पुस्तक..

निर्मल कुमार जैन ‘नीर’  उदयपुर (राजस्थान) ************************************************************ जीवन सार- पुस्तकों में छिपा है, सुखी संसारl बड़ों का मान- पुस्तकें सिखाती है, हमें सद्ज्ञानl राह बताती- किताबें हमें सच्चा, पाठ पढ़ातीl…

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जीवन साथी…

निर्मल कुमार जैन ‘नीर’  उदयपुर (राजस्थान) ************************************************************ जीवन साथी- अनूठा है संगम, दिया व बाती। साथ निभाना- मेरे जीवन साथी, भूल न जाना। दुनिया दंग- जब जीवन साथी, प्रीत के…

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आशा हैं ‘हिंदी’

निर्मल कुमार जैन ‘नीर’  उदयपुर (राजस्थान) ************************************************************ हिंदी  दिवस स्पर्धा विशेष……………….. देश की भाषा हिंदी है, देश की आशा हिंदी है। सवा सौ करोड़ लोगों की, अभिलाषा हिंदी है। दुनिया…

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जन्मकुंडली…

निर्मल कुमार जैन ‘नीर’  उदयपुर (राजस्थान) ************************************************************ लोग कहते हैं जोड़ियाँ ईश्वर बनाता है, शास्त्रों में लिखा है हमारी जन्मकुंडली ऊपरवाला बनाता हैl फिर क्यों ? रिश्ते बनते और बिगड़ते…

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सैनिक

निर्मल कुमार जैन ‘नीर’  उदयपुर (राजस्थान) ************************************************************ वीर सैनिक, जान लुटा देता है देश के लिए। आंधी तूफान में भी डटा रहता, देश के लिए। अपना घर, परिवार भूलता देश…

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तीन सौ सत्तर…

निर्मल कुमार जैन ‘नीर’  उदयपुर (राजस्थान) ************************************************************ कश्मीर तंत्र- तीन सौ सत्तर से हुआ स्वतंत्रl एक प्रधान- जम्मू-कश्मीर में हो एक विधानl कश्मीर क्यारी- देखो आज फिर से खिलखिलाईl सबसे…

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विजय दिवस

निर्मल कुमार जैन ‘नीर’  उदयपुर (राजस्थान) ************************************************************ कारगिल विजय दिवस स्पर्धा विशेष………. आओ करें नमन उन अमर शहीदों को, कारगिल विजय दिवस पर जो देश हित बलिदान हो गये, अपना…

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साहस…

निर्मल कुमार जैन ‘नीर’  उदयपुर (राजस्थान) ************************************************************ तू जो चाहे, पर्वत पहाड़ों को फोड़ दे, हवा के बदलते रूख को भी मोड़ दे, अगर साहस से तू काम ले...। तू…

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सपनों की दुनिया..

निर्मल कुमार जैन ‘नीर’  उदयपुर (राजस्थान) ************************************************************ कभी हँसाती- सपनों की दुनिया, कभी रुलातीl कोई रूठता- कोई मझधार में, साथ छोड़ताl कभी उठाती- ख़्वाबों की हक़ीकत, कभी गिरातीl ख़्वाबों में…

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संसार…

निर्मल कुमार जैन ‘नीर’  उदयपुर (राजस्थान) ************************************************************ सारा संसार- कभी-कभी लगता, मुझे असार। धूप या छाया- यह सब है यारों, प्रभु की माया। गोरखधंधा- मज़हबी रंग में, रंगी दुनिया। कैसा…

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