कुल पृष्ठ दर्शन : 292

You are currently viewing कुछ कहना चाहता हूँ

कुछ कहना चाहता हूँ

डॉ.अशोक
पटना(बिहार)
**********************************

आज़ कुछ कहना चाहता हूँ,
समय से पहले
कुछ समझना व समझाने में,
व्यस्त रहने की कोशिश करते हुए
आगे बढ़ना चाहता हूँ।

परिस्थितियाँ बदलती रहती है,
वर्तमान में बदल रहे हैं
आने वाले समय में,
बदलाव और आएंगे
इसलिए कुछ कुछ कहना चाहता हूँ।

पसंद और नापसंद अब,
मायने नहीं रखता है
समय और काल में,
परिवर्तन एक नियमित प्रक्रिया है
इसमें निरंतरता लाने की जरूरत है,
वक्त में हालात देखकर
इसकी बढ़ रही अहमियत है,
सब जानकर हैरानी हुई है
हैरानी होने की सम्भावना है,
इसलिए कुछ कहना चाहता हूँ।

हालांकि, जमाने में,
बदलाव आया है
जिंदगी में आगे बढ़ने की,
जरूरत दिखाई देने लगी है
कुछ मजबूरियाँ हैं,
तो कुछ सुकून और खुशियाँ लेकर
सुनहरे पल हैं,
आनंदित होने की ख़ास वजह भी है
परन्तु जमाने की बंदिशें,
कुछ तकलीफ़ देती है
हालत पतली बनाने में,
पुरजोर ढंग से अपनी फितरत से
सबको ग़म में डुबो देती है
इसलिए कुछ कहना चाहता हूँ।

आज़ गर्दिश में,
पुराने गिले-शिकवे दूर हों
यही उम्मीद करते हुए,
आखिरी बाज़ी में लगा हुआ हूँ
कुछ बेकरारी है,
कुछ परेशानियाँ भी है
फिर भी कुछ कुछ ज़िन्दगी,
आसान हो रही है
खुशियों में ग़म कमजोर हो रहे हैं,
उम्मीद है कि वक्त बदलेगा।
कुछ तो सुधरेगा,
इसलिए आज़ मैं
कुछ कहना चाहता हूँ,
बेबाकी से गुफ्तगू करना चाहता हूँ॥

परिचय–पटना (बिहार) में निवासरत डॉ.अशोक कुमार शर्मा कविता, लेख, लघुकथा व बाल कहानी लिखते हैं। आप डॉ.अशोक के नाम से रचना कर्म में सक्रिय हैं। शिक्षा एम.काम., एम.ए.(अंग्रेजी, राजनीति शास्त्र, अर्थशास्त्र, हिंदी, इतिहास, लोक प्रशासन व ग्रामीण विकास) सहित एलएलबी, एलएलएम, एमबीए, सीएआईआईबी व पीएच.-डी.(रांची) है। अपर आयुक्त (प्रशासन) पद से सेवानिवृत्त डॉ. शर्मा द्वारा लिखित कई लघुकथा और कविता संग्रह प्रकाशित हुए हैं, जिसमें-क्षितिज, गुलदस्ता, रजनीगंधा (लघुकथा) आदि हैं। अमलतास, शेफालिका, गुलमोहर, चंद्रमलिका, नीलकमल एवं अपराजिता (लघुकथा संग्रह) आदि प्रकाशन में है। ऐसे ही ५ बाल कहानी (पक्षियों की एकता की शक्ति, चिंटू लोमड़ी की चालाकी एवं रियान कौवा की झूठी चाल आदि) प्रकाशित हो चुकी है। आपने सम्मान के रूप में अंतराष्ट्रीय हिंदी साहित्य मंच द्वारा काव्य क्षेत्र में तीसरा, लेखन क्षेत्र में प्रथम, पांचवां व आठवां स्थान प्राप्त किया है। प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर के कई अखबारों में आपकी रचनाएं प्रकाशित हुई हैं।

Leave a Reply