देवी बना दें हम

सुरेश जजावरा ‘सुरेश सरल’ छिंदवाड़ा(मध्यप्रदेश) ****************************************************** नदी को माँ कहें बहना कहें,बेटी बना दें हम। बहुत प्यासी बहन मेरी,इसे पानी पिला दें हम। बने भागीरथी शिव की,जटाओं से बहे गंगा, इसे बेटी बना इसको,हरी चुनर दिला दें हम। मुझे बिरहन लगे फागुन,महीने में सभी नदियाँ, इन्हें सावन महीने की,चलो दुल्हन बना दें हम। मधुर सुर-ताल … Read more

क्यों मुझे तोड़ा

संजय गुप्ता  ‘देवेश’  उदयपुर(राजस्थान) ********************************************************************* किसी चाह में,अनजान राह में पड़ा रहा मैं बनकर पत्थर, कोई कदरदान,लेगा मुझे पहचान तराश देगा मुझको थोड़ा। पर सब पाषाण,बन गये महान जब उस राह के, छूटी शरम,मिट गया भरम जिंदगी ने कहीं का ना छोड़ाl मुझ जैसों के साथ,होती है जो बात आखिर फिर वही हुई, किसी ने … Read more

सौतेली

मालती मिश्रा ‘मयंती’ दिल्ली ******************************************************************** चाय की ट्रे लेकर जाती हुई उर्मिला के पाँव एकाएक जहाँ थे,वहीं ठिठक गए,जब उसके कानों में पड़ोस की प्रभावती ताई की आवाज पड़ी,जो उसकी माँ से कह रही थीं,-“अरे नंदा कब तक घर में बैठाकर रखेगी जवान विधवा बेटी को ? अभी तो उसकी पूरी जिंदगी पड़ी है सामने। … Read more

जीवन सफल बनाएगा

अवधेश कुमार ‘अवध’ मेघालय ******************************************************************** नारी का मुश्किल जीवन नर का सामर्थ्य बढ़ाएगा, सहनशक्ति की सबल मूर्ति से कौन भला टकराएगा। कभी सफलता को पाकर मदहोश नहीं होना यारों, लाख ढँके बादल फिर भी सूरज दिन लेकर आएगा। आज नहीं तो कल मुझको मेरी मंजिल मिल जाएगी, किन्तु राह में बहुतों चेहरों से नकाब उठ … Read more

घायल की गति घायल जाने..

डॉ.स्नेह ठाकुर, कनाडा *************************************************************************************** प्रिय गुप्ता जी, आप जूझ रहे हैं कि आपने कामिनी जी को पल-पल जाते देखा और मैं जूझ रही हूँ कि कैसे अचानक ठाकुर साहब चल दिये महाप्रयाण की यात्रा परl आपका भावनापूर्ण संस्मरण वह आख़िरी होली पढ़कर हमेशा की तरह आँखें भर-भर आईंl दो दिन पहले का अपना अनुभव आपसे … Read more

दहेज़

डॉ.रामावतार रैबारी मकवाना ‘आज़ाद पंछी’  भरतपुर(राजस्थान) ************************************************************************************************ आज भी लोग सरेआम दहेज़ लेते हैं, पर वो नालायक है बेटी वाले जो दहेज़ देते हैं फिर जिंदगीभर लोगों के सामने रो-रोकर कहते हैं, कि बेटे वाले मेरी बेटी को दु:ख देते हैं। दबा देते हैं बेटियों को दहेज़ के तले, फिर बेटियाँ जिंदगी भर रोती हैं … Read more

‘अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस’ विशेष स्पर्धा के परिणाम घोषित

इंदौर। दूसरे वर्ष में हिन्दीभाषा डॉट कॉम परिवार द्वारा कराई गई पहली स्पर्धा ‘अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस’ विशेष के परिणाम ३१ मार्च को घोषित कर दिए गए हैं। इसमें अंजुमन मंसूरी सहित अन्य विजेता हैं। मंच की प्रचार प्रमुख सुश्री नमिता दुबे ने बताया कि,८ मार्च २०१९ को ‘अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस’ पर विशेष स्पर्धा कराई गई … Read more

वर्तमान परिदृश्य में प्राकृतिक इलाज आवश्यक

विनोद वर्मा आज़ाद देपालपुर (मध्य प्रदेश)  ************************************************ भारत देश ऋषि-मुनियों की धरा रही है।सन्त-महात्माओं के चमत्कार और देवभूमि पर चमत्कारित औषधियाँ मानव जीवन के कल्याण के लिए उपयोगी रही हैं। वर्तमान समय में गर्मी तो शुरू हो ही गई है,लेकिन इसके आगे ‘लू’ का प्रकोप प्रारम्भ होगा,जो इस बार भीषण ही नहीं भीषणतम होने की संभावना … Read more

घुटन का जीवन

इंदु भूषण बाली ‘परवाज़ मनावरी’ ज्यौड़ियां(जम्मू कश्मीर) ******************************************************** मेरी डायरी-भाग २ यह उन दिनों की बात है,जब मैं पत्रकारिता के क्षेत्र में शिखर पर था कि एक परिचित सम्माननीय बुजुर्ग व्यक्ति ने मुझे अपने पास बुलाया और इधर-उधर की अर्थहीन वार्तालाप करने लगे। मैं चिढ़ गया और मैंने उनसे क्षमा याचना करते हुए वहां से … Read more

खोज रहा नीर नेह

बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* (रचना शिल्प:विधान- २२ मात्रिक छंद-१२,१० मात्रा पर यति, यति से पूर्व व पश्चात त्रिकल अनिवार्य, चरणांत में गुरु (२),दो-दो चरण समतुकांत हों, चार चरण का एक छंद कहलाता है)  वरुण देव कृपा करे,जल भंडार भरें। जल से सब जीव बने,जल अंबार करें। दोहन मनुज ने किया,रहा जल बीत है। बिन अंबु … Read more