ममता सिंह
धनबाद (झारखंड)
*****************************************
युद्ध विनाशकारी होता है,
युद्ध का अंत संहारी होता है।
युद्ध तो केवल युद्ध होता है,
यह तो नहीं शुद्ध होता है।
शांत व्यक्ति तो प्रबुद्ध होता है,
अशांत व्यक्ति अप्रबुद्ध होता है।
यह अंदर और बाहर दोनों होता है,
एक युद्ध हमारे अंतर्मन में होता है।
दूसरा युद्ध भी बर्हियुदध होता है,
इसमें अनाड़ी भी शिकारी होता है।
जहां बुद्ध होते है वहाँ युद्ध नहीं,
जहां द्वेष होता है, वहाँ बुद्ध नहीं।
युद्ध में नहीं है कोई मजा,
औरों के लिए ये तो है सजा।
गृह युद्ध हो या विश्व युद्ध,
दोनों ही है शांति के विरुद्ध।
सरकार पर नियंत्रण के लिए,
या सत्ता परिवर्तन के लिए।
क्षेत्र विशेष की स्वतंत्रता की मांग,
वैचारिक और सामाजिक मतभेद।
आर्थिक असमानता के लिए,
यह तूफानी गृहयुद्ध होता है।
२०२२ में शुरु हुआ रुस यूक्रेन युद्ध,
अभी भी लगातार जारी है यह युद्ध।
२०२३ से इजराइल फिलिस्तीन युद्ध,
गाजा और हमास के बीच यह युद्ध।
इजराइल और इरान के बीच युद्ध,
प्रभावित देश लेबनान और सीरिया।
अन्य क्षेत्रीय देश भी प्रभावित हुए,
अप्रैल २०२३ में सुडान में गृह युद्ध।
राष्ट्रीय सेना औेर सपोर्ट फोर्सेज,
के बीच हुआ है भीषण गृहयुद्ध।
इससे प्रभावित हुई मानवता,
म्यांमार में सशस्त्र सैनिक औेर जुटा।
देशों के बीच भारी गृहयुद्ध है हुआ,
युद्ध में निर्दोष भी शिकार हुआ॥