मैं मदहोश न हो जाती क्यों-कर

सलिल सरोज नौलागढ़ (बिहार) ******************************************************************** न जाने किनका ख्याल आ गया। रूखे-रौशन पे जमाल आ गया। जो झटक दिया इन जुल्फों को, ज़माने भर का सवाल आ गया। मैं मदहोश न हो जाती क्यों-कर, खुशबू बिखेरता रूमाल आ गया। मैं मिट जाऊँगी अपने दिलबर पे, बदन तोड़ता जालिम साल आ गया। मेरे हर अंग पे … Read more

नज़रिया

निर्मल कुमार शर्मा  ‘निर्मल’ जयपुर (राजस्थान) ***************************************************** नज़र इसकी,नज़र उसकी नजारा इक,नज़रिये दो, मुक़ाबिल तो,है होना ही वजह हो,चाहे या ना होl कर है प्रार्थना नित ये परस्तिश रोज करता वो, ये भगवन देखे मूरत में महज़ बुत कहता उसको वोl शिवाले में जो शिव इसका संगे असवद है उसका वो, मगर जिद का ये आलम … Read more

दिल से लगा लिया

प्रदीपमणि तिवारी ध्रुव भोपाली भोपाल(मध्यप्रदेश) **************************************************************************** हमने तुम्हारे नाम की माला बना लिया। जपना तुम्हारा नाम ये बीड़ा उठा लिया। दिल ने कहा जो दरमियां अपने कहीं न है, माना तुम्हें है यार भी दिल में बिठा लिया। आसां नहीं ये इश्कदां होना ग़ुनाह भी, हमने किया है शक्ल में खुद के लिखा लिया। दीवानगी है … Read more

घाव तलवार से नहीं होता

अब्दुल हमीद इदरीसी ‘हमीद कानपुरी’ कानपुर(उत्तर प्रदेश) ***************************************************** वो कभी मार से नहीं होता। काम जो प्यार से नहीं होता। आज तकनीक़ का ज़माना है, वार तलवार से नहीं होता। घाव होता जो लफ़्ज़ से यारों, घाव तलवार से नहीं होता। घाव करते हैं फूल गहरा जो, घाव वो खार से नहीं होता। काम पूरा … Read more

जीवन की किताब ने पढ़ाया बहुत

मोहित जागेटिया भीलवाड़ा(राजस्थान) ************************************************************************** लोगों के प्यार ने हमें सिखाया बहुत है। अपनों के वार ने हमें बढ़ाया बहुत है। हम उन किताबों से जितना सीख नहीं पाए, पर जीवन की किताब ने पढ़ाया बहुत है। दुश्मन की हर घात को दिल पर सहते रहे, प्रेम के शब्द से रिश्ता निभाया बहुत है। कभी चल … Read more

हमारा तुम्हारा जभी सामना हो

अवधेश कुमार ‘आशुतोष’ खगड़िया (बिहार) **************************************************************************** (रचनाशिल्प:१२२ १२२ १२२ १२२) हमारा तुम्हारा जभी सामना हो, बढ़े प्यार दिल में,निरंतर घना हो। सबेरे उठें हम,सुनें बात दिल की, रहे जग सुखी नित,यही प्रार्थना हो। जिधर आँख डालें,सुमन बस खिला हो, चमन हर दिशा में,महक से सना हो। हसीं चांदनी हो,निशा भी जवां हो, कटे प्यार में … Read more

अंधेरा क्यूँ है

पूनम दुबे सरगुजा(छत्तीसगढ़)  ****************************************************************************** किया है रौशनी फिर भी,अंधेरा क्यूँ है। घिरा है मन उदासियों से,परेशां क्यूँ है। किया है… जो गुज़र गया है,उसे भूलाने की आदत है, फिर भी सुबह का,सबेरा सोया क्यूँ है। किया है रौशनी… आँखों के आंसू,कभी सूखे ही नहीं, फिर इतना गहरा कोहरा क्यूँ है। किया है रौशनी… सब कुछ … Read more

ख़त मेरा खोला उसने सबके जाने के बाद

सलिल सरोज नौलागढ़ (बिहार) ******************************************************************** खत मेरा खोला उसने सबके जाने के बाद। दिल हुआ रोशन,शमा बुझाने के बाद। महफ़िल चुप थी मेरी चुप्पी के साथ, हुआ हंगामा मेरे हलफ उठाने के बाद। जो अब तक देखा वो कुछ भी नहीं था, कयामत हुई उनके दुपट्टा गिराने के बाद। माँ को समझाया,मैं जरूर आऊँगा, पर … Read more

हल्का करो ज़रा मन को

अब्दुल हमीद इदरीसी ‘हमीद कानपुरी’ कानपुर(उत्तर प्रदेश) ***************************************************** जानते दीन को न दुनिया को, कह रहे हैं कि रहबरी दे दो। कह के हल्का करो ज़रा मन को, बेसबब दर्द क्यूँ रहे हो ढो। रब मआ़फ़ी ज़रूर देगा ही, मैल दिल का अगर लिया हो धो। काम कोई ग़लत नहीं होगा, ख़ौफ़ से रब के … Read more

नजर का वार

अवधेश कुमार ‘आशुतोष’ खगड़िया (बिहार) **************************************************************************** नजर का वार दिल पर कर गया है। नयन की मार से वह मर गया है। जिसे देखा नहीं हमने नजर भर, उसी से नैन मेरा लड़ गया है। दगा जिसने दिया है प्यार को ही, समझ लो प्यार से जी भर गया है। भयानक आंधियों को देखते ही, … Read more