अकादमी के निदेशक डॉ. विकास दवे को मिलेगा स्व. स्नेहप्रभा स्मृति अलंकरण

hindi-bhashaa

इंदौर (मप्र)। महाराष्ट्र साहित्य अकादमी से ‘महाराष्ट्र भारती’ सम्मान प्राप्ति के बाद साहित्य अकादमी मप्र के निदेशक डॉ. विकास दवे (इंदौर) को अब स्व. स्नेहप्रभा स्मृति अलंकरण के लिए चयनित किया गया है। देश के वरिष्ठ बाल साहित्यकार डॉ. फकीरचंद शुक्ल (लुधियाना) स्व. स्नेहप्रभा की स्मृति में यह समारोह प्रतिवर्ष करते हैं। डॉ. दवे को … Read more

कवियित्री इंदु कुमारी पद्मा सम्मान से सम्मानित

hindi-bhashaa

दरभंगा (बिहार)। सखी साहित्य परिवार ने कवियित्री इंदु कुमारी को पद्मा सम्मान से सम्मानित किया है। सिमरा गाँव निवासी शिक्षिका इंदु कुमारी को अन्तर्राष्ट्रीय सखी साहित्य परिवार (बिहार) ने अंतरराष्ट्रीय पद्मा २०२३ से सम्मानित किया है। इंदु कुमारी ने ऑनलाइन माध्यम से कविता समेत अन्य रचनाओं से सबका दिल जीतने में कामयाबी हासिल की। अंतरराष्ट्रीय … Read more

अकादमी (मुंबई) द्वारा पुरस्कार वितरण समारोह २३ मार्च को

hindi-bhashaa

मुम्बई (महाराष्ट्र)। महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी, मुंबई द्वारा पुरस्कार वितरण समारोह २३ मार्च को रखा गया है। इसके अध्यक्ष सुधीर मुनगंटीवार (मंत्री, सांस्कृतिक कार्य, वन, मत्स्य व्यसाय) होंगे। विशेष अतिथि मंगल प्रभात लोढ़ा (मंत्री, पर्यटन, कौशल विकास, महिला व बाल विकास, तथा पालकी मंत्री, मुंबई उपनगर) रहेंगे।निमंत्रक सांस्कृतिक कार्य विभाग के प्रधान सचिव विकास … Read more

वे विलक्षण प्रतिभा के धनी थे-डॉ. कर्णसिंह

hindi-bhashaa

श्रद्धांजलि-शोकसभा… दिल्ली। वे विलक्षण प्रतिभा के धनी थे और उन जैसे बहुआयामी व्‍यक्‍तित्‍व के धनी कम ही लोग पैदा होते हैं। वे सर्वधर्म समभाव के बहुत बड़े पैरोकार थे।पूर्व विदेश मंत्री एवं प्रसिद्ध विद्वान डॉ. कर्ण सिंह ने डॉ. वेदप्रताप वैदिक को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए शोकसभा मेंयह बात कही। प्रसिद्ध चिंतक, लेखक, बुद्धिजीवी, … Read more

कथात्मक साहित्य में लघुकथा का विशेष स्थान-मिथिलेश दीक्षित

hindi-bhashaa

सकारात्मक दिशा देने में सक्षम है समकालीन लघुकथा-सिद्धेश्वर पटना (बिहार)। विश्व कथा दिवस के अवसर पर लघुकथा के क्षेत्र में यह बहुत महत्वपूर्ण आयोजन हुआ है। कथात्मक साहित्य में लघुकथा का विशेष स्थान है। वर्तमान में यह सबसे अधिक लोकप्रिय और चर्चित विधा है।समाज के विभिन्न प्रभावों के बीच, तीव्र गति से बदलते परिवेश में … Read more

लघुकथा को विधा के रूप में प्रमाण-पत्र की जरूरत नहीं-डॉ. दवे

इंदौर (मप्र)। क्वांटा जहां विज्ञान की खोज है, वहीं लघुकथा भी साहित्य का महाप्रयोग है। लघुकथा को विधा के रूप में अब किसी के प्रमाण-पत्र की कोई जरूरत नहीं है।यह बात साहित्य अकादमी मध्यप्रदेश के निदेशक डॉ. विकास दवे ने विचार प्रवाह साहित्य मंच द्वारा रविवार को आयोजित अखिल भारतीय लघुकथा अधिवेशन में कही। इंदौर … Read more

संसार को बेरंग होने से बचाते हैं रंग ही

इंदौर (मप्र)। नारी के तन-मन और परिधानों के रंग ही संसार को बेरंग होने से बचाते हैं।प्रकृति सुंदर है फूलों के रंग से तो, समाज रंगीन है नारी के रंगों से।    यह बात मुख्य अतिथि डॉ. प्रेम कुमारी नाहटा ने कही। अवसर रहा होली से रंग चुने, महिला दिवस से नारी शक्ति को जगाया … Read more

प्रतिरोध की ज़रूरी कविताओं के कवि हैं कुम्भज

इंदौर (मप्र)। कुम्भज जी की कविताएँ पाठक को विचार से जोडती है। ये कविताएँ आपको जन समाज से जोड़ती हैं, जिनमें प्रतिरोध को स्पष्टता से देखा जा सकता है।वरिष्ठ व्यंग्यकार जवाहर चौधरी ने यह बात शनिवार को जनवादी लेखक संघ इन्दौर इकाई के मासिक रचना पाठ के ११४ वें क्रम में वरिष्ठ कवि राजकुमार कुम्भज … Read more

कथाशिल्पी की संगोष्ठी में हुआ लघुकथा पाठ

hindi-bhashaa

पटना (बिहार)। फ्रेजर रोड स्थित हेम प्लाजा में ‘चौथा इतवार-साहित्य समागम’ की १८वीं कड़ी का आयोजन हुआ। रेणु जयंती के मद्देनजर यह कार्यक्रम कथाशिल्पी फणीश्वर नाथ ‘रेणु’ के नाम रहा। अध्यक्षता भगवती प्रसाद द्विवेदी ने की। वरिष्ठ कथाकार अरुण शाद्वल, पत्रकार पुष्यमित्र व लेखिका भावना शेखर की उपस्थिति से मंच सुसज्जित रहा।इस आयोजन में उनकी … Read more

कम होता जा रहा है पढ़ना और लिखना-इंदु उपाध्याय

hindi-bhashaa

गोष्ठी में संयोजक सिद्धेश्वर बोले-पुस्तक मेले में पुस्तक रखना मात्र फैशन रह गया पटना (बिहार)। आजकल साहित्य का स्तर गिरता जा रहा है। नाम कमाने के चक्कर में भूल रहे हैं कि हम भावी पीढ़ी को क्या परोस रहे हैं। सोशल मीडिया ने बहुत हद तक इसका स्तर गिरा दिया है। पढ़ना और लिखना दोनों … Read more