सीआईईटी-एनसीईआरटी में २५-२६ को ‘शिक्षक कवि सम्मेलन’

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दिल्ली। राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार और शिक्षा में इसके उपयोग को प्रोत्साहित करने हेतु ‘हिंदी पखवाड़ा-२०२५’ के अंतर्गत सीआईईटी-एनसीईआरटी द्वारा २ दिवसीय कार्यशाला आयोजित है। ‘हिंदी पखवाड़ाःडिजिटल शिक्षा में हिंदी भाषा एवं साहित्य’ विषय पर इस कार्यशाला के तहत ‘शिक्षक कवि सम्मेलन’ भी रखा गया है।जानकारी के अनुसार २५-२६ सितंबर को सम्मेलन कक्ष २०२ (सीआईईटी, … Read more

बैठक में की साहित्यिक गतिविधियों हेतु भूखंड देने की घोषणा

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देहरादून (उत्तराखंड)। राष्ट्रीय कवि संगम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश मित्तल के देहरादून आगमन पर उत्तराखंड प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक आहूत की गई। यह श्री मित्तल की अध्यक्षता में हुई, विशिष्ट उपस्थिति सांसद एवं राष्ट्रीय कवि संगम उत्तराखंड के संरक्षक नरेश बंसल की रही। इस अवसर पर अनिल अग्रवाल ने निरंजनपुर मंडी में साहित्यिक गतिविधियों हेतु … Read more

भारतीय भाषाएं ही देश की एकता की सशक्त कड़ी-उप राज्यपाल

🔹हिंदी के क्षेत्र में योगदान हेतु डॉ. मोतीलाल गुप्ता ‘आदित्य’ सम्मानित… वाराणसी (उप्र)। भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक चेतना की आत्मा है। भारतीय भाषाएं ही देश की एकता की सशक्त कड़ी हैं, जो हमें विविधता में भी एकता का बोध कराती हैं। काशी को वेदों और पुराणों के अनुसार धरती का … Read more

पहनी भारत की खादी

विजयलक्ष्मी विभा प्रयागराज (उत्तरप्रदेश)************************************ हम मिटा दासता सदियों की, जब ले आये आजादी,भारत के वीर सपूतों ने, पहनी भारत की खादी। हम समझ गये स्वराज्य क्या है,क्या अपना और त्याज्य क्या हैक्या अमर धरोहर है अपनी,इस धरती पर विभाज्य क्या हैहम उड़ा हवा में देते थे जब समझाती थी दादी। हम काट रहे थे दिन अपने,बस … Read more

श्राद्ध की धूप श्रद्धा की बात

डॉ. रचना पांडेभिलाई(छत्तीसगढ़)*********************************************** श्राद्ध, श्रद्धा और हम (पितृ पक्ष विशेष)…. श्राद्ध की धूप, श्रद्धा की बात,पितरों की याद, दिल की बातश्रद्धा के साथ, तर्पण का जल,पितरों की आत्मा को शांति का फल। पितरों की याद, दिल में बसी,श्रद्धा के साथ, उनकी आत्मा को प्यारश्राद्ध का दिन, पितरों का सम्मान,श्रद्धा के साथ, उनकी याद में जीवन। … Read more

सृजन देव वर दीजिए

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** सृजन देव वर दीजिए, आऊँ किसी के काम,जगह-जगह संग्राम छिड़ा, कैसे लगे लगाम ?एक युद्ध अभी खत्म न होता, दूजा है छिड़ जाता,वह भी खत्म न हो पाता, तीसरी जगह छिड़ जाता। लाखों लोग युद्ध में मर गये, लाखों हो गए घायल,माँगों का सिन्दूर मिट गया, चीख रही है पायलमात-पिता की लाठी … Read more

श्राद्ध हमारी श्रद्धा

सपना सी.पी. साहू ‘स्वप्निल’इंदौर (मध्यप्रदेश )******************************************** श्राद्ध, श्रद्धा और हम (पितृ पक्ष विशेष)… अंधेरे आकाश में अब टिमटिमाते तारों-सी,कुछ कहानियाँ परिजनों के मन में छुपी-सीवह कोई कर्मकांड नहीं, दिल के हैं एहसास,कहें श्राद्ध परन्तु यही रिश्तों में श्रद्धा खास। जब बंद हो ऑंखें, यादों का गाँव बस जाता,स्वर्गवासियों का स्नेहाशीष भाव याद आताउनकी वे बातें, … Read more

समय है कि आतिशबाज़ी रहित त्योहार गढ़ें

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** पर्यावरण संकट हमारे समय की सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है। बढ़ता प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों की लगातार हो रही क्षति ने जीवन को असहज और असुरक्षित बना दिया है। यह संकट किसी दूर के भविष्य की चिंता नहीं है, बल्कि रोजमर्रा के जीवन को प्रभावित कर रहा है। राजधानी … Read more

अभियन्ता प्रथम

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* हुआ जन्म संक्रान्ति में, कन्या भाद्र दिनांक।ब्रह्मा विश्वकर्मा पिता, अन्तिम दिन शुभांक॥ वसु प्रभास के आत्मज, योगसिद्ध सन्तान।कथा महाभारत विदित, हरिवंशी आख्यान॥ दुनिया अभियन्ता प्रथम, शिल्पकार संसार।देवलोक यांत्रिक प्रभो, महिमा अपरम्पार॥ नमन देव शिल्पी प्रभो, निर्माता संसार।सकल चराचर भूतगण, जीवन सुख आधार॥ वैज्ञानिक विज्ञान के, सकल यंत्र निर्माण।रची अलौकिक … Read more

चलो समय के साथ चलें

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’धनबाद (झारखण्ड) ************************************************************* चलो समय के साथ चलें,चल सको तो दिन-रात चलेंसभी को लेकर साथ चलें,चलो समय के साथ चलें। समय सदा एक-सा ना रहता,परिवर्तनशील संसार है यह कहताइस परिवर्तन को अपनाए चलेंअब चलो समय के साथ चलें। परिवर्तन को जो ना अपना पाया,वह तो समय में पीछे छूटता गयापूर्व को देख वह … Read more