छंद साधिका योगिता चौरसिया हिंदी सेवी सम्मान से सम्मानित

hindi-bhashaa

भोपाल (मप्र)। मध्यप्रदेश राष्ट्रभाषा प्रचार समिति द्वारा हिंदी भवन सभागार (भोपाल) में हिंदी सेवी सम्मान समारोह किया गया।साहित्य अकादमी मप्र के निदेशक और समिति के मंत्री डॉ. विकास दवे की मौजूदगी में इसमें मंडला की छंद साधिका श्रीमती योगिता चौरसिया ‘प्रेमा’ को स्व. श्रीमती प्रकाश कुमारी हरकावत नारी लेखन पुरस्कार से सम्मानित किया गया।    … Read more

भीड़ के बीच बिखरा भरोसा

डॉ. शैलेश शुक्लालखनऊ (उत्तरप्रदेश)*********************************** भारत ने स्वतंत्रता के बाद से कई बड़े राजनीतिक आंदोलन देखे हैं। उनमें से कुछ ने सरकारें हिला दीं, कुछ अख़बारों की सुर्ख़ियों में ही दम तोड़ गए। फ़र्क़ अक्सर एक ही बात से पड़ता था कि आम आदमी घर से निकला या नहीं। जे.पी. का आंदोलन हो, २०११ में अन्ना का … Read more

स्तरहीनता में उलझती कांग्रेस

ललित गर्गदिल्ली*************************** लोकतंत्र में सत्ता और विपक्ष एक-दूसरे के विरोधी अवश्य होते हैं, लेकिन उनकी भाषा शत्रुता की नहीं, वैचारिक प्रतिस्पर्धा की होनी चाहिए। राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र की शक्ति हैं, पर जब ये मतभेद व्यक्तिगत कटाक्ष, पारिवारिक टिप्पणियों और अपमानजनक शब्दों में बदलने लगते हैं, तब राजनीति का स्तर गिरता है और लोकतांत्रिक संस्थाओं की … Read more

जीते-जी श्राद्ध

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)**************************************** हिंदू धर्म में श्राद्ध का महत्व है बड़ा,श्राद्ध में पितरों को तर्पण दिया जातापुण्य प्राप्त करने के लिए ही तो तर्पण किया जाता,जीते जी अपने माता-पिता को तड़पायामरने पर पूरे शहर को भोज दिया। बहुत अजीब रीत है हमारे यहाँ की,मरने पर गंगा, और जीते जी एक गिलास पानी के लिए … Read more

शरद चाँदनी से सजी संध्या में नहाया कल्पकथा का साहित्यिक आँगन

सोनीपत (हरियाणा)। प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की कृपा से सद साहित्य हेतु कृत संकल्पित कल्पकथा साहित्य संस्था परिवार की २७० वीं साप्ताहिक आभासी काव्य गोष्ठी ‘शरद पूर्णिमा’ विषय पर आयोजित की गई। चंद्रमा की धवल आभा, भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपरा और भक्ति-सौंदर्य से प्रेरित रचनाओं ने इस साहित्यिक मंच को भावमय बना … Read more

शरद पूर्णिमा मन का अमृत

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)**************************************** अमृत की रात (शरद पूर्णिमा विशेष)… शरद पूर्णिमा की आई रात,  अमृत बरसाने आई रातचाँद सोलहवीं कला से पूर्ण, सजी हुई रात,  चाँदनी बिखेर रही सारी रातशरद पूर्णिमा कही जाती अमृत की रात,चाँद अमृत बरसाता सारी रात। आज ही का दिन रास की लीला कहलाता,  कृष्ण ने गोपियों से वादा किया थाशरद पूर्णिमा के … Read more

लोगों का स्वभाव

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’धनबाद (झारखण्ड) ********************************************** लोगों का स्वभाव है बड़ा अजीब,तुम्हारे सहयोग पर खुशी मनाएगाअगर अनजाने भी हुई थोड़ी गलती,सारा अच्छाई तुरन्त ही भूल जाएगा। ना जी ना, अब ना हो पाएगा,अच्छा समझदार बनना ठीक हैपर कभी छोटी-सी गलती भी न हो,ऐसा तो सम्भव कभी ना हो पाएगा। अपने जो सहयोग के देखते सपने,कर्तव्य निर्वाहन … Read more

संदेश अनूठा फैलाना

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)************************************* अमृत की रात (शरद पूर्णिमा विशेष)…. धरती पर उतरी ये चाँदनीउत्सव नहीं मनाना,मौन कपाटों पर मनुष्य केदस्तक उसे लगाना। आज चंद्रमा चाँद नहीं वहमन दर्पण बन आया,जिसने अपने भीतर झाँकाउसी ने उसको पाया। छत पर किसी के खीर पक रहीकहीं विरह की रात जगी,कहीं प्रार्थना के दीप जल रहेकहीं स्मृतियों की नदी … Read more

नीलकण्ठ दर्शन जीवन भोर

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* नीलकण्ठ दर्शन स्वस्ति हो  जीवन-भोर है, शंभु-कृपा से मिटे, मन का तिमिर  घनघोर है। शुभ शकुन की लोक-आस्था,  जगाए विश्वास, सच विजयी दीप जले, मिटे चित्त  का द्वेष है। नीलकण्ठ की महिमा शिव का  परम त्याग है, लोक-मंगलार्थ विषपान, दिया जग सुहाग है। विजयादशमी सिखलाती, नित    चलना धर्म-पथ, मन के रावण को जीतें, सत्य-सुधा पान है। राम-विजय का त्यौहार, अधर्म पर प्रहार है, नीलकण्ठ-दर्शन से, मंगलमय संसार है। अहंकार का अंत ही सच्ची विजय का सार, प्रेम, दया, सद्भाव से, जीवन हो गुलज़ार है। शिव का नाम सँभाले, श्रद्धा का संसार है, नीलकण्ठ-दर्शन से, शुभ हो हर … Read more

विधु की शोभा निराली

डॉ.विद्यासागर कापड़ी ‘सागर’पिथौरागढ़(उत्तराखण्ड)********************************** अमृत की रात…(शरद पूर्णिमा विशेष)…. शरद की पावन पूर्णिमा है,     विधु भरे सोलह कलायें।होगी कौमुदी सुकोमल पर,    किरणें व्याधि को जलायें॥आज विधु की शोभा निराली,सबके उर को हर लेगी।मनहर जुन्हाई क्षीरिका में,अमिय अमोलक भर देगी॥ उस पायेश का पान करके,   व्याधियाँ निर्मूल होंगी।तन में भरेगा बल अमिय का,     दौर्बल्यता धूल होंगी॥हो … Read more