पृथ्वी

दृष्टि भानुशाली
नवी मुंबई(महाराष्ट्र) 
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देखो एक ग्रह ऐसा
मानो नीले आकाश जैसा।
हरा रंग पेड़-पौधों-सा,
वह कहलाए वसुंधरा॥

देख रहा है किसे रवि,
पर्वत,तरु और नदी।
गरमी है यहाँ बहुत बढ़ी,
कह रही है पृथ्वी यही॥

एक चाँद,अनेक तारे,
देख इन्हें बच्चे मुस्काएँ।
लाड़-प्यार करती है माँ जैसा,
तभी तो ये अवनि कहलाए॥

परिचय-दृष्टि जगदीश भानुशाली मेधावी छात्रा,अच्छी खिलाड़ी और लेखन की शौकीन भी है। इनकी जन्म तारीख ११ अप्रैल २००४ तथा जन्म स्थान-मुंबई है। वर्तमान पता कोपरखैरने(नवी मुंबई) है। फिलहाल नवी मुम्बई स्थित निजी विद्यालय में अध्ययनरत है। आपकी विशेष उपलब्धियों में शिक्षा में ७ पुरस्कार मिलना है,तो औरंगाबाद में महाराष्ट्र का प्रतिनिधित्व करते हुए फुटबाल खेल में प्रथम स्थान पाया है। लेखन,कहानी और कविता बोलने की स्पर्धाओं में लगातार द्वितीय स्थान की उपलब्धि भी है,जबकि हिंदी भाषण स्पर्धा में प्रथम रही है।

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