माँ धरती

अनिल कसेर ‘उजाला’  राजनांदगांव(छत्तीसगढ़) ****************************************************************************** विश्व धरा दिवस स्पर्धा विशेष……… प्रकृति को छेड़ के क्यों कर रहा नाश, दुनिया का ऐसे में हो जाएगा विनाश। भौतिक साधनों से हो गया लाचार, पर्यावरण को कर दिया दूषित और बेकार। ना कर इंसा ऐसी नादानी, जीवन दे के पड़ेगी कीमत चुकानी। ना दिखा ऐसे विकास के सपने, … Read more

धरा को बचाएं मिल

बिनोद कुमार महतो ‘हंसौड़ा’ दरभंगा(बिहार) ********************************************************************* विश्व धरा दिवस स्पर्धा विशेष……… (रचना शिल्प:८,८,८,७ वर्ण प्रति चरण) धीरे-धीरे अब धरा,हो रही है अधमरी। प्रदूषण काल बना,करता विनाश है॥ जल का अभाव सदा,कचरा बहाव सदा। रासायनिक खाद से,बनती वो लाश है॥ कुँआ न तालाब दिखे,खेत-खलिहान सूखे। प्रकृति में पेड़ का तो,जैसे उपहास है। कराह रही है धरा,सोचिये … Read more

चुनाव चौपाल

डाॅ.देवेन्द्र जोशी  उज्जैन(मध्यप्रदेश) ******************************************************************** आचार संहिता बनी तमाशा,चुनाव आयोग हुआ पंगु,  नेता भए राजा भोज,इलेक्शन कमिशन बना तेली गंगू।    सुप्रीम कोर्ट ने लगाई  फटकार,तब जागा आत्म बोध,  स्वतः संज्ञान के भूले में यूं हुआ जागृत कर्तव्य प्रबोध।    योगी माया पर चली चाबुक,लगी प्रचार पर रोक,  आजम-मेनका पर कसी नकेल,छाया खेमे में शोक।   … Read more

विरासत संजोने की जरूरत

डॉ.अरविन्द जैन भोपाल(मध्यप्रदेश) ***************************************************** विश्व धरा दिवस स्पर्धा विशेष……… धरोहरें विश्व और देश की ऐसी विरासत हैं,जिनको देखने से हमें पूर्व के स्थापित समाज की जानकारी मिलती हैl इससे तत्समय की जानकारी मिलती हैl विश्व धरोहर दिवस दुनियाभर में हर साल १८ अप्रैल को मनाया जाने वाला एक वार्षिक कार्यक्रम और उत्सव है। इसका उद्देश्य … Read more

प्यारी पृथ्वी

बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* विश्व धरा दिवस स्पर्धा विशेष……… प्यारी पृथ्वी जीवन दात्री, सब पिण्डों में,अनुपम है। जल,वायु का मिलन यहाँ पर, अनुकूलन भी उत्तम है। सब जीवों को जन्माती है, माँ के जैसे पालन भी। मौसम ऋतुएँ वर्षा,जल,का करती यह संचालन भी। सागर हित भी जगह बनाती, द्वीपों में यह बँटती है। पर्वत नदियाँ … Read more

धरती बचाओ

हेमलता पालीवाल ‘हेमा’ उदयपुर (राजस्थान ) *************************************************** विश्व धरा दिवस स्पर्धा विशेष……… सिसक रही है धरती माँ, अश्रुधारा बहा रही है। भीगा-भीगा आँचल उसका, दर्द अपना छिपा रही है। उसके सीने में घाव गहरे, चुपचाप सहला रही है। अपनों ने दिए जख्म ऐसे, मरहम उन पर लगा रही है। सुबक रही है वो बेचारी, लोग … Read more

तो फिर इश्क़ करना नहीं जानते हो

शिवांकित तिवारी’शिवा’ जबलपुर (मध्यप्रदेश) ******************************************************************** अगर तुम मचलना नहीं जानते हो, तो फिर इश्क़ करना नहीं जानते हो। ये गिरकर संभलने की बातें हैं झूठी, कभी जान अटकी-कभी साँस टूटी। अगर दर्द सहना नहीं जानते हो, तो फिर इश्क़ करना नहीं जानते हो। सारे गमों को समेट साथ लेकर के चलना, कभी खुद से बिछड़ना … Read more

चुनावी समर

बोधन राम निषाद ‘राज’  कबीरधाम (छत्तीसगढ़) ******************************************************************** सारे भारत वर्ष में,धूम मची है आज। चलो करें मतदान अब,करते हैं शुभ काजll घर-घर माँगे वोट को,करके वादा आज। समय बीत फिर जीत के,करते हैं वो राजll लोभ मोह के जाल में,कभी न फँसना यार। नेता गिरगिट जान लो,बदले रंग हजारll दल-बदलू को आज तुम,करो नहीं स्वीकार। … Read more

पृथ्वी

तृप्ति तोमर  भोपाल (मध्यप्रदेश) ********************************************************************* विश्व धरा दिवस स्पर्धा विशेष……… पृथ्वी है हमारी घर,जीवनदायिनी, है नारी की भाँति सर्वगुण सम्पन्न गृहिणी। उपजे इस पृथ्वी पर अनेक वीर, पृथ्वी को बचाने दुश्मन पर चलाये तीर। प्रकृति के अनेक रंग से सजी पृथ्वी, जीवन के हर साज से निखरती पृथ्वी। सात रंग के रंगों से सजा इसका … Read more

सोचो ज़रा..

सारिका त्रिपाठी लखनऊ(उत्तरप्रदेश) ******************************************************* विश्व धरा दिवस स्पर्धा विशेष……… सोचो ज़रा… अगर हम पेड़ होते, जग को ठंडी छांह देते फल,पत्ते,लकड़ी भी, कितने उपयोगी होते…l नन्हीं चिरैया अगर होते, मीठी बोली से जग मोह लेते फूल होते तो रंगों से अपने, सजाते कितने मन आँगन खुशबूओं से भर देते जीवनl सोचो अगर…होते पवन जन-जन को … Read more