महासंग्राम में रचनाकारों ने दी शानदार प्रस्तुति,किया सम्मानित

मधुपुर(झारखंड)। अंतर्राष्ट्रीय साहित्य कला संगम-साहित्योदय द्वारा आयोजित साप्ताहिक परिचर्चा सह अंतर्राष्ट्रीय कवि सम्मेलन ‘साहित्योदय साहित्य संग्राम’ का सातवां अंक शानदार रहा। इसका उदघाटन प्रसिद्ध ओज कवि बेबाक़ जौनपुरी ने किया। उन्होंने कई शानदार गीत और दोहे सुनाए।साहित्योदय संस्थापक प्रमुख पंकज ‘प्रियम’ ने बताया कि,साहित्योदय ने इस ‘कोरोना’ काल को साहित्य सृजनकाल में बदल दिया है। … Read more

माना कि घर में दो ही हैं

डॉ.सोना सिंह इंदौर(मध्यप्रदेश)********************************************************************* माना कि घर में दो ही हैं,जरूरतें उनकी सीमित हैं।नहीं घूमते घर के सभी कमरों में वो दोनों,रसोई से लेकर खाने की थालीआ बैठते हैं बैठक में वो दोनों।माना कि घर में दो ही हैं-दरकार उनकी है नहीं,महंगे कपड़े-लत्ते-बर्तनऔर साजो सिंगार के सामान।दो गिलास और एक बोतल,लेकर वो बैठ जाते हैं एक तख्त … Read more

तुम मिलना मुझे…

रोशनी दीक्षितबिलासपुर(छत्तीसगढ़)********************************************************************* तुम मिलना मुझे,उस राह पर,जब कोई तुम्हारे साथ न हो…मैं आत्मविश्वास तुम्हारा हूँ,पहचानो मुझे,मैं साथ ही हूँ। तुम मिलना मुझे उस रात में,जब चारों ओर अँधेरा हो…मैं दिव्य ज्योति तुम्हारी हूँ,पहचानो मुझे,मैं साथ ही हूँ। तुम मिलना मुझे उस ख्वाब में,जब नींद हो न करार हो…मैं एहसास तुम्हारा हूँ,पहचानो मुझे,मैं साथ ही हूँ। … Read more

हे त्रिपुरारी,सुन लो पुकार

डॉ.सरला सिंहदिल्ली*********************************************** हे शिव शम्भू नमः शिवाय्,जगपालक जगत विधाता।दुर्गापति जय जनक गणेश के,स्कन्द पिता जय नमः शिवाय्। हे शिव,संहारक दुर्जन के तुम,हे केदारनाथ जय नमः शिवाय्lत्रिपुरारी शंकर गंगाधर प्रभु जी,जय त्रिनेत्र ओउम् नमःशिवाय्। हे भोले भंडारी जगपति स्वामी,विश्वविधाता शिव नमः शिवाय्।दुर्जन मर्दन करने वाले प्रभु जी,आओ अब तो जग में हे शिव। देखो जग में … Read more

भारत को भारत ही कहें,इंडिया नहीं

‘भारत को भारत बोला जाए’ पर हुआ वेबिनार मुंबई(महाराष्ट्र)। जब किसी इन्सान के नाम दो नहीं हो सकते,तो हमारे राष्ट्र का दो नाम क्यों ? आजादी के ७३ साल बीत रहे हैं हमारे भारत से अंग्रेज १९४७ से ही चले गए,लेकिन हमारे पास इंडिया छोड़ गए,जिसे आज तक हम अपनाए हुए हैं। हमारे भारत के … Read more

शिवलिंग पूजा की प्रासंगिकता और महत्ता

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) *********************************************************************** औघड़दानी शिव सदा,देते हैं वरदान। पिंडी की पूजा करो,पाओ जीवन-मानllदेवों के देव महादेव जो प्रकृतित: भोले भंडारी हैं,सरल हृदयी व दयालु हैं,तथा भक्त वत्सल हैं,उनकी पूजा विविध रुपों में की जाती है। वस्तुत: ब्रह्मा,विष्‍णु और महेश में केवल शिव ही हैं जिनके लिंग स्वरुप की पूजा की जाती हैl भगवान … Read more

सर्वदा पूज्य है ‘औरत’

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’रावतसर(राजस्थान) ********************************************************************** कभी था औरत होने का अर्थ-दबी हुई रहना,मार खानागालियां सुनना,जिंदगी का जहरहँस कर के पीना।कभी था औरत होने का अर्थ-गधे की तरह काम करना,कभी नहीं आराम करनादर्जन भर बच्चे पैदा करना,खुद भूख सह करउन सबका पेट भरना,पति के नाज उठानाशराबी पति के जूते खाना,किसी कोने में बैठ करआँसू बहाना।कभी था औरत … Read more

साहित्यकार भी कर सकता है विज्ञान लेखन

हिंदी में वैज्ञानिक लेखन पर वेबिनार मुंबई(महाराष्ट्र)l जिस प्रकार एक वैज्ञानिक, वैज्ञानिक होते हुए भी ललित साहित्य लिख सकता है,उसी प्रकार कोई साहित्यकार चिंतक लेखक तर्कशील बुद्धि पर तथ्यों का प्रयोग करते हुए विज्ञान लेखन कर सकता है।यह बात विज्ञान प्रचार-प्रसार, वैश्विक हिंदी सम्मेलन व हिंदुस्तानी भाषा अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी में वैज्ञानिक … Read more

दिखलाते हैं रास्ता

डॉ. गायत्री शर्मा’प्रीत’कोरबा(छत्तीसगढ़)******************************************** गुरु बिन ज्ञान नह़ीं मिले,बतलाते हैं सार।डगमग होती नाव को,गुरु ले जाएँ पार॥ दिखलाते हैं रास्ता,देते शुद्ध विचार।गुरु के चलते हम सदा,पाते हैं आधार॥ नाम राम का बाद में,पहले गुरु को जान।दुनिया में गुरु को सदा,अपना स्वामी मान॥ मिल जाए गुरु की कृपा,मिट जाए अँधियार।सहज सरल जीवन बने,मिलता ज्ञान अपार॥ इस दुनिया … Read more

उदास मनोरंजन उद्योग…

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ***************************************************************** प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ५ अप्रैल की रात ९ बजे रोशनी बंद कर हर घर में ९ मिनट के लिए दीया-बत्ती करने के आह्वान पर भक्तों और त्यक्तों में अलग-अलग राय रही। भक्तों ने इसे कोरोना-तालाबंदी के दौरान देश की एकजुटता दिखाने और गरीबों का मनोबल बनाए रखने का ‘ज्योति उत्सव’ माना … Read more