढ़)************************************* हर परिस्थिति में थाम ले,ऐसा हाथ चाहिएझूठ का असर नहीं,सच का साथ चाहिए। किसी की बातों का,अब नहीं कोई भरोसाहर सौदे के लिए,कागजी प्रमाण चाहिए। झूठ का है बोलबाला,सच नहीं कोई सुनने वालाअब आवाज कर बुलंद,नवनिर्माण चाहिए। भ्रष्टाचार का फैला जाल,कौन करेगा सवाल…?हर गुत्थी को सुलझाने,अब नया बवाल चाहिए। शोषण के विरुद्ध … Read more

समय है, समझ जा

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** बेदर्दी से पेड़ काटने एक शिकारी आया,पंछी का घोंसला बना था उसने उसे गिरायानन्हें-नन्हें चूज़े उसमें डरे और सहमे से,किसे पुकारें, मात-पिता दाने लाने निकले थे। एक कबूतर देख रहा था दृश्य ये सारा,उन बच्चों को आकर उसने दिया सहाराबारिश की बूँदों से चूज़े काँप रहे थे,तान घरौंदे पर पत्ते का छाता … Read more

भाषा के माध्यम से ही संस्कृति और सभ्यता जीवित- श्री शेखावत

भारतीय भाषा संगम – २.०  केवड़िया (गुजरात)। भारतीय संस्कृति और भाषाओं के गहरे संबंध हैं। भाषा वह माध्यम है, जिसके माध्यम से संस्कृति और सभ्यता जीवित रहती है और पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ती है। भारतीय साहित्य की लिखित एवं श्रुति परंपरा इस देश की अमूल्य धरोहर है।   केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने यह … Read more

डिग्रियों का मेला

दीप्ति खरेमंडला (मध्यप्रदेश)************************************* आजकल की शिक्षा जैसे,एक बड़ा-सा मेला हैजहां बिकता है ज्ञान कम,बस डिग्रियों का रेला है।   किताबें लगती बोझ अब,नोट्स बने भगवानरटकर जो पूरा लिख पाए,वही बड़ा विद्वान।   गुरु भी जकड़े हुए आज,सिलेबस की जंजीरों मेंकिसी तरह बन जाए रिजल्ट कौन पड़े झमेले में ? माता-पिता की बस यही आस,बेटा उनका टॉप कर जाएक्या … Read more

जननी

डॉ. योगेन्द्र नाथ शुक्लइन्दौर (मध्यप्रदेश)***************************************** कुछ लोग कह रहे थे कि ‘शार्ट सर्किट’ से आग लगी और पड़ोसियों का कहना था कि कार की बैटरी अधिक चार्ज हो जाने के कारण आग लगी। पास में केमिकल का गोदाम था। आग ने ३ मकानों को लपेटे में ले लिया था। बड़ा ही हृदय विदारक दृश्य था। … Read more

बांधूँ धागा बरगद तरुवर

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* पति परमेश्वर तेरा पूजन, बांधूँ  धागा बरगद तरुवर,अमर सुहाग सदा मुस्काए, रहे  अटल यह नेह समुंदर। तुम जीवन मधुमीत मिलन हो, सजूँ नाम संजीवन प्रियवर,तेरे संग हर श्वास सुवासित, जैसे चंदन वन मन अंदर। वट-वृक्षों की छाँव तले जब सावित्री ने प्रण दोहराया,सत्यवान के प्रेम तपोबल ने मृत्यु-पथ भी शीश झुकाया। वैसा ही विश्वास हृदय में, वैसी ही निष्ठा का निर्झर,तेरे संग जीवन लगता … Read more

नारी का बदलता स्वरूप

बबिता कुमावतसीकर (राजस्थान)***************************************** वह नारी थी,छुई-मुई की तरह अपने में सिमटने वालीअंकुरित छोटे पौधे की तरह रखती थी मन में अनगिनत स्वप्न। उसने उपर उठने को,गर्दन उठायी ही थी किजीवन में चली जो कठोर हवाएँ, जो गर्माती थी उसके चेहरे को झुलसाती थीउसके अरमानों को हवा में,हल्के सूखे पत्तों की तरह उड़ा ले जाती थी।  पिता के आँगन … Read more

पीली हल्दी

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** पीली हल्दी सोहती,मेंहदी लगे हाथबेटी लाल जोड़े में,छूट रहा है साथ। घर में बेटी खेलती,घर करती आबादटुकड़ा मेरे जिगर का,लेकर चले दमाद। घर-आँगन सूना हुआ,सूना सब संसारआगे-पीछे घूमती,बेटी मेरा प्यार। कठिन समय है ब्याह का,माँ-पापा का प्यार।एक रात में बदलता,बेटी पर अधिकार॥

खुशियाँ बाँटिए

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* सुन लो खुशियाँ बाँटिए, तब पाओ आनंद।समझदार जो वे करें, यह संदेश पसंद॥ सुन लो खुशियाँ बाँटिए, तभी खिलेंगे फूल।हो जाएँगे राह के, दूर आज सब शूल॥ सुन लो खुशियाँ बाँटिए, तभी हाथ में हर्ष।दुआ मिले, शुभकामना, सुखद रहे हर वर्ष॥ सुन लो खुशियाँ बाँटिए, तभी बनेगी बात।अमन-चैन की हाथ में, … Read more