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‘मिसाईल मैन’ को सलाम

डॉ.अशोक
पटना(बिहार)
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विलक्षण वैज्ञानिक,
व लोकप्रिय मानव
अद्भुत, अनमोल व,
सदैव आगे रहे बनकर,
जनता के योग्य संवाहक।

सपनों के जादूगर,
‘मिसाईल मैन’ कहलाते थे
वैश्विक संकेतों से,
अनमोल व अनूठेपन का
खूब भाव दर्शाते थे।

सादगी के साथ ही,
जिन्दगी उन्होंने निभाई
कठिन परिस्थितियों में,
अद्भुत बौद्धिक वीरता दिखाई।

भौतिकी की ज्ञान लता,
देश के भाग्य विधाता थे
राष्ट्रपति भवन में भी,
सदैव सादगी दिखाते थे।

दिलों पर राज करने का है अधिकार,
डॉ. कलाम का यह है अनूठा संस्कार
‘मिसाईल मैन’ के नाम से थे खूब मशहूर,
देश धन्य है आज भी पाकर यह उपहार।

पीपुल्स प्रेसिडेंट बने रहे वो पांच साल,
सुंदर और अविस्मरणीय रहा यह उनका काल
ज्ञान और सादगी से निर्मल मन से जीवन व्यतीत किया,
जीवित रखेगी यह युवा पीढ़ी उन्हें सदियों तक हर साल।

आज़ हृदय तल से हम सब मिलकर,
दे रहें हैं उन्हें अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि यहां।
भारतवर्ष पीढ़ियों तक याद रखेगी,
उनकी अद्भुत वैज्ञानिक कुर्बानियाँ॥

परिचय–पटना(बिहार) में निवासरत डॉ.अशोक कुमार शर्मा कविता,लेख,लघुकथा व बाल कहानी लिखते हैं। आप डॉ.अशोक के नाम से रचना कर्म में सक्रिय हैं। शिक्षा एम.काम.,एम.ए.(राजनीति शास्त्र,अर्थशास्त्र, हिंदी,इतिहास,लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास) सहित एलएलबी,एलएलएम,सीएआईआईबी, एमबीए व पीएच-डी.(रांची) है। अपर आयुक्त (प्रशासन)पद से सेवानिवृत्त डॉ. शर्मा द्वारा लिखित अनेक लघुकथा और कविता संग्रह प्रकाशित हुए हैं,जिसमें-क्षितिज,गुलदस्ता, रजनीगंधा (लघुकथा संग्रह) आदि है। अमलतास,शेफालीका,गुलमोहर, चंद्रमलिका,नीलकमल एवं अपराजिता (लघुकथा संग्रह) आदि प्रकाशन में है। ऐसे ही ५ बाल कहानी (पक्षियों की एकता की शक्ति,चिंटू लोमड़ी की चालाकी एवं रियान कौवा की झूठी चाल आदि) प्रकाशित हो चुकी है। आपने सम्मान के रूप में अंतराष्ट्रीय हिंदी साहित्य मंच द्वारा काव्य क्षेत्र में तीसरा,लेखन क्षेत्र में प्रथम,पांचवां,आठवां स्थान प्राप्त किया है। प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर के अखबारों में आपकी रचनाएं प्रकाशित हुई हैं।

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