सहारा जाने कहाँ है

सूरज कुमार साहू ‘नील` भोपाल (मध्यप्रदेश) ***************************************************************** आज हम हैं हारे से सहारा जाने कहाँ है, लगाकर आस बैठे थे किनारा जाने कहाँ है। चल कर थक गए हम हर राह में यारों, जिसकी तलाश थी वो यारा जाने कहाँ है ? घर से घूमने ख़ातिर हम निकले थे बस, संदेशा फैल गया वह बेचारा … Read more

मान मेरा कहा,घर से बाहर न जा

अवधेश कुमार ‘अवध’ मेघालय ******************************************************************** हादसों का शहर है,न जाओ सजन, अब तो घर में समय को बिताओ सजन। वायरस मौत बनकर रही घूमती, हाथ उससे नहीं तुम मिलाओ सजन। थूकते कुछ अमानुष,इधर से उधर, उनसे खुद भी बचो फिर बचाओ सजन। हाथ डंडा लिये,घूमती है पुलिस, इस उमर में न इज्जत लुटाओ सजन। हाथ … Read more

दिल में प्यार होना चाहिए

कृष्ण कुमार कश्यप गरियाबंद (छत्तीसगढ़) ******************************************************************* (रचनाशिल्प-२१२२ २१२२ २१२२ २१२) हाल-ए-दिल पहचानें,दिलदार होना चाहिए। भावना निस्वार्थ, दिल में प्यार होना चाहिए। बिक रहा ईमान सबका आज घर बाजार में, इश्क जो मानें ख़ुदा,वो यार होना चाहिए। राह मुश्किल सच की है पर है यही तो जिंदगी, ‘सारथी’ इस रथ का पर दमदार होना चाहिए। लोग … Read more

बाजारी रहेगी

डॉ.जियाउर रहमान जाफरी नालंदा (बिहार) *********************************************************************** ये जब तक उनमें बीमारी रहेगी। सियासत की तरफदारी रहेगी। हम उसमें ढूंढते ही सच रहेंगे, वो बातें सिर्फ अखबारी रहेगी। ग़रीबों से कहां का वास्ता है, तुम्हारी बस अदाकारी रहेगी। रहेंगे जब तलक नस्लों के झगड़े, जहां तक हो महामारी रहेगी। दिखाएंगे भला हम क्या हुनर को, अगर … Read more

…और सताया न जायेगा

अब्दुल हमीद इदरीसी ‘हमीद कानपुरी’ कानपुर(उत्तर प्रदेश) ***************************************************************** अब रौशनी को और सताया न जायेगा। जलता हुआ चराग बुझाया न जायेगा। मग़रूर अब किसी को बनाया न जायेगा। जो जा चुका है उसको बुलाया न जायेगा। अम्नो सुकून हो न सकेगा यहाँ कभी, जब तक अना को मार भगाया न जायेगा। क्यूँ आईने को तोड़ने … Read more

हर्ष भरा यह आज सफ़र है

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरे मंडला(मध्यप्रदेश) *********************************************************************** जीवन घर तक,पर सुखकर है। कितना प्यारा लगता दर है। अब विराम में भी गति लगती, हर्ष भरा यह आज सफ़र है। जीवन लगता एक ग़ज़ल-सा, खुशियों से लबरेज बहर है। शांत रहो,खामोश रहो सब, अंधकार के बाद सहर है। ऊंचा उड़ना नहीं रुकेगा, कायम मेरा हर इक पर … Read more

वो

अवधेश कुमार ‘अवध’ मेघालय ******************************************************************** मुझे मालूम है कंधे से उठ,सर पर चढ़ेगा वो, मगर खुश हूँ कि है मेरा लहू,मुझसे बढ़ेगा वो। तुम्हें तख़लीफ़ क्यों होती,बताओ देखकर झुकते, पढ़ाया जो उसे मैंने,वही सब तो पढ़ेगा वो। यही दस्तूर है जग का कि जैसा बीज फल वैसा, मिलेगा गुरु जिसे जैसा,उसी जैसा गढ़ेगा वो। चला … Read more

नवयुग का संदेश सुन

डॉ.धारा बल्लभ पाण्डेय’आलोक’ अल्मोड़ा(उत्तराखंड) ***************************************************************************** नवयुग का संदेश सुन,सुधर जरा इंसान। देख रहा भगवान है,मत कर तू अभिमान॥ छेड़छाड़ तू प्रकृति से,करता बारम्बार। देख रहा तू आज है,अपना यह अपमान॥ मानवता को छोड़कर,वैज्ञानिकता दंभ। करतूतें करता रहा,देख खुदा हैरान॥ स्वार्थ,लोभ,संचय प्रवृत्ति,बन बैठा यमदूत। खुद ओखल में सिर धरे,लाया मौत जहान॥ दूर हुआ भगवान से,नैतिकता से … Read more

बाहर तुम अब आना-जाना छोड़ो भी

अब्दुल हमीद इदरीसी ‘हमीद कानपुरी’ कानपुर(उत्तर प्रदेश) ***************************************************************** व्यवहार पुराना मनमाना छोड़ो भी। शोले-अंगारे बरसाना छोड़ो भी। मिलने-जुलने पर पाबंदी आयद है, बाहर तुम अब आना-जाना छोड़ो भी। चारागर की बात ज़रा सी सुन लो अब, चाट पकौड़ी ज़्यादा खाना छोड़ो भी। लेकर आयी है दुनिया संगीत नया, कल का वो ही राग पुराना छोड़ो … Read more

यही वक़्त कहता है

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरे मंडला(मध्यप्रदेश) *********************************************************************** अपने को ख़ुद आप बचाओ,यही वक़्त कहता है, घर रहने में ना सकुचाओ,यही वक़्त कहता है। सारा कुछ प्रतिकूल हो गया,सबके रंग उड़े हैं, पर बिलकुल भी ना घबराओ,यही वक़्त कहता है। जीवन के सुर बिखर रहे हैं,पर हिम्मत न हारो, सब मिल सारेगामा गाओ,यही वक़्त कहता है। क़दम … Read more