सर्दी
बोधन राम निषाद ‘राज’ कबीरधाम (छत्तीसगढ़) ******************************************************************** सर्द भरा मौसम यहाँ,शीतल तन मन होय। आग भरोसे दिन कटे,रात बिताये सोय॥ सभी काँपते हैं यहाँ,सभी तापते आग। जलता हुआ अलाव है,मिल के गाते राग॥ शरद सुहानी है ऋतु,सुबह-शाम की धूप। लगते सुन्दर आसमां,मौसम सौम्य स्वरूप॥ सर्दी बड़ी सुहावनी,मन को भाती शीत। बैठ मजे लो उष्णता,गर्म चाय … Read more
दुनिया तो पराई है
वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) ****************************************************************** न तेरी है न मेरी है ये दुनिया तो पराई है, यूँ ही कहता नहीं हूँ मैं सभी को आजमाई है, किसी लालच में रिश्ते ढो रहे हैं लोग ये सारे- बिता कर उम्र केवल एक मुट्ठी राख पाई हैl परिचय-वकील कुशवाहा का साहित्यिक उपनाम आकाश महेशपुरी है। इनकी … Read more
गंगा की दुर्दशा
दीपक शर्मा जौनपुर(उत्तर प्रदेश) ************************************************* हे हिमतरंगिणी भगवती गंगे निर्मल नवल तरंगें, मैंने देखा था तुम्हें निकलते हुए हिमालय की गोद से अति चंचल, मधुर शीतल, धँवल चाँदनी-सी सुंदर। भगीरथ के दुर्गम पथ पर लहराती चली जा रही थी, पर क्या पता था कि मंजिल तक पहुँचते-पहुँचते, तू इतनी शिथिल और मलिन हो जाएगी। हे … Read more
बाल विवाह अभिशाप
अनिता मंदिलवार ‘सपना’ अंबिकापुर(छत्तीसगढ़) ************************************************** बाल विवाह है अपराध, लड़की के लिए अभिशाप। बोझ न समझो बेटी को, पढ़ने दो,आगे बढ़ने दो। कम उम्र में करनी शादी, उसके जीवन की बर्बादी। बाल विवाह कुप्रथा है, इसे नहीं अपनाओ तुम। होने दो विकास उसका, जीने की आजादी दो। न दो बिटिया को सजा, उसका जीवन सँवारो … Read more
भारतीय संस्कृति में नव चेतना फूंकने वाले युगदृष्टा थे टैगोर
राजेश पुरोहित झालावाड़(राजस्थान) **************************************************** रवीन्द्रनाथ टैगोर जयंती विशेष-७ मई………… कलकत्ता ब्रिटिश भारत में ७ मई १८६१ को देवेन्द्रनाथ टैगोर व माता शारदा देवी के घर जन्में रवीन्द्रनाथ टैगोर देश के सुप्रसिद्ध लेखक,कवि,नाटककार,संगीतकार एवं चित्रकार थे। वे बांग्ला व अंग्रेजी भाषा के जानकार थे। उनके साहित्यिक आंदोलन को आधुनिकतावाद की संज्ञा दी गई। साहित्य के क्षेत्र … Read more
हमारा तुम्हारा जभी सामना हो
अवधेश कुमार ‘आशुतोष’ खगड़िया (बिहार) **************************************************************************** (रचनाशिल्प:१२२ १२२ १२२ १२२) हमारा तुम्हारा जभी सामना हो, बढ़े प्यार दिल में,निरंतर घना हो। सबेरे उठें हम,सुनें बात दिल की, रहे जग सुखी नित,यही प्रार्थना हो। जिधर आँख डालें,सुमन बस खिला हो, चमन हर दिशा में,महक से सना हो। हसीं चांदनी हो,निशा भी जवां हो, कटे प्यार में … Read more
वृतिका
कपिल कुमार जैन भीलवाड़ा(राजस्थान) ***************************************************************** आज शाम को द्वार पे विदा कर के, ज्यों ही रात्रि के आरम्भ में मैं चांद के आगोश में समाया, थकान से बोझिल पलकों ने मुझे मेरी ‘वृतिका’ से मिलवाया, ख़्वाब में आई एक मूरत कुछ जानी कुछ अनजानी-सी, कुछ सकुचाई फिर धीरे से मुस्कुराई, आप कौन ? इस सवाल … Read more
नारी की अस्मिता के लिए जागरूकता आवश्यक
डॉ. प्रभु चौधरी उज्जैन(मध्यप्रदेश) ******************************************************************* सृष्टि की जन्मदात्री,देव,मनुज,दानव,वानर,सबकी निर्मात्री,पंजभूतों की महाशक्ति की आधारभूत शक्ति की अवहेलना-प्रताड़ना नहीं होनी चाहिए। इसीलिए पूर्वजों ने,ऋषियों ने श्रुतियों और स्मृतियों में नारी पूजा का विधान रख तथा या देवी सर्वभूतेषू प्राण रूपेण संस्थिता कहकर उसकी गरिमा को बढ़ाया। नारी के प्रति सम्मान की परम्परा हमारे इतिहास से चली आ … Read more
करता जा सतकर्म तू
मालती मिश्रा ‘मयंती’ दिल्ली ******************************************************************** करता जा सतकर्म तू,बाधा दे बिसराय। बाद अँधेरी रात के,भोर किरन मुस्कायll रोकेंगी तेरी डगर,दुश्वारियाँ हजार। ध्यान लगा तू लक्ष्य पर,बाधा देहि बिसारll माटी की काया बनी,माटी में मिल जाय। लोभ-मोह के फेर में,जीवन दिया गँवायll मर्यादा से है नहीं,धन संपत्ति महानl दौलत कर का मैल है,कहि कर गए सुजानll … Read more