बस आकार में जो रचना छोटी है, वह लघुकथा नहीं-सिद्धेश्वर
पटना (बिहार)। हिंदी साहित्य जगत में लघुकथा आज इतनी लोकप्रिय विधा हो गई है कि, हर कवि कथाकार चाहता है कि हम एक लघुकथा लिख लें। सामान्यतः लोग लघुकथा लिखने के प्रयास में, या तो छोटी कहानी लिख डालते हैं, या फिर कहानी की कथावस्तु। ईमानदार लेखक को इन स्थितियों से बचने का पूरा प्रयास … Read more