दृश्य सुहाने

सुरेश चन्द्र ‘सर्वहारा’कोटा(राजस्थान)***************************************************************** लगी नीम के ऊपर फिर सेपीली हरी निबोली,आमों के पेड़ों के ऊपरआ कोयलिया बोली।रजनीगंधा ने महका दीफिर से सूनी रातें,हँस-हँसकर कचनार कर रहासोनजुही से बातें।रस से भीगे फूल खिलाकरमहक रहा है महुआ,हरियाली की रेख खींचकरउड़ नभ में गया सुआ।चहक रही हैं चिड़िया मिलकरबाँसों के झुरमुट में,अभी देखते खो जाएँगीनीड़ों के संपुट में।लौट … Read more

कदम मिलाना

विनोद सोनगीर ‘कवि विनोद’इन्दौर(मध्यप्रदेश)*************************************************************** इधर-उधर की बात ना करना,बेगाने शहर में रात ना करना…हिन्दी और हिन्दुस्तानी हैं हम,बेवजह जात-पात ना करना। छल-कपट-मिथ्या से दूरी भली,अपनों के संग घात ना करना…दीन-हीन के दु:ख को हरना,जख्मों पर आघात ना करना। सबके हित की बात जो ना करे,उनसे तुम मुलाकात ना करना।साथ कदम मिलाना ‘विनोद’,खुद को कहीं तैनात … Read more

पर्यावरण को मत समझो उपभोग की सीढ़ी

आरती जैनडूंगरपुर (राजस्थान)********************************************* आज पर्यावरण ने भी,चुप्पी को तोड़ा हैतुमने शुद्धता से,जो मुँह को मोड़ा है।कोरोना विषाणु से,ज्यादा पर्यावरण का श्राप हैपर्यावरण से छेड़-छाड़,का जो किया पाप है।पेड़ के पत्तों पर,खाने में आती है लज्जाप्लास्टिक की सब जगह,क्यूँ लहरा रही है ध्वजा।घर में जब ऐ मानव तू,कुछ दिन था कैदएहसास हुआ होगा तुझे,पशुओं की आजादी … Read more

अपराध-विकास:आँख खोलती है घटना

९ जुलाई की सुबह टेलीविजन पर दिखाई पड़ा कि कानपुर के पास के बिकरू गाँव का विकास दुबे,जिसने ८ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी और भागा-भागा फिर रहा था,को उज्जैन के महाकाल मंदिर से निकलते समय पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। और उसे थाने ले जाया गया। दुबे की गिरफ्तारी की बात सब जगह … Read more

नीर बहे…

बाबूलाल शर्मासिकंदरा(राजस्थान)************************************************* रचना शिल्प:३२ वर्ण प्रति चरण (८८८८) १६,१६ पर यति,४ चरण समतुकांत चरणांत लघु गुरु,या लघु लघु मेघ घटा जल वर्षाखेत खेत है सरसाबाग पेड़ सर हर्षारोक जन नीर बहे। नीर भावि जन शक्तिउठो धीर मति व्यक्तिवारि से हो अनुरक्तिव्यर्थ यह नीर बहे। जल कुंड बना घररख मेड़ बनाकरकूप बापी बेरे भरचेत नर नीर … Read more

इंसनियत तो सब भेदों से परे

कविता जयेश पनोतठाणे(महाराष्ट्र)********************************************************** सत्य,अहिंसा,दया,करुणा,प्रेम,शान्ति,त्याग का वृक्ष है।जिस वृक्ष की शाखाएं इन फलोंसे लदी,वो ही हकीकत में इन्सान है।वरना तो चोला इन्सानों-सा पहन,दिल में दबा नफरत औऱ द्वेष की चाहफिरते हैं जीवन के उपवन में,कितने ही हैवान।मानव है जिसे है प्रेम और,करुणा का एहसास।इंसानियत न बँधी,किसी जाति-धर्म-भेद मेंये तो सब भेदों से परे है।‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की,मिसाल … Read more

स्वागत सावन

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ********************************************************************* स्वागत सावन मास का,अभिनन्दन शिवधाम।ग्रीष्मातप आहत धरा,बरसे नभ घनश्याम॥ पावस ऋतु स्वागत करे,बढ़कर सावन मास।शिव सुन्दर भावन जगत,सावन मन आभास॥ चमक रही घन बिजुरियाँ,दादुर मुख मुस्कान।चला कँवरिया जलभरण,हरिहर भोले गान॥ सुख-दु:ख का गमनागमन,नवजीवन सौगात।पतझड़ बस अहसास बन,फिर सावन बरसात॥ शीतल मंद समीर नित,कहीं धूप कहँ छाँव।उमर घुमड़ बरसे घटा,समझो … Read more

विद्यालय जरूरी

अख्तर अली शाह `अनन्त`नीमच (मध्यप्रदेश) **************************************************************** जिंदगी संवारने को,विद्यालय जरूरी है,डिजिटल शिक्षा बीज,लोगों मत बोइये।खेलकूद राजनीति,संगठन कहाँ वहां,सर्वांगीण उन्नति से हाथ मत धोइयेllपाठशाला यज्ञशाला,भूल ना जाइये इसे,जिंदगी से आप कभी,ना विमुख होइये।गुरु चरणों में बैठ,शिष्य सच जान सके,मत ऐसे प्राप्त कोई,अवसर खोइयेll

भारत के सच्चे सेनानी

आशा आजादकोरबा (छत्तीसगढ़) ********************************************************************** भारत के सच्चे सेनानी,सबका मान बढ़ाते हैं,रण पर कुर्बानी से अपने,झण्डा वो फहराते हैं। हैं शहीद कितने भारत में,कितना रक्त बहाया है,हिंदुस्तान की शान-बान में,मर कर फर्ज निभाया है,साहस रखकर फर्ज निभाते,दुश्मन मार गिराते हैं,रण पर कुर्बानी से अपने,झण्डा वो फहराते हैं। घर पर बैठी घरवाली जो,अपना फर्ज निभाती है,बच्चे उनके … Read more

हम और तुम

अनिता मंदिलवार  ‘सपना’ अंबिकापुर(छत्तीसगढ़) ************************************************** मैं,और तुमअब हैं हम।हम शब्द,एहसास दिलाता हैदो व्यक्तियों के लिएसमाज,परिवारऔर देश के लिए।आज देश को,जरूरत है हम बनेंहम कोशिश करें,मैं रहकर हम बनने की।साथ होकर,एक हुए हमेशाकामयाब हुए,क्योंकिएकता में शक्ति होती है।ऐसा पढ़ा,देखा,सीखा हमने,तो आइए आज हमसाथ न होकर भीसाथ निभाएं अपनों का।देश के प्रति,अपनी जिम्मेदारी निभाएंयही तो प्रेम है।देशप्रेम,जिसने … Read more