जिंदादिली से खेलते ही जाइए

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’रावतसर(राजस्थान) ****************************************** ज़िन्दगी इक खेल है बिल्कुल नहीं घबराइए,बस इसे जिंदादिली से खेलते ही जाइए। है हमारी खुशनसीबी मनुज तन हमको मिला,ईश का इसके लिए आभार करते जाइए। बाँटनी है हर खुशी डर छोड़कर माहौल का,मार वो सकता नहीं इतना समझते जाइए। भूल जाओ ये ‘कोरोना’ है महामारी नहीं,जो बताया बस वही उपचार … Read more

छीन ली

सुश्री अंजुमन मंसूरी ‘आरज़ू’छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश)******************************************* हादसों ने लबों की हँसी छीन ली।मेरी आँखों की सारी नमी छीन ली। ज़िंदगी देने वाले ने यूँ तो हमें,ज़िंदा रक्खा मगर ज़िंदगी छीन ली। जिनसे रौशन अभी था ज़मीं का जहाँ,उन सितारों से क्यों रौशनी छीन ली। गुल का मुरझाना लाज़िम है माना मगर,ऐ सबा तूने ताज़ा कली … Read more

मौसम आते-जाते हैं

अनिल कसेर ‘उजाला’ राजनांदगांव(छत्तीसगढ़)************************************ मौसम आते-जाते हैं,फिर हम क्यूँ घबराते हैं। आज गम है कल खुशी,यही तो ये बतलाते हैं। प्रेम प्यार औ तेरा-मेरा,जीवन से इनके नाते हैं। वक़्त कैसा भी आ जाए,मिल के सभी हम गाते हैं। रिश्ते नाते या हो दोस्ती,हर पल उन्हें निभाते हैं। होगी अब चहुँ ओर हरियाली,वृक्ष लगाने कसम हम खाते … Read more

इन दिनों

सुश्री अंजुमन मंसूरी ‘आरज़ू’छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश)******************************************* सबने ख़ुदा तुझे ही पुकारा है इन दिनों,तेरे सिवा न कोई सहारा है इन दिनों। अफ़सुर्दा महफ़िलों का नज़ारा है इन दिनों,तन्हाइयों का साथ गवारा है इन दिनों। आयी वबा तो साथ में क्या-क्या न ले गई,मैं क्या बयाँ करूँ जो ख़सारा है इन दिनों। चीज़ें हुईं हैं महंगी … Read more

श्रीराम के नाम

जसवीर सिंह ‘हलधर’देहरादून( उत्तराखंड)********************************* सितारों में चकल्लस है चमक शशि और दिनकर में।यही अहसास धरती पर यही अहसास अंबर में। कभी इक बाबरे ने ध्वंस कर दी थी निशानी जो,मिटा पाया नहीं जालिम बसे श्री राम हर नर में। फटी त्रिपाल में रह कर सिया सँग कष्ट झेले हैं,पुनः वनवास दुहराया अयोध्या महल परिसर में। … Read more

‘कोविड’ जहर बनता गया

आशा आजाद`कृति`कोरबा (छत्तीसगढ़) ******************************************* आज कोविड जहर देख बनता गया,संक्रमण से मनुज नित्य मरता गया। क्या बिगाड़ा भला इस मनुज ने कहो,साँस मांगी मगर नित तड़पता गया। वेवजह तो नहीं आपदा की घड़ी,स्वार्थ रख सर्वदा कर्म करता गया। वृक्ष जब भी कटा,देख हँसता रहा,काठ के बिन मनुज आज जलता गया। खेल कुदरत नया आज ऐसा … Read more

दर्द की पराकाष्ठा

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’रावतसर(राजस्थान) ****************************************** दर्द के दरिया में बहते जा रहे हैं।घूँट आँसू के निगलते जा रहे हैं। वक्त ऐसे घाव देता जा रहा है,दर्द अनचाहे ही सहते जा रहे हैं। हो गयी है कितनी जहरीली हवायें,हम इसी में स्वांस लेते जा रहे हैैं। देखते थे हम सुखी जीवन के सपने,स्वप्न सारे ही बिखरते जा … Read more

आचरण भी शुद्ध हो

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’रावतसर(राजस्थान) ****************************************** साथ साया छोड़ देता है हमेशा शाम को।सूर्य भी जाता सदा पश्चिम में अपने धाम को। ईश ने भी हैं बनाए सृष्टि के ऐसे नियम,भूल नहिं पाये मनुज रटता रहे प्रभु नाम को। है यही आदेश प्रभु का सृष्टि संचालन करे,ध्येय उसका है यही भूले नहीं अभिराम को। किस तरह जीवन … Read more

नव वर्ष-विक्रमी

जसवीर सिंह ‘हलधर’देहरादून( उत्तराखंड)********************************* वर्ष नूतन आ गया लो प्यार के दीपक जलायें।घिर रहा जो हर दिशा में रोग कोरोना भगायें। बादलों में रवि छुपा है साँझ होने से भी पहले,दीप संयम के जलाकर बांध दें तम की बलायें। ये बला है व्योम की या चीन की ये चालबाजी,भूमि से नभ को दिखायें चाँद जैसी … Read more

यह ही तो सौदा है जग में

सरफ़राज़ हुसैन ‘फ़राज़’मुरादाबाद (उत्तरप्रदेश)**************************** प्यार ‘में ख़तरा नहीं होता किसी नुक़सान का।यह ही तो सौदा है जग में दोस्तों फ़ैज़ान का। फूल कलियाँ माहो अन्जुम या के हो यह कहकशाँ,कोई भी ‘सानी नहीं है आपकी मुस्कान का। उम्रभर खायी हैं दिलबर झूठी क़समें आपने,कैसे कर लें हम भरोसा आप ‘के पैमान ‘का। यह ‘किताबुल्लाह भी … Read more