क्षण-क्षण

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** क्षण-क्षण समय उड़ रहा है,इतिहास एक नया गढ़ रहा हैपकड़ना चाहती हूँ कुछ पलों को,समय के साथ वह मुझे बदल रहा है। काग़ज़ पर क़ैद किए हुए,ये कुछ पल ही तुम्हारे होंगेवे तो बस तुम्हारी यादों में बस जाएँगे,क्या करना समय को ऐसे पकड़ करवो तो बादल की तरह उड़ जाएँगे। बादल … Read more

‘विश्व रंग अंतरराष्ट्रीय हिंदी ओलंपियाड-२०२५’ का पोस्टर लोकार्पित

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भोपाल (मप्र)। हिंदी भाषा के वैश्विक प्रचार-प्रसार और नई पीढ़ी को हिंदी से जोड़ने के उद्देश्य से विश्व रंग फाउंडेशन (भारत), रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय (भोपाल) एवं वनमाली सृजन पीठ द्वारा संयुक्त रूप से विश्व रंग अंतरराष्ट्रीय हिंदी ओलंपियाड २०२५ आयोजित किया जा रहा है। इसका शुभारंभ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रवीन्द्र भवन … Read more

प्रमं के जन्मदिन पर पुस्तक विमोचित

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हैदराबाद (तेलंगाना)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ७५वें जन्मदिन के अवसर पर नामपल्ली स्थित तेलंगाना भाजपा प्रदेश कार्यालय में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंदर राव ने ‘श्री नरेंद्र मोदी-एक क्रांतिकारी विश्व नेता’ पुस्तक (त्रिभाषी) का विमोचन किया। तेलंगाना राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. वकुलभरणम कृष्ण मोहन राव … Read more

कोलकाता में हुआ साहित्य, कला व संस्कृति का भव्य उत्सव

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कोलकाता (पश्चिम बंगाल)। शुक्तिका इंडिया फाउंडेशन की सांस्कृतिक पहल रचनाकार का ५वाँ वार्षिक कार्यक्रम साल्टलेक एवं भारतीय भाषा परिषद (कोलकाता) में २ दिवसीय आयोजन के रूप में हुआ। इसमें विभिन्न रचनाकारों और कलाकारों को सम्मानित किया गया।पहले दिन संस्थान की कार्यकारिणी और अतिथियों की उपस्थिति में कवि सम्मेलन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम साल्ट लेक स्थित गेस्ट … Read more

हिन्दी समाचार कार्यक्रमों का अंग्रेजीकरण एवं उर्दूकरण तत्काल रोकने की मांग

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प्रति,संयुक्त सचिव,राजभाषा विभाग, नई दिल्ली विषय-प्रसार भारती द्वारा हिन्दी समाचार कार्यक्रमों का सुनियोजित अंग्रेजीकरण एवं उर्दूकरण तत्काल रोकने की मांग। महोदय, ◾वर्तमान स्थिति:हिन्दी समाचारों में हिंग्लिश और उर्दू मिश्रित भाषा का व्यापक प्रयोग हो रहा है। देवनागरी लिपि का क्रमिक उन्मूलन किया जा रहा है और रोमन लिपि का अनावश्यक प्रयोग बढ़ाया जा रहा है। … Read more

देवशिल्पी विश्वकर्मा

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* पहले पौरोणिक वास्तुकार और शिल्पकार देव विश्वकर्मापरमपूज्य हैं, तापमयी हैं, प्रखर हैं स्वमेव विश्वकर्मा। मान्य देव हैं,अति उत्कृष्ट हैं, प्रभुतामय देव विश्वकर्मा,वास्तुशिल्पी हैं, अभियंता प्रखर, सृजन देव विश्वकर्मा। भगवान विश्वकर्मा की महत्ता सदैव जाज्वल्यमान है,जिन पर हिंदू ही नहीं, सभी देवताओं को अभिमान है। मान्यताओं के अनुसार वे सर्वमान्य महान कर्मयोगी … Read more

अभिनेता आशुतोष राणा करेंगे ‘सहर’ और ‘आमद’ का विमोचन

विदिशा (मप्र)। शुक्रवार १९ सितंबर को स्व. आनंद श्रीवास्तव ‘सहर’ (गीतकार) की पुस्तक ‘सहर’ का विमोचन तय हुआ है। नगर के नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी के अग्रज और विदिशा के वरिष्ठ साहित्यकार जगमोहन शर्मा को भी इसमें ‘साहित्य सम्मान’ से अलंकृत किया जाएगा। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में लेखक व अभिनेता … Read more

श्रद्धा से करें श्राद्ध

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन (हिमाचल प्रदेश)***************************************************** श्राद्ध, श्रद्धा और हम (पितृ पक्ष विशेष)…. श्राद्ध पक्ष में पितृअपने घर आते हैं,और हमारी श्रद्धा देखकरआशीर्वाद दे जाते हैं। श्राद्ध में हम जो भी करेंउसको श्रद्धा के साथ करें,और अपनी ज़िंदगीको खुशियों से भरें। आजकल चारों ओरश्रद्धा का अभाव है,ये पाश्चात्य संस्कृतिका प्रभाव है। पितृ आशा लेकर आते … Read more

‘सम्मेलन साहित्य विभूषण सम्मान’ आयोजन २० को हिन्दी भवन में

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दिल्ली। वर्ष २०२४ में दिल्ली हिंदी साहित्य सम्मेलन द्वारा प्रायोजित सम्मानों की योजना में रंजना अग्रवाल ने अपनी माताजी और सुप्रसिद्ध साहित्यकार श्रीमती शांति अग्रवाल की स्मृति में गीत विधा में ‘सम्मेलन साहित्य विभूषण सम्मान’ (सम्मान राशि ११ हजार ₹) प्रायोजित किया था। इस वर्ष इस सम्मान के लिए सशक्त गीत-गज़लकार ताराचंद शर्मा ‘नादान’ का … Read more

सृष्टि बचाने के लिए संयुक्त परिवार आवश्यक

ममता तिवारी ‘ममता’जांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)******************************************* बहुत पीछे न जाते हुए यदि मैं अपनी ही बात करूँ तो हर घर में दादा-दादी, चाचा-चाची, ताई-ताया, बुआ, माता-पिता के साथ अपने भाई-बहन और चाचा-ताया के बच्चे प्रायः एक छोटे से परिवार में संयुक्त रहते थे। जब माता-पिता स्वयं दादा-दादी बन जाते और दादा-दादी परलोक गमन कर जाते, तब बंटवारा होता … Read more