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कलाई पर रेशम धागा

ममता सिंह
धनबाद (झारखंड)
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रिश्तों का रक्षा-बंधन (रक्षाबंधन विशेष)…

राखी का त्योहार प्यारा,
इससे बढता है भाईचारा।

प्यारा-सा बंधन है ये सारा,
लगता प्यारा साथ हमारा।

कलाई पर बंधे रेशम धागा,
बचपन की यादें होती ताजा।

रोली, मिठाई, अक्षत थाली सजा,
आरती उतारने में आए मजा।

बहना आए अपनी ससुराल से,
निहारे राह भैया अपने घर में।

भाई की कलाई कभी सूनी न रहे,
हर हाल में बहन का स्नेह बना रहे।

रक्षाबंधन में स्वार्थ न भारी पड़े,
भाई-बहन का प्यार नित बढे।

भाई न कभी भूले बहना को,
इसी लिए मनाए रक्षाबंधन को।

द्रौपदी ने श्रीकृष्ण को पल्लू बांधा,
बदले में उन्होंने चीर हरण से बचाया।

यमुना ने यमराज को रक्षासूत्र बांधा,
यमराज ने उसे अमरत्व वरदान दिया। 

बहन बांधे राखी भाई की कलाई पर,
भाई, रक्षा का देता वचन जीवनभर॥