होली आनंदोल्लास का पर्व

ललित गर्ग दिल्ली ************************************************************** होली प्रेम,आपसी सदभाव और मस्ती के रंगों में सराबोर हो जाने का अनूठा त्यौहार है। यद्यपि आज के समय की गहमागहमी,मेरेे-तेरे की भावना,भागदौड़ से होली की परम्परा में बदलाव आया है। परिस्थितियों के थपेड़ों ने होली की खुशी को प्रभावित भी किया है,फिर भी जिन्दगी जब मस्ती एवं खुशी को स्वयं … Read more

शुभ जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ

हिन्दीभाषा.कॉम मंच के रचनाकार साथी मंगल प्रताप चौहान जी  का २० मार्च को शुभ जन्मदिन है..इस पटल के माध्यम से आप उनको शुभकामनाएं दे सकते हैं…..

नैनों में ‘नीर’…

निर्मल कुमार जैन ‘नीर’  उदयपुर (राजस्थान) ************************************************************ नैनों में ‘नीर’, कौन समझता है मन की पीर। वक्त की मार, हर पल बहती अश्रु की धार। घाव गंभीर, बेदर्द है ज़माना धरना धीर। याद आती है, मेरी अँखियाँ यों ही भीग जाती है। जी लेता हूँ मैं, भीतर के दर्द को पी लेता हूँ मैं। परिचय-निर्मल … Read more

होली है

शम्भूप्रसाद भट्ट `स्नेहिल’ पौड़ी(उत्तराखंड) ************************************************************** फाल्गुन प्यारा आया रे,कि खेलते होली हैं बृज की, क्योंकि बसंत बहार है। बृज की जो होली कृष्ण ने खेली, रास रची लीला सभी गोपी चेली। मथुरा के वासी भी,कि प्यार से खेलते होली; क्योंकि बसंत बहार है॥ देवदूत प्रह्लाद नाम है जिसका, मारने के बहाने से जल गई होलिका। … Read more

मैं हूँ नारी भारत की

ओम अग्रवाल ‘बबुआ’ मुंबई(महाराष्ट्र) ****************************************************************** मैं हूँ नारी भारत की,मैं नित-नित पूजी जाती हूँ, मैं संस्कार की सूचक हूँ मैं,पुण्य धरा की थाती हूँ। नेह-स्नेह की प्रीत प्यार की,ये अपनी परिपाटी से, त्याग समर्पण सीखा हमने,पुण्य धरा की माटी से। जो जैसा संज्ञान करे,मैं उसको वैसा भाती हूँ, मैं हूँ नारी भारत की,मैं नित-नित पूजी … Read more

एक राष्ट्र पुरुष का यूँ अचानक चले जाना…

डॉ. स्वयंभू शलभ रक्सौल (बिहार) ****************************************************** एक बार एक कार से स्कूटर की टक्कर हो गई। जो नौजवान कार चला था बाहर निकलकर स्कूटर वाले को गुस्से में बोला…-‘मैं गोवा के पुलिस कमिश्नर का बेटा हूँ…l’ स्कूटर वाले ने मुस्कुराते हुए कहा…-‘मैं गोवा का मुख्यमंत्री हूँ…l’ ऐसे ही थे मनोहर पर्रिकर। हर कोई उनकी सादगी … Read more

साहित्य संगम संस्थान में उत्साह से मनाया परिचय सम्मेलन

रचनाकारों की आत्मकथा सिखाती है जीवन जीने की कला-पुरोहित भवानीमंडी(राजस्थान)l साहित्य संगम संस्थान दिल्ली(पंजीकृत)में आत्मकथा साहित्य के संवर्धनार्थ परिचय सम्मेलन किया गया। सम्मेलन में पचास से अधिक साहित्यकारों ने भाग लिया और करीब उन्चालीस साहित्यकारों का गौरवशाली परिचय मंच पर प्रदर्शित किया गया। इस दौरान डॉ. मीना भट्ट(जबलपुर) के परिचय को साहित्यकारों के मध्य आदर्श … Read more

भारत का वीर जवान हूँ मैं

उमेशचन्द यादव बलिया (उत्तरप्रदेश)  *************************************************** भारत का वीर जवान हूँ मैं, ना हिंदू ना मुसलमान हूँ मैंl भारतमाता के चरणों की, धूल में पला इंसान हूँ मैंl भारत का वीर जवान हूँ मैं, ना हिंदू ना मुसलमान हूँ मैं। तिरंगे पर जान लुटाते हैं, मिटाते कभी मिट जाते हैंl जन्मभूमि की रक्षा हेतु, करता खुद … Read more

कैसे खेलूं फाग

अंतुलता वर्मा ‘अन्नू’  भोपाल (मध्यप्रदेश) ************************************************************ फाग आया,मचले मन उमंग, तन में सागर उमड़े,धड़कन हुई तरंग कैसे खेलूं फाग,जब तुम नहीं हो संग…l सपनों में सजते,अरमानों के रंग, कर लूं बातें प्यार की,तुझे लगा के अंग कैसे खेलूं फाग,जब तुम नहीं हो संग…l रंगों की बारिश में भीगूं,हो के मैं मगन, तेरी राह निहारें,मेरे दोऊ … Read more

क्यों होली बे-रंग

संजय गुप्ता  ‘देवेश’  उदयपुर(राजस्थान) ********************************************************************* होली के नहीं रहे हैं,वह पहले जेसै रंग, हर बार हो रही है यह होली क्यों बेरंग। कुछ स्ट्राइक हुई,पर अभी कई आतंकी, मनाते हैं खूनी होली,मचाते हैं आत॔क। राजनीति के नातों ने भी बदली है कहानी, बुआ होलिका हो ली अब पहलाद के संग। जीएसटी,नोटबंदी खूब हुए हैं ये … Read more