धैर्य मेरा खो रहा है

वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) *************************************************************** धैर्य मेरा खो रहा है। हाय यह क्या हो रहा है। लोग कहते कवि मुझे पर, ज्ञान मेरा सो रहा है। है हँसी में जिंदगानी, किंतु मन यह रो रहा है। सैकड़ों अवसाद कैसे, यह कलेजा ढो रहा है। मन सदा बेचैन होकर, दर्द केवल बो रहा है। कर … Read more

जब बालक थे…

वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) *************************************************************** याद करो जब बालक थे हम संशय का यह भाव नहीं था, थीं खुशियाँ भरपूर किसी जन से तब हाय दुराव नहीं था, उम्र बढ़ी मन खिन्न रहे उर कष्ट भरा यह घाव नहीं था, खेल व कूद रहे मन में तब जीवन का उलझाव नहीं था। परिचय-वकील कुशवाहा … Read more

तुमसे मिलन की चाह में..

वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) *************************************************************** तुमसे मिलन की चाह में इतना दिवाना हो गया, कल ही मिला तुमसे मगर लगता ज़माना हो गया। है याद आती चूड़ियों की खनखनाहट रातभर, महसूस करता हूँ सदा मैं तेरी आहट रातभर तेरी नज़र का हाय ऐसे दिल निशाना हो गया- कल ही मिला तुमसे मगर लगता ज़माना … Read more

हिंदी से भाई प्यार करो

वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) *************************************************************** हिंदी की बिंदी से भाई भारत का तुम श्रृंगार करो, दुनिया में यह रौशन होगी,घर में पहले स्वीकार करो। तेरी माँ की यह भाषा है,क्या तुमको इसका ज्ञान नहीं ? तुम पढ़ो-लिखो कुछ भी लेकिन करना इसका अपमान नहीं। तुम हिंदी में हो पले-बढ़े,हिंदी से भाई प्यार करो- दुनिया … Read more

हे जनता के सेवक…

वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) *************************************************************** हे जनता के सेवक मेरी बात सुनो, भूखे-प्यासे कट जाती है रात सुनोl रोजी-रोटी ढूँढ रहे हम शहरों में, पाते हैं लेकिन केवल आघात सुनोl जब भी बटुआ खाली होता है अपना, महँगाई की है मिलती सौग़ात सुनोl सोने की कुर्सी मिट्टी हो जायेगी, बिन बादल करने वालों बरसात … Read more

ऐ सनम जबसे तू…

वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) *************************************************************** ऐ सनम जबसे तू आ गयी पास है, ये मेरी जिंदगी हो गयी खास है। जो हमें पास लाकर जवां हो गयी, वो मेरी प्यास है या तेरी प्यास है ? अब तुझे छोड़कर और सोचूँ किसे ? जब ये दिल ही तेरा हो गया दास है। तुम जवां … Read more

मत बाँटो इंसान को

वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) *************************************************************** जाति-धर्म की बातें कर यूँ मत बाँटो इंसान को, मिल-जुल कर तुम रहो बचा लो अपने देश महान को। कुछ नेता बस घात करेंगे, झगड़े वाली बात करेंगे। जेठ महीने के दिन को भी, काली आधी रात करेंगे। इन दुष्टों की नज़र लगी है प्यारे हिंदुस्तान को- मिल-जुल कर … Read more

भारत माता की पुकार

वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) *************************************************************** ऐ मेरे बच्चों जरा मिल-जुल के रहना सीख लो, भाई-भाई हो सभी, तुम प्यार करना सीख लो। तेरी इस माँ भारती को रौंदने आ जायेगा, बैर आपस में रखोगे तीसरा धमकायेगा। हो जरा मतभेद तो आपस में कहना सीख लो- भाई-भाई हो सभी,तुम प्यार करना सीख लो। आग के … Read more

रुकती ग़म की…

वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) *************************************************************** रुकती ग़म की कभी न धारा है, इस नदी का नहीं किनारा है। धन की खातिर ज़मीर को बेचूँ, यह तो बिल्कुल नहीं गँवारा है। जिसके ग़म में निकल गए आँसू, तंज उसने ही आज मारा है। उससे रिश्ता नहीं रखे कोई, हर क़दम पर यहाँ जो हारा है। … Read more

आँखें बता रहीं हैं…

वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) *************************************************************** आँखें बता रहीं हैं कि इनकार है नहींl शायद लबों ने झूठ कहा प्यार है नहींl दिल हारने का भी सुनो अपना ही है मज़ा, दिल हारने का अर्थ कोई हार है नहींl जब भी पढ़ोगे मस्तियों में डूब जाओगे, ये है ग़ज़ल मेरी,कोई अखबार है नहींl मैंने ये … Read more