जीवन है अनमोल, इसे सँवारें

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* जीवन है अनमोल धरोहर, इसे संवारें-इसे संजोएँ,पल-पल जीएँ दुर्लभ चिन्तन, देश धर्म पुरुषार्थ रचाएँ। खुले द्वार पथ लक्ष्य अटल रथ संकल्पित संकल्प दिखाएँ,सुखद वक्त दुर्लभ हो जीवन, खुशियों का अम्बार लगाएँ। है असीम अभिलाष हृदय तल, अन्तर्मन विश्वास दिलाएँ,एकनिष्ठ हो ध्येय दृष्टि पथ, अरुणोदय अरुणाभ दिखाएँ। कर्मवीर ध्यानस्थ मनोबल … Read more

पितृ ऋण

दीप्ति खरेमंडला (मध्यप्रदेश)************************************* श्राद्ध, श्रद्धा और हम (पितृ पक्ष विशेष)… पितृ पक्ष की बेला,संस्कारों की परछाई हैआह्वान करते उन पूर्वजों का,मन में श्रद्धा की गहराई है। श्रद्धा सुमन अर्पित उन्हें,जिनकी वाणी में था आशीषनमन उन पूर्वजों का जो,जिनकी तृप्ति शुभ फलदाई है। जो थे कभी साथ हमारे,देव रूप में धरा पर आए हैंजल, तिल, कुश … Read more

हिंदी राष्ट्रभाषा: चुनौतियाँ हैं, पर सूरज निकलेगा

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)************************************ आज से ७ दशक पूर्व १४ सितंबर १९४९ को हिंदी भाषा को संविधान की राजभाषा के रूप में स्वीकृत किया गया… उसी दिन की स्मृति में पूरे देश में ‘हिंदी दिवस’ और ‘हिंदी पखवाड़ा’ मनाया जाता है, जिसमें प्रत्येक वर्ष हिंदी के उत्थान के विषय में बड़ी-बड़ी कार्यशाला और भाषण प्रतियोगिता आदि … Read more

तर्पण की हकीकत

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* मात-पिता प्यासे मरे, अब कर रहे हैं तर्पण,यह तो ढोंग ही दिखता है, दिखावा है अर्पण। जब जीवित थे मात-पिता, तब ही सब ज़रूरत थी,आज तो यह सारी दिखावे से भरी हुई वसीयत है। जीवित की सेवा का ही तो होता सच्चा मोल है,बाद में दिखती कर्मों में लम्बी, गहरी पोल … Read more

‘खिल उठे गुलाब’, ‘रुह की रश्मियाँ’ व ‘श्रद्धा सुमन’ लोकार्पित होगी दिल्ली में

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जबलपुर (मप्र)। प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा के दिल्ली हिंदी सम्मेलन व राष्ट्रभाषा अभिव्यक्ति सभा में देशभर से साहित्यकार व हिंदी प्रेमी आ रहे हैं। इस अवसर पर ‘खिल उठे गुलाब’, ‘रुह की रश्मियाँ’ व ‘श्रद्धा सुमन’ पुस्तक का लोकार्पण किया जाएगा।सभा के संस्थापक कवि संगम त्रिपाठी ने बताया कि इस अवसर पर सुप्रसिद्ध कवयित्री सीमा … Read more

वे आसरा थे

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर (मध्यप्रदेश)******************************** श्राद्ध, श्रद्धा और हम (पितृ पक्ष विशेष)… पिता का दाह-संस्कार कर,घर के सामने खड़े होकरअपने पिता को पुकारने की प्रथाजो दाह-संस्कार में सम्मिलित होकर,बोल रहे थे कि “राम नाम सत्य है”उन्हें हाथ जोड़कर विदा करने की विनती। जब श्राद्ध पक्ष आया,श्रद्धा और हम के साथहमने तस्वीर देखी,आँखों में पानी भर आयागला … Read more

ब्रह्म वृद्धाश्रम में हुई ‘एक शाम रवि के नाम’ काव्य संध्या

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मथुरा (उप्र)। हिन्दी प्रचार सभा (मथुरा) ने इन्दौर निवासी अपने पूर्व मंत्री वरिष्ठ कवि रवि खण्डेलवाल के मथुरा आगमन पर ‘एक शाम रवि के नाम’ काव्य-संध्या का आयोजन किया। इसमें स्थानीय सजल सर्जना समिति और जनवादी लेखक मंच का सराहनीय सहयोग रहा।इस कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ गीतकार डॉ. सोहनलाल ‘शीतल’ ने की। मुख्य कवि रवि … Read more

गणेश चतुर्थी उत्सव में किया पुस्तक का लोकार्पण

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आगरा (उप्र)। संस्था रस रंग के तत्वावधान में श्री गणेश चतुर्थी उत्सव का आयोजन ग्रीन हाउस भोगीपुरा में किया गया। इस अवसर पर डॉ. रमेश आनंद की बाल कथा कृति ‘गोल मटोल तेजू’ का लोकार्पण किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ पूजा तोमर की सरस्वती वंदना से हुआ। मुख्य अतिथि जबलपुर से साहित्यकार नरेंद्र शर्मा रहे। आपने … Read more

नारी के रूप

बबिता कुमावतसीकर (राजस्थान)***************************************** नारी है शक्ति का रूप अनूप,हर रूप में लगती है न्यारी। सृष्टि की है वह आधार रूप,उसके त्याग के सब हैं पुजारी। हर संघर्ष से लड़ती वह,हर घर का श्रृंगार वह। राष्ट्र की स्वाभिमानी वह,करती हौसला अफजाई वह। सृष्टि की आधार वह,नारी शक्ति का रूप वह। जो भी ठाने करती वह,आतंकियों को … Read more

आचार्य द्विवेदी की साहित्य शैली से सबको अवगत होना चाहिए

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व्याख्यानमाला.. दिल्ली। आचार्य श्री के साथ गुरु शिष्य परम्परा में बिताए गए वर्ष उनके जीवन का सर्वश्रेष्ठ समय था। आचार्य द्विवेदी की साहित्य शैली के विभिन्न पक्षों से सबको अवगत होना चाहिए।मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. विश्वनाथ त्रिपाठी ने आचार्य जी के जीवन के अनछुए पहलुओं की जानकारी देते हुए यह बात कही।अवसर रहा … Read more