सहारा जाने कहाँ है
सूरज कुमार साहू ‘नील` भोपाल (मध्यप्रदेश) ***************************************************************** आज हम हैं हारे से सहारा जाने कहाँ है, लगाकर आस बैठे थे किनारा जाने कहाँ है। चल कर थक गए हम हर राह में यारों, जिसकी तलाश थी वो यारा जाने कहाँ है ? घर से घूमने ख़ातिर हम निकले थे बस, संदेशा फैल गया वह बेचारा … Read more