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काव्य-सृजन की स्मृतियों से सजी कल्पकथा गोष्ठी

इंदौर (मप्र)।

प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की कृपा से संचालित राष्ट्र प्रथम हिन्दी भाषा, साहित्य एवं सनातन संस्कृति समर्पित कल्पकथा साहित्य संस्था परिवार द्वारा आयोजित २५५वीं साप्ताहिक काव्य गोष्ठी का सफल आयोजन ‘आपकी पहली कविता” विषय पर सम्पन्न हुआ। इस विशेष गोष्ठी में देश-विदेश के प्रबुद्ध साहित्यकारों एवं सृजनकारों ने अपनी प्रथम काव्य रचनाओं तथा उनसे जुड़ी साहित्यिक स्मृतियों को साझा कर कार्यक्रम को भावपूर्ण एवं स्मरणीय बना दिया।
    संवाद प्रभारी ज्योति राघव सिंह द्वारा प्रदत्त जानकारी के अनुसार कार्यक्रम का संचालन पवनेश मिश्र ने किया। अध्यक्षता मणिका वर्मा ने की। मुख्य अतिथि का दायित्व बिनोद कुमार पाण्डेय ने निभाया।
शुभारम्भ विजय रघुनाथराव डांगे द्वारा संगीतमय गुरु वंदना, गणेश वंदना एवं सरस्वती वंदना से हुआ।
   इस अवसर पर श्री डांगे, प्रेमलता कुमारी पुष्पेश, मणिका वर्मा, रमापति मौर्य, ज्योति प्यासी, नरेंद्र कुमार वर्मा ‘नरेन’, पं. अवधेश प्रसाद मिश्र ‘मधुप’, नीरजा सिंह, रजनी कटारे, डॉ. श्याम बिहारी मिश्र, सांद्रा लुटावन गणेश, बिनोद कुमार पाण्डेय, डॉ. जया शर्मा ‘प्रियंवदा’, उर्मिला तिवारी ‘योगमाया’, डॉ. मंजू शकुन खरे, राधा श्री शर्मा तथा पवनेश मिश्र ने अपनी काव्य रचनाओं के सृजन प्रसंग, भावभूमि एवं साहित्यिक यात्रा के आरम्भिक अनुभवों को साझा करते हुए प्रभावपूर्ण काव्य पाठ प्रस्तुत किया।
    संस्थापक राधा श्री शर्मा ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।