सुन ऐ मूरख चीन

शिवेन्द्र मिश्र ‘शिव’लखीमपुर खीरी(उप्र)**************************************************** भारत और चीन के रिश्ते स्पर्धा विशेष…… कायरता लख चीन की,तन-मन में आक्रोश।वार पीठ पर जो किया,खोकर अपना होश॥खोकर अपना होश,किया छल उसने ऐसा।समझ रहा निर्लज्ज,हिन्द सन इकसठ जैसा॥सुन ऐ मूरख चीन,नहीं भारत अब डरता।भुगतेगा परिणाम,जो की तूने कायरता॥ परिचय- शिवेन्द्र मिश्र का साहित्यिक उपनाम ‘शिव’ है। १० अप्रैल १९८९ को सीतापुर(उप्र)में … Read more

आतंकित होने लगे दुश्मन

बोधन राम निषाद ‘राज’ कबीरधाम (छत्तीसगढ़)******************************************************************** पुलकित मन अब तो हुआ,पावस की मधु मास।हर्षित मेरा प्यार है,मिलने की बस आस॥ आज सशंकित मैं हुआ,बादल गरजे जोर।बिजली चमचम है करे,बारिश भी चहुँओर॥ आतंकित होने लगे,दुश्मन सीमा पार।लड़ने को आतुर हुए,सारा हिन्दुस्तान॥ विज्ञ बनो हे साथियों,अनपढ़ से क्या काम।होते हैं जग में सुखी,होय नहीं बदनाम॥ रहना मत अनभिज्ञ … Read more

अब तो पाठ पढ़ाना है

डीजेंद्र कुर्रे ‘कोहिनूर’ बलौदा बाजार(छत्तीसगढ़)******************************************************************** फिर सीमा में आ जाए तो,गलवान को याद दिलाना हैदुस्साहस कर न सके वह,ऐसा सबक सिखाना है। ऐ वीर जवानों सुन लो,सबको यह बताना हैकब तक चीनी विष घोलेंगे,अब तो पाठ पढ़ाना है। प्राण जाए पर वचन न जाए,ऐसी कसम जो खाना हैथर-थर काँप उठे रूह उनकी,ऐसी सजा दिलाना है। कलाम … Read more

सुबह-सुबह की नींद

वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरीकुशीनगर(उत्तर प्रदेश) *************************************************************** होते ही सूरज उदय,टूटी यह उम्मीद।जिसको कहते हैं सभी,सुबह-सुबह की नींद।सुबह-सुबह की नींद,बहुत लगती है प्यारी।लेकिन घर के लोग,छेड़ते बारी-बारी।समझाते हैं रोज,न मानव इतना सोते।लेते दिन में नींद,यहाँ जो उल्लू होते॥ परिचय–वकील कुशवाहा का साहित्यिक उपनाम आकाश महेशपुरी है। जन्म तारीख १५ अगस्त १९८० एवं जन्म स्थान ग्राम महेशपुर,कुशीनगर (उत्तर … Read more

अनुशासन का पालन कर लो

आशा आजादकोरबा (छत्तीसगढ़) ********************************************************************** कोरोना है बड़ी बीमारी,कहते हैं कोविड उन्नीस।खूब वायरस फैल रहा है,देशवासियों को है टीसll चीन देश की ये बीमारी,देश-देश में फैली आज।हुआ लाकडाउन है देखो,बंद पड़े हैं सबके काजll छोटे-छोटे बच्चे जाने,कोरोना यह है अभिशाप।घर के भीतर सबजन रहते,छोड़े हैं सब मेल-मिलापll भारत के मानुष सब ज्ञानी,मिलकर देते हैं सब साथ।ईश्वर … Read more

भाजपा-कांग्रेस का आपसी दंगल

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ********************************************************************** यह हमारे लोकतंत्र की मेहरबानी है कि इस संकट की घड़ी में चीन का मुकाबला करने की बजाय हमारे राजनीतिक दल एक-दूसरे के साथ दंगल में उलझे हुए हैं। टी.वी. चैनलों पर जैसी अखाड़ेबाजी हमारे राजनीतिक दलों के प्रवक्ता करते रहते हैं,वह उन चैनलों का स्तर तो गिराती ही है,हमारी जनता को … Read more

गर्मी के बाद बारिश का अहसास

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) *********************************************************************** दिनकर ने शोले बरसाये,पर अब तो राहत है।बहुत दिनों के बाद सभी की,खिली-खिली तबियत हैll ताल-तलैयां रीत गये थे,नदियां भी थीं सूखी,बुझा-बुझा मन रहता था,और काया भी थी रूखीl बारिश की बूंदों से पर अब,हर उर आनंदित है।बहुत दिनों के बाद सभी की,खिली-खिली तबियत हैll कंठ शुष्क थे,जी घुटता था,बेचैनी … Read more

तुम भी रहो,मैं भी-यही अहिंसा

आचार्य डाॅ. लोकेशमुनिनई दिल्ली(भारत) *********************************************************************** देश एवं दुनिया में राजनीतिक परिवेश ही नहीं बदला,बल्कि जन-जन के बीच का माहौल,मकसद,मूल्य और इरादा सभी कुछ परिस्थिति और परिवेश के परिप्रेक्ष्य में बदलता हुआ दिखाई दे रहा है,और यह बदलता दौर विभिन्न राष्ट्रों को नए अर्थ दे रहा है। न केवल सामान्य-जन के जीवन-स्तर में गुणात्मक सुधार आया … Read more

ये कैसा प्रहार

रंजन कुमार प्रसादरोहतास(बिहार) *************************************************************** आज भुखमरी देख,‘कोरोना’ बीमारी देखकोरोना के आगे देखो,दुनिया लाचार है। मनु आज हार गया,महामारी जीत गयीजिंदगी थम-सी गयी,जीवन बेकार है। सभी ओर हाहाकार,कालपथ त्राहिमामसहसा सहारा बन,ये कैसा प्रहार है। सारा विश्व थम गया,विज्ञान बेकार गया।ये कैसे हयात बचेमानव की हार है॥

आत्मनिर्भर भारत ‘बिना हथियार का युद्ध’

डॉ. नीलम महेंद्रग्वालियर (मध्यप्रदेश)************************************* आजकल देश में सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों पर चीन को बहिष्कृत करने की मुहिम चल रही है। इससे पहले ‘कोविड-१९’ के परिणामस्वरूप जब देश की अर्थव्यवस्था पर वैश्वीकरण के दुष्प्रभाव सामने आने लगे थे तो प्रधानमंत्री ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ का मंत्र दिया था। उस समय यह मंत्र देश की अर्थव्यवस्था … Read more